Special: ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकवादी के नाम पर अस्पताल बनाने का दावा, लश्कर कमांडर का बयान

रऊफ ने अपने बयान में कहा कि यह अस्पताल "शहीद" मुदस्सर के नाम पर बनाया जाएगा और इसका उद्देश्य स्थानीय समुदाय को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना होगा। उन्हों...

May 30, 2025 - 00:13
 0  63
Special: ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकवादी के नाम पर अस्पताल बनाने का दावा, लश्कर कमांडर का बयान
प्रतीकात्मक चित्र

पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक वरिष्ठ कमांडर ने हाल ही में एक विवादास्पद बयान दिया है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए एक प्रमुख आतंकवादी के नाम पर पाकिस्तान में एक अस्पताल बनाया जाएगा। यह बयान भारत और पाकिस्तान के बीच हाल के सैन्य तनावों के बाद आया है, जिसमें भारत ने 6-7 मई 2025 की रात को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया था। इस ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के कई उच्च-स्तरीय आतंकवादी मारे गए थे। लश्कर कमांडर का यह दावा क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकता है।

लश्कर कमांडर का बयान

लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ, जो संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा नामित वैश्विक आतंकवादी है, ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकवादी मुदस्सर खादियान खास उर्फ अबू जुंदाल के सम्मान में पाकिस्तान के मुरिदके में एक अस्पताल बनाया जाएगा। मुदस्सर मुरिदके में लश्कर के मुख्यालय मार्कज तैबा का प्रभारी था और उसे 26/11 मुंबई हमलों में शामिल आतंकवादी अजमल कसाब और डेविड हेडली को प्रशिक्षण देने वाले शिविरों के संचालन के लिए जाना जाता था। हाफिज रऊफ ने यह बयान मुरिदके में आयोजित एक अंतिम संस्कार समारोह के दौरान दिया, जहां ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकवादियों को श्रद्धांजलि दी गई थी।

Also Click: Viral: इंस्टाग्राम पर प्यार, ब्लैकमेलिंग फिर स्वाति से नर्गिस बनी हिंदू युवती, आरोपी अब दूसरी शादी करने की फिराक में, पुलिस ने हिरासत में लिया

रऊफ ने अपने बयान में कहा कि यह अस्पताल "शहीद" मुदस्सर के नाम पर बनाया जाएगा और इसका उद्देश्य स्थानीय समुदाय को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना होगा। उन्होंने दावा किया कि यह कदम मुदस्सर की "बलिदान" को सम्मान देने का एक तरीका है, जिसे वे एक "मुजाहिद" के रूप में देखते हैं। इस बयान ने भारत में गंभीर चिंता पैदा की है, क्योंकि यह आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और उन्हें महिमामंडित करने का प्रयास माना जा रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर

ऑपरेशन सिंदूर भारत की ओर से 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का जवाब था, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक मारे गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली थी, जिसे भारत ने लश्कर-ए-तैयबा का एक सहयोगी संगठन बताया है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने 6-7 मई की रात को 25 मिनट के भीतर नौ आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इन ठिकानों में मुरिदके में लश्कर का मार्कज तैबा, बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मार्कज सुब्हान अल्लाह, और सियालकोट में हिजबुल मुजाहिदीन का मेहमूना जोया शिविर शामिल थे।

भारतीय अधिकारियों के अनुसार, इस ऑपरेशन में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें मुदस्सर खादियान खास, खालिद उर्फ अबू अकाशा, मोहम्मद यूसुफ अजहर, हाफिज मुहम्मद जमीली, और मोहम्मद हसन खान जैसे उच्च-स्तरीय आतंकवादी शामिल थे। इनमें से कई आतंकवादी 2001 के संसद हमले, 2008 के मुंबई हमले, और 2019 के पुलवामा हमले जैसी घटनाओं में शामिल रहे थे। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने इस ऑपरेशन को "सटीक, मापा हुआ और गैर-वृद्धिकारी" बताया, जिसमें पाकिस्तानी सैन्य सुविधाओं को निशाना नहीं बनाया गया।

अस्पताल के दावे की असल पोल

लश्कर कमांडर हाफिज रऊफ ने दावा किया कि प्रस्तावित अस्पताल मुरिदके में मार्कज तैबा के पास बनाया जाएगा, जो लश्कर का प्रशिक्षण और संचालन केंद्र रहा है। मुरिदके, जो लाहौर से लगभग 40 किलोमीटर दूर है, लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ माना जाता है। इस क्षेत्र में पहले से ही आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े कई शिविर और सुविधाएं मौजूद हैं, जिन्हें ऑपरेशन सिंदूर में नष्ट किया गया था। रऊफ ने यह भी कहा कि अस्पताल का निर्माण "स्थानीय समुदाय के लिए" किया जाएगा, लेकिन भारत ने इसे आतंकवादी संगठनों द्वारा अपनी छवि सुधारने और जनता का समर्थन हासिल करने की रणनीति करार दिया है।

भारतीय खुफिया एजेंसियों का मानना है कि लश्कर जैसे संगठन अक्सर सामाजिक कल्याण के नाम पर स्कूल, अस्पताल और अन्य सुविधाएं चलाकर अपनी गतिविधियों को वैधता प्रदान करने की कोशिश करते हैं। मुरिदके में पहले से ही लश्कर द्वारा संचालित कई संस्थाएं मौजूद हैं, जो कथित तौर पर आतंकवादी प्रशिक्षण केंद्रों के साथ-साथ सामाजिक कार्यों के लिए उपयोग की जाती हैं। इस तरह की रणनीति से संगठन स्थानीय लोगों के बीच समर्थन हासिल करने की कोशिश करता है।

भारत ने लश्कर कमांडर के इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि आतंकवादियों को महिमामंडित करने और उनके नाम पर सार्वजनिक सुविधाएं बनाने का प्रयास न केवल आतंकवाद को बढ़ावा देता है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी एक चेतावनी है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक मंचों पर इस मुद्दे को उठाने का फैसला किया है, ताकि पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों को समर्थन देने के लिए दबाव बनाया जा सके।

भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद साफ किया था कि यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत किसी भी आतंकवादी हमले का करारा जवाब देगा, और ऑपरेशन सिंदूर इस प्रतिबद्धता का प्रतीक है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी एक प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि भारत ने केवल आतंकवादी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया, न कि पाकिस्तानी सैन्य सुविधाओं को।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर को "अनुचित हमला" करार दिया था और दावा किया था कि इस कार्रवाई में 31 लोग मारे गए, जिनमें कई नागरिक शामिल थे। हालांकि, भारत ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि हमले सटीक थे और केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया। लश्कर कमांडर के इस ताजा बयान पर पाकिस्तान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन मुरिदके में आतंकवादियों के अंतिम संस्कार में पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने भारत के इस दावे को मजबूती दी कि पाकिस्तानी सेना और आतंकवादी संगठनों के बीच गहरी सांठगांठ है।

लश्कर कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ का यह दावा कि ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकवादी के नाम पर अस्पताल बनाया जाएगा, भारत-पाकिस्तान संबंधों में एक नया विवाद पैदा कर सकता है। यह बयान न केवल आतंकवाद को बढ़ावा देने का प्रयास दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि पाकिस्तान में आतंकवादी संगठन खुले तौर पर अपनी गतिविधियों को सामाजिक कार्यों के नाम पर छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow