Sitapur : टड़ई खुर्द में अमृत वाटिका की बदहाली, नाले का गंदा पानी और झाड़ियों में तब्दील पार्क
सरकार की योजना के तहत शहरों की तरह गांव में भी सुंदर पार्क बनाने और पेड़ों के नीचे बैठकर सुकून पाने के लिए अमृत वाटिका बनाई गई थी। लेकिन ग्राम सचिव और प्रधा
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर जिले के सिधौली विकासखंड की ग्राम पंचायत टड़ई खुर्द में लाखों रुपये की लागत से बनी अमृत वाटिका की स्थिति बहुत खराब हो गई है। यह पंचायत कस्बे से जुड़ी हुई है। अमृत वाटिका में प्रवेश करने से पहले ही गेट के पास बहते नाले का प्रदूषित पानी मिलता है। लोगों को गंदे पानी से गुजरकर ही अंदर जाना पड़ता है। सरकार की योजना के तहत शहरों की तरह गांव में भी सुंदर पार्क बनाने और पेड़ों के नीचे बैठकर सुकून पाने के लिए अमृत वाटिका बनाई गई थी। लेकिन ग्राम सचिव और प्रधान ने निर्माण के बाद देखभाल नहीं की।
इस वजह से वाटिका जंगल और झाड़ियों में बदल गई है। बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। किनारे लगे खंभे टूटकर पड़े हैं। गंदे पानी के बहाव से अंदर जाने का कोई साफ रास्ता नहीं बचा है। परिसर में पेड़-पौधे ढूंढना मुश्किल है, लेकिन झाड़ियां और नाले का गंदा पानी आसानी से मिल जाता है। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उनके पास एक अच्छा पार्क होगा, लेकिन देखभाल के अभाव में यह सपना अधूरा रह गया। जब पंचायत सचिव सुधीर बाजपेई से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर ऐसा है तो दिखाकर सुधार करा दिया जाएगा। स्थानीय लोग इस लापरवाही से नाराज हैं और चाहते हैं कि जल्दी ही वाटिका की सफाई, मरम्मत और देखभाल की जाए ताकि यह वास्तव में अमृत जैसी जगह बन सके।
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