साइको क्राइम: 15 साल में 50 लडकियों का यौन शोषण, जानिये युवा लड़कियों को कैसे अपने जाल में फंसाता था साइकोलॉजिस्ट
उसने कई यात्राएं और शिविर आयोजित किए, जहां वह उनका यौन शोषण करता था और अश्लील तस्वीरें खींचता था। बाद में उसी तस्वीरों से पीड़ित लड़कियों को ब्लैकमेल करता था। साइकोलॉजिस्ट की घिनौनी करतूतों का पर्दाफाश एक पूर्व छात्रा ने ...
By INA News Nagpur.
महाराष्ट्र के नागपुर (Nagpur Psychologist) से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक मनोवैज्ञानिक (Psychologist) ने कथित तौर पर पिछले 15 वर्षों में कम से कम 50 विद्यार्थियों को ब्लैकमेल कर उनका यौन शोषण किया। पुलिस ने 45 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, दो बच्चों के आरोपी पिता राजेश ढोके नामक मनोवैज्ञानिक ने आवासीय शिविरों में परामर्श देने के नाम पर युवा लड़कियों को बहकाया।
फिलहाल, पुलिस ने आरोपी राजेश के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत तीन मामले दर्ज किए गए हैं। पिछले 15 वर्षों में आरोपी ने 50 से भी ज्यादा महिलाओं और बच्चियों को अपना शिकार बनाया। आरोपी साइकोलॉजिस्ट विद्यार्थियों खासकर लड़कियों को व्यक्तिगत और व्यावसायिक मदद का वादा कर लुभाता था।
उसने कई यात्राएं और शिविर आयोजित किए, जहां वह उनका यौन शोषण करता था और अश्लील तस्वीरें खींचता था। बाद में उसी तस्वीरों से पीड़ित लड़कियों को ब्लैकमेल करता था। साइकोलॉजिस्ट की घिनौनी करतूतों का पर्दाफाश एक पूर्व छात्रा ने किया। दरअसल आरोपी उसे बार-बार ब्लैकमेल करता था, इससे तंग आकर उसने पुलिस से संपर्क किया। अधिकारी ने बताया कि कई पीड़िताओं की अब शादी हो चुकी हैं।
ऐसे में वह शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस से संपर्क करने में संकोच कर सकती हैं। इस मामले में पुलिस अधिकारी का कहना है कि, आरोपी राजेश पीड़ितों की अश्लील तस्वीरें भी खींचता था और फिर उन्हें ब्लैकमेल करता था, ताकि वे पुलिस को घटना की सूचना न दें।
इसके साथ ही वह लड़कियों की शादी हो जाने के बाद भी वह उन्हें धमकाकर उनका बलात्कार करता रहा। हालांकि, राजेश पर अपने इलाके की कई महिलाओं से छेड़छाड़ का भी आरोप है। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़ितों की सहायता तथा मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष समिति गठित की है। वहीं, नागपुर पुलिस को आरोपी राजेश के घर के पास से सीसीटीवी भी फुटेज मिली है, जिसमें राजेश महिलाओं के साथ गलत हरकतें करते हुए दिखाई दे रहा है।
इसके चलते कई बार मनोवैज्ञानिक राजेश की पिटाई भी हो चुकी है, लेकिन उसकी हरकतों में कोई बदलाव नहीं आया। उसके कारनामों का मामला तब उजागर हुआ जब एक महिला ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया। वह महिला को बार-बार मिलने के लिए बुला रहा था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी पर पॉक्सो अधिनियम और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
इस शख्स से जुड़ा पहला मामला नवंबर महीने में नागपुर के हुड़केश्वर थाने में दर्ज किया गया था। इसके बाद अबतक तीन केस दर्ज हुए हैं और पुलिस को उम्मीद है कि पीड़तों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। पुलिस ने पीड़ितों से अपील की है कि वे बिना डर के थाने में आएं और अपने साथ हुए अत्याचार के बारे में बताएं तभी उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इस मामले में एक कमेटी भी स्थापित की गई है, जिसका नेतृत्व आईपीएस स्तर के अधिकारी कर रहे हैं।
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