रितेश देशमुख ने शिवाजी महाराज पर धीरेंद्र शास्त्री के बयान को बताया 'बकवास', विवाद बढ़ने पर बागेश्वर बाबा ने मांगी माफी।

फिल्म अभिनेता और निर्देशक रितेश देशमुख ने हाल ही में बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज के संदर्भ

By INA News Desk
Apr 27, 2026 - 14:56
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रितेश देशमुख ने शिवाजी महाराज पर धीरेंद्र शास्त्री के बयान को बताया 'बकवास', विवाद बढ़ने पर बागेश्वर बाबा ने मांगी माफी।
रितेश देशमुख ने शिवाजी महाराज पर धीरेंद्र शास्त्री के बयान को बताया 'बकवास', विवाद बढ़ने पर बागेश्वर बाबा ने मांगी माफी।
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  • छत्रपति शिवाजी महाराज के अपमान पर रितेश देशमुख का कड़ा प्रहार, फिल्म 'राजा शिवाजी' की चर्चाओं के बीच गरमाया सियासी और सामाजिक माहौल
  • आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी से भड़के रितेश देशमुख, मराठा गौरव पर छिड़ी बहस के बाद कथावाचक ने शब्दों को वापस लेने का किया ऐलान

फिल्म अभिनेता और निर्देशक रितेश देशमुख ने हाल ही में बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज के संदर्भ में दी गई एक टिप्पणी पर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। रितेश, जो वर्तमान में महान मराठा शासक के जीवन पर आधारित अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म परियोजना 'राजा शिवाजी' पर काम कर रहे हैं, उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के शब्दों को पूरी तरह से अनुचित और तर्कहीन करार दिया। अभिनेता ने स्पष्ट किया कि शिवाजी महाराज केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं हैं, बल्कि वे करोड़ों लोगों की आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक हैं, इसलिए उनके बारे में किसी भी प्रकार की भ्रामक या अपमानजनक बात को स्वीकार नहीं किया जा सकता। रितेश का यह रुख सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोर रहा है, क्योंकि उन्होंने बहुत ही सीधे और सख्त शब्दों में अपनी बात रखी है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एक कथा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में कुछ ऐसी बातें कहीं जिन्हें लोगों ने उनके कद को छोटा करने की कोशिश के रूप में देखा। इस वीडियो के सामने आने के बाद महाराष्ट्र सहित देश के अन्य हिस्सों में व्यापक असंतोष देखने को मिला। रितेश देशमुख ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग इतिहास की सही जानकारी नहीं रखते, उन्हें महापुरुषों पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए। रितेश ने धीरेंद्र शास्त्री के उस तर्क को पूरी तरह से खारिज कर दिया जिसमें शिवाजी महाराज के संदर्भ में कुछ विवादित दावे किए गए थे। अभिनेता ने इसे ऐतिहासिक तथ्यों के साथ खिलवाड़ और 'बकवास' बताया।

शिवाजी महाराज के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा के लिए पहचाने जाने वाले रितेश देशमुख ने इस बात पर जोर दिया कि महापुरुषों का सम्मान किसी भी धार्मिक या आध्यात्मिक व्याख्या से ऊपर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन और उनके संस्कार आज भी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। ऐसे में किसी सार्वजनिक मंच से उनके बारे में गलत जानकारी फैलाना न केवल गलत है, बल्कि यह उन भावनाओं को आहत करता है जो इस माटी से जुड़ी हुई हैं। रितेश ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह नहीं है कि कोई भी किसी के गौरवशाली इतिहास को अपनी मर्जी से तोड़-मरोड़ कर पेश करे। जैसे ही रितेश देशमुख का यह बयान सामने आया और महाराष्ट्र के विभिन्न संगठनों ने इस पर विरोध दर्ज कराना शुरू किया, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की मुश्किलें बढ़ती नजर आईं। कई राजनीतिक दलों और सांस्कृतिक समूहों ने धीरेंद्र शास्त्री से तुरंत माफी की मांग की। बढ़ते दबाव और लोगों की भावनाओं को देखते हुए, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना या शिवाजी महाराज का अनादर करना नहीं था। उन्होंने अपनी टिप्पणी के लिए खेद प्रकट किया और कहा कि वह शिवाजी महाराज का बहुत सम्मान करते हैं और उन्हें अपना आदर्श मानते हैं।

फिल्म 'राजा शिवाजी' का महत्व

रितेश देशमुख इन दिनों अपनी सबसे बड़ी फिल्म 'राजा शिवाजी' के निर्माण में व्यस्त हैं। यह फिल्म न केवल उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि वह इसे एक भावनात्मक प्रोजेक्ट मान रहे हैं। ऐसे समय में जब वह शिवाजी महाराज के जीवन के हर पहलू को गहराई से पढ़ रहे हैं, किसी भी प्रकार की गलत टिप्पणी उन्हें व्यक्तिगत तौर पर भी आहत करती है।

विवाद के शांत होने की प्रक्रिया के बीच रितेश देशमुख ने यह भी संदेश दिया कि इतिहास को लेकर संवेदनशीलता बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब हम किसी बड़े व्यक्तित्व की बात करते हैं, तो हमारे पास उनके योगदान की पूरी जानकारी होनी चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री द्वारा माफी मांगे जाने के बाद स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले व्यक्तियों को ऐतिहासिक हस्तियों के बारे में बात करते समय कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। रितेश का मानना है कि शिवाजी महाराज का नाम राजनीति या विवादों से ऊपर रहना चाहिए क्योंकि वे पूरे देश की धरोहर हैं। इस पूरी घटना के पीछे रितेश देशमुख की आने वाली फिल्म का संदर्भ भी काफी अहम माना जा रहा है। वह इस फिल्म के जरिए शिवाजी महाराज की वीरता और उनके प्रशासन की गाथा को वैश्विक स्तर पर ले जाना चाहते हैं। रितेश ने अपनी प्रतिक्रिया में यह भी संकेत दिया कि वह इस तरह के किसी भी प्रयास का विरोध करते रहेंगे जो उनके आदर्श के सम्मान को कम करने की कोशिश करेगा। उनके इस कड़े विरोध को फिल्म जगत और आम जनता की ओर से भी समर्थन मिला है, क्योंकि लोग शिवाजी महाराज के सम्मान को लेकर काफी संवेदनशील रहते हैं।

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