Sambhal : ‘वंदे मातरम्’ पर सियासत गरम: सपा विधायक इकबाल महमूद बोले- “सम्मान करते हैं, लेकिन पहले विधानसभा में होगी बहस”
मीडिया से बातचीत में इकबाल महमूद ने कहा कि “जब यह प्रस्ताव विधानसभा में आएगा, तब समाजवादी पार्टी अपनी पॉलिसी तय करेगी और उस पर चर्चा होगी।” उन्होंने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय गान ‘जन-गण-मन’ का सभी सम्मान करते हैं और करना भी चाहिए,
Report : उवैस दानिश, सम्भल
‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय गान जैसी कानूनी मान्यता देने और अनादर पर सज़ा के प्रस्ताव को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक इकबाल महमूद ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी यह केवल कैबिनेट से पास हुआ है, अंतिम फैसला विधानसभा में बहस के बाद होगा।
मीडिया से बातचीत में इकबाल महमूद ने कहा कि “जब यह प्रस्ताव विधानसभा में आएगा, तब समाजवादी पार्टी अपनी पॉलिसी तय करेगी और उस पर चर्चा होगी।” उन्होंने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय गान ‘जन-गण-मन’ का सभी सम्मान करते हैं और करना भी चाहिए, क्योंकि वह देश का आधिकारिक नेशनल एंथम है। हालांकि बातचीत के दौरान जब रिपोर्टर ने ‘वंदे मातरम्’ की पंक्तियाँ सुनाईं, तो विधायक ने कहा कि उन्हें पूरा गीत याद नहीं है और देश के अधिकांश लोग इसे पूरी तरह नहीं जानते। उन्होंने दावा किया कि “95 प्रतिशत लोग इसे नहीं पढ़ते और नहीं जानते।” वहीं, रिपोर्टर ने जब पूछा कि कैबिनेट प्रस्ताव के अनुसार ‘वंदे मातरम्’ का सम्मान न करने पर तीन साल की सज़ा हो सकती है, तो इकबाल महमूद ने जवाब दिया - “सम्मान तो करता हूँ।” इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। एक तरफ भाजपा और राष्ट्रवादी संगठनों द्वारा ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्र सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर कानूनी और संवैधानिक बहस की बात कर रहा है।
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