शर्मनाक- भगदड़ के बीच जेबकतरों ने यात्रियों को लूटा, भीषण आपदा के बीच शर्मसार करने वाली तस्वीरें आईं सामने
जिस दौरान भगदड़ मच रही थी, उस समय जेब कतरे ब्लेड और चाकू का इस्तेमाल कर लोगों की जेब काट रहे थे। इसमें कई लोगों को ब्लेड और चाकू से चोट भी लगी है। उसकी वजह से भगदड़ और म....
By INA News New Delhi.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी की रात एक भीषण भगदड़ (Stampede) ने 18 लोगों की जान ले ली। यह घटना तब हुई जब एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के दौरान यात्रियों के बीच अफरातफरी मच गई। इस भीड़-भाड़ में लोगों की जेब काटने के लिए जेबकतरों ने चाकू और ब्लेड का इस्तेमाल किया, जिससे और ज्यादा हंगामा हुआ और भगदड़ (Stampede) बढ़ गई। घायलों को मदद पहुंचाने में लगभग 45 मिनट का समय लग गया, जिससे स्थिति और खराब हो गई। यह घटना न सिर्फ दिल दहला देने वाली है, बल्कि इसने रेलवे प्रशासन की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खोल दी है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार (15 फरवरी) की रात जो हादसा हुआ, वह किसी के भी दिल को झकझोर देगा।
अनियंत्रित भीड़ में भगदड़ (Stampede) मचने के बाद 18 लोगों की कुचलने, दबने और दम घुटने से मौत हो गई है। इसी बीच एक ऐसी अमानवीय हरकत भी सामने आ रही है, जिसे जान आप भी हैरान हो जाएंगे। दरअसल, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस दौरान भगदड़ (Stampede) मच रही थी, उस समय जेब कतरे ब्लेड और चाकू का इस्तेमाल कर लोगों की जेब काट रहे थे। इसमें कई लोगों को ब्लेड और चाकू से चोट भी लगी है। उसकी वजह से भगदड़ (Stampede) और मच गई। वहीं, प्रत्यक्षदर्शियो के मुताबिक, घटना के बाद घायलों को सहायता मुहैया कराने में करीब 45 मिनट का वक्त लग गया।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बीती रात हुई भगदड़ (Stampede) के दौरान सागरपुर की रहने वाली 7 साल की बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। उस मंजर को याद कर उसके पिता ने रुंधे गले से बताया कि कैसे प्लेटफार्म नंबर 14 पर भारी भीड़ जमा हो गई। भगदड़ (Stampede) मचा तो वह प्रयागराज जाने की बात छोड़कर घर वापसी के लिए पुल की सीढ़ी पर चढ़ने लगे, लेकिन सामने से काफी संख्या में लोग आ रहे थे और अपना-अपना सामान फेंकते हुए भाग रहे थे। मुतक बच्ची के पिता ने बताया कि उनकी बच्ची का हाथ छूटा और वह सीढ़ी के साथ वाले हिस्से में घुसे और वही लोहे का एक कील उसके सिर में घुस गया। इसके बाद बच्ची को अस्पताल पहुंचाने की मदद को लेकर इधर-उधर भागते रहे, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
बाद में खुद से आधे घंटे के अंदर बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई। उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो बिटिया थी। सबसे छोटी बिटिया रिया थी, जिसकी मौत हो गई। पूरा परिवार इस घटना से सदमे में है। उन्होंने कहा कि उसके घर की खुशियां उजड़ गई, जिस बच्चे के साथ वह खेलते, उठते बैठते थे वह उनसे दूर हो गई। महावीर एनक्लेव पार्ट वन में रहने वाली पूनम नाम की एक महिला की भी मौत हो गई। मृतक पूनम अपनी दो सहेलियों के साथ प्रयागराज के लिए घर से निकली थी, लेकिन देर रात परिवार वालों को इस घटना की जानकारी मिली।
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परिवार वालों का कहना है कि रात दस बजे से लेकर सुबह 3 तक अस्पताल के चक्कर काटते रहे, लेकिन उनके परिजनों को कहां भर्ती कराया गया है, कोई जानकारी नहीं मिली, वह धक्के खाते रहे। परिवार वालों से मिली जानकारी के अनुसार पूनम और उनकी सहेली का ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं था, लेकिन रात में स्टेशन पर भीड़ को देखते हुए वह घर वापस आने की बात फोन पर अपने परिवार वाले को बताई थी, उसके बाद उनका कुछ पता नहीं चला।
कुछ देर के बाद परिवार वालों ने जब संपर्क किया तो फोन बंद आ रहा था। अब परिवार वाले सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं। स्टेशन पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह घटना रात 8.00 बजे से 8.30 बजे के बीच हुई। रेलवे प्रशासन की ओर से एक ट्रेन के प्लेटफॉरम चेंज का अनाउंसमेंट किया गया। इसके चलते लोग एक प्लेटफॉर्म से दूसरे की ओर भागने लगे और भगदड़ (Stampede) मच गई। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में लोगों के पास जनरल टिकट थे।
- घटना से प्रभावित लोगों को मुआवजे का ऐलान
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ (Stampede) की घटना के प्रभावित लोगों को मुआवजे का ऐलान हो चुका है। मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये। गंभीर रूप से घायल लोगों को 2.5 लाख रुपये और मामूली रूप से घायल लोगों को एक लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। लोगों ने यह भी दावा किया है कि बड़ी ही लापरवाही से जनरल के टिकट बेचे गए हैं। बेहिसाब टिकट बेचते हुए लोगों को यह कहा गया है कि ये टिकट ले लो और जहां जगह मिले बैठ जाना, चाहे एसी हो या स्लीपर।
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