Sitapur : खैराबाद में दरगाह हाफिज असलम मियां में महफिल-ए-समा का आयोजन
ख्वाजा गरीब नवाज ने हमेशा एकता, अखंडता और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने आपस में मिल-जुलकर रहने, ईमानदारी से काम करने और सभी धर्मों के लोगों का
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
खैराबाद (सीतापुर) की स्थानीय दरगाह हाफिजिया अस्लमिया में रात के समय महफिल-ए-समा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम देर रात तक चला। दरगाह के सज्जादानशीन हाजी सैय्यद फुरकान वहीद हाशमी की देखरेख में हजरत ख्वाजा गरीब नवाज रहमतुल्लाह अलैह का कुल शरीफ भी हुआ। फुरकान मियां ने कहा कि शिक्षा से दूर होने की वजह से आज लोग परेशान हैं। ख्वाजा गरीब नवाज ने हमेशा एकता, अखंडता और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने आपस में मिल-जुलकर रहने, ईमानदारी से काम करने और सभी धर्मों के लोगों का सम्मान करने की शिक्षा दी। सज्जादानशीन ने देश में अमन-चैन और भाईचारा बने रहने की दुआ भी की।
इस मौके पर दरगाह कलंदरिया से लईक अहमद किरमानी, दरगाह मखदूम सैय्यद अब्दुर्रहीम रहीमाबादी के मुतवल्ली डॉक्टर सैय्यद आसिफ अली, दरगाह असलम मियां के मुतवल्ली सैय्यद नवेद असलम हाशमी सलमी मियां, सैय्यद फरजान मियां, सैय्यद फरहान मियां, सैय्यद फरमान मियां चिश्ती, कारी इस्लाम अहमद आरफी, इमरान सिद्दीकी, सैय्यद अफजाल किरमानी, हाफिज सैय्यद ताहिर किरमानी, हाफिज आरिफ, हाफिज आकिब, सैय्यद अंसार काजमी, सलीम खान, हाफिज व कारी फय्याज अहमद चिश्ती, डॉक्टर जफर याब बेग, फर्रूख सिद्दीकी, हमजा सिद्दीकी, दानियाल आरफी समेत बलरामपुर, बहराइच, नानपारा, मिहिनपुरवा, काल्पी, कानपुर आदि जगहों से श्रद्धालु मौजूद रहे। गुफरान अहमद और गुलफाम अहमद ने सूफियाना कलाम पेश किया। अंजुमन खिदमते खल्क की ओर से जरूरतमंदों को रोजमर्रा की खाद्य सामग्री और अन्य उपयोगी सामान बांटे गए। हजारों श्रद्धालुओं को हाफिजी लंगर में भोजन कराया गया।
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