मेघालय हनीमून हत्याकांड: सोनम की आखिरी कॉल और राजा की मौत का अनसुलझा रहस्य।
राजा का शव 2 जून को वेईसावडॉन्ग झरने की खाई में मिला, सिर पर 'दाओ' से वार, हत्या को लूटपाट का रूप देने की कोशिश..
हाइलाइट्स:
- इंदौर के नवविवाहित जोड़े राजा और सोनम रघुवंशी के मेघालय हनीमून ने लिया खौफनाक मोड़, राजा की हत्या, सोनम पर साजिश का आरोप।
- सोनम ने 23 मई को सास उमा रघुवंशी से आखिरी कॉल पर कहा, "हम जंगल में घूमने जा रहे हैं," इसके बाद फोन बंद।
- मेघालय पुलिस ने सोनम को गाजीपुर के ढाबे से गिरफ्तार किया, दावा- प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर रची थी हत्या की साजिश।
- सोनम के भाई गोविंद ने कहा, "17 दिन शिलांग में ढूंढा, अगर दोषी है तो फांसी दो"; परिवार ने मांगी CBI जांच।
- राजा की मां ने सोनम के लिए मृत्युदंड की मांग की, बोलीं- "मेरे बेटे को धोखे से मारा।"
इंदौर के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले राजा और सोनम रघुवंशी की शादी 11 मई 2025 को धूमधाम से हुई थी। यह जोड़ा 20 मई को मेघालय के शिलांग हनीमून के लिए रवाना हुआ, लेकिन उनकी यह रोमांटिक यात्रा एक सनसनीखेज हत्याकांड में बदल गई। 23 मई को सोनम की अपनी सास उमा रघुवंशी के साथ आखिरी कॉल ने इस मामले में कई सवाल खड़े किए हैं। इस कॉल में सोनम ने कहा था, "हम जंगल में घूमने जा रहे हैं," और इसके बाद दोनों का फोन बंद हो गया। 2 जून को राजा का शव शिलांग के वेईसावडॉन्ग झरने की खाई में मिला, और 9 जून को सोनम गाजीपुर के एक ढाबे पर मिली। मेघालय पुलिस का दावा है कि सोनम ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची थी।
- सोनम की आखिरी कॉल: हत्याकांड का पहला सुराग
23 मई 2025 की दोपहर को सोनम ने अपनी सास उमा रघुवंशी को फोन किया। उमा ने बताया कि सोनम ने कॉल में उत्साह भरे लहजे में कहा, "हम शिलांग के जंगल में घूमने जा रहे हैं। यह जगह बहुत खूबसूरत है।" उमा के अनुसार, सोनम ने यह भी बताया कि वे एक किराए की स्कूटी से नोंगरीयट गांव के पास वेईसावडॉन्ग झरने की ओर जा रहे थे। यह कॉल राजा और सोनम की आखिरी ज्ञात बातचीत थी। इसके बाद दोनों का फोन बंद हो गया, और परिवार से संपर्क टूट गया।
उमा ने बताया कि उन्हें उस समय कुछ भी असामान्य नहीं लगा, क्योंकि सोनम और राजा की शादी को अभी कुछ ही दिन हुए थे, और दोनों खुशहाल लग रहे थे। लेकिन जब 24 मई को उनकी किराए की स्कूटी सोहरिम में लावारिस हालत में मिली, तो परिवार को चिंता हुई। उमा ने तुरंत अपने रिश्तेदारों को शिलांग भेजा, और मेघालय पुलिस को सूचित किया गया। 2 जून को वेईसावडॉन्ग झरने की खाई में राजा का शव मिला, जिसकी पहचान उसके दाहिने हाथ पर बने 'राजा' टैटू से हुई। पोस्टमॉर्टम में पुष्टि हुई कि राजा की हत्या सिर पर धारदार हथियार 'दाओ' से दो बार वार करके और खाई में फेंककर की गई थी।
- सोनम की गाजीपुर में वापसी: ढाबे पर रात 1 बजे की कहानी
9 जून 2025 की रात करीब 1 बजे, उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के नंदगंज थाना क्षेत्र में NH-31 पर स्थित काशी चाय जायका ढाबे पर सोनम रघुवंशी पैदल पहुंची। ढाबा मालिक साहिल यादव ने बताया कि सोनम बदहवास और रोती हुई थी। उसने साहिल से फोन मांगकर अपने भाई गोविंद रघुवंशी से बात की और अपनी लोकेशन बताई। साहिल ने गोविंद के कहने पर डायल-112 पर पुलिस को सूचित किया। नंदगंज पुलिस ने सोनम को हिरासत में लिया और गाजीपुर के सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद उसे सखी वन स्टॉप सेंटर में रखा।
सोनम ने पुलिस को बताया कि वह मेघालय में बदमाशों के हमले का शिकार हुई थी। उसने दावा किया कि कुछ लोगों ने उनके गहने लूटने की कोशिश की, और राजा के विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी गई। सोनम ने कहा कि वह इस घटना के बाद बेहोश हो गई और उसे नहीं पता कि वह गाजीपुर कैसे पहुंची। हालांकि, मेघालय पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि सोनम ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा, विशाल उर्फ विक्की ठाकुर, आकाश राजपूत, और आनंद कुर्मी के साथ मिलकर हत्या की स Kangaroo Court (social media trial)ाजिश रची थी
- मेघालय पुलिस का दावा: सोनम थी मास्टरमाइंड
मेघालय पुलिस ने इस मामले में सनसनीखेज खुलासा करते हुए दावा किया कि सोनम रघुवंशी ही इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड थी। ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक स्येंम ने बताया कि सोनम ने हनीमून के टिकट खुद बुक किए और राजा को सोने की चेन पहनने के लिए कहा, जिसे बाद में लूट लिया गया ताकि हत्या को लूटपाट का रूप दिया जा सके। पुलिस ने चार आरोपियों—सोनम, राज कुशवाहा, विशाल ठाकुर, और आकाश राजपूत—को गिरफ्तार किया है। चौथा आरोपी आनंद कुर्मी सागर के बसारी गांव से पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, हत्या 23 मई को नोंगरीयट गांव के पास वेईसावडॉन्ग झरने पर की गई। हत्या में इस्तेमाल हथियार 'दाओ' और राजा का मोबाइल बरामद कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि सोनम ने सुपारी देकर हत्या करवाई, और उसकी कॉल का समय और सामग्री इस साजिश का हिस्सा थी।
- सोनम के भाई का सनसनीखेज बयान
सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी, जो 23 मई से शिलांग में अपनी बहन की तलाश में थे, ने गाजीपुर पहुंचकर कहा, "मैंने 17 दिन तक शिलांग के जंगलों और गांवों में सोनम को ढूंढा। 9 जून की रात उसका फोन आया, और मैं तुरंत गाजीपुर आया। अगर वह दोषी है, तो उसे फांसी दे दी जाए।" गोविंद का यह बयान इस मामले में एक नैतिक और भावनात्मक मोड़ लाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह मेघालय पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं और CBI जांच की मांग करते हैं।
- परिवारों के बीच तनाव: मृत्युदंड की मांग
राजा की मां उमा रघुवंशी ने सोनम पर गहरा गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, "सोनम ने मेरे बेटे को धोखे से मेघालय ले जाकर मरवाया। अगर वह दोषी है, तो उसे जिंदा जलाया जाए।" उमा ने बताया कि सोनम ने शादी से पहले और बाद में कोई असंतुष्टि नहीं दिखाई थी, जिससे यह साजिश और चौंकाने वाली लगती है।
वहीं, सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी ने अपनी बेटी को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा, "सोनम ऐसी साजिश नहीं रच सकती। हम CBI जांच चाहते हैं ताकि सच्चाई सामने आए।" सोनम के परिवार ने मेघालय पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया है।
- सामाजिक प्रतिक्रिया और CBI जांच की मांग
इस मामले ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। X पर कई यूजर्स ने सोनम की आखिरी कॉल और उसकी गाजीपुर में अचानक उपस्थिति पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, "सोनम की कॉल में कुछ तो रहस्य है। क्या वह वाकई साजिश का हिस्सा थी?" मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से CBI जांच की अपील की है। रघुवंशी समुदाय ने भी इस मामले में न्याय की मांग की है।
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- अनसुलझे सवाल
सोनम की आखिरी कॉल इस हत्याकांड का एक महत्वपूर्ण सुराग है, लेकिन कई सवाल अनुत्तरित हैं:
क्या सोनम की कॉल साजिश का हिस्सा थी, या वह वाकई जंगल में घूमने की बात कर रही थी?
सोनम शिलांग से गाजीपुर कैसे पहुंची, और क्या उसका अपहरण हुआ था, जैसा कि उसने दावा किया?
राज कुशवाहा और अन्य आरोपियों की साजिश में सटीक भूमिका क्या थी?
मेघालय पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, जीपीएस डेटा, और गवाहों के बयानों के आधार पर जांच शुरू की है। सोनम को 10 जून को गाजीपुर कोर्ट ने तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर मेघालय पुलिस को सौंप दिया।
सोनम रघुवंशी की अपनी सास के साथ आखिरी कॉल इस हत्याकांड का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। यह कॉल, जो शुरू में एक सामान्य बातचीत लग रही थी, अब इस साजिश के केंद्र में है। मेघालय पुलिस का दावा है कि सोनम ने सुनियोजित तरीके से राजा की हत्या करवाई, जबकि उसका परिवार उसे निर्दोष मानता है।
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