मुंबई के कुर्ला में ठक-ठक गैंग का आतंक, ड्राइवर का मोबाइल चुराकर फरार हुए शातिर, सीसीटीवी में कैद हुई चोरी।
Mumbai: मुंबई के कुर्ला इलाके में ‘ठक-ठक गैंग’ ने एक बार फिर अपनी शातिराना हरकत से लोगों को हैरान कर दिया है। इस बार गैंग ने एक कार चालक को निशाना बनाया और उसका मोबाइल फोन
मुंबई के कुर्ला इलाके में ‘ठक-ठक गैंग’ ने एक बार फिर अपनी शातिराना हरकत से लोगों को हैरान कर दिया है। इस बार गैंग ने एक कार चालक को निशाना बनाया और उसका मोबाइल फोन चुरा लिया। पूरी घटना कार के डैशबोर्ड कैमरे में कैद हो गई, जिसमें साफ दिख रहा है कि कैसे गैंग के सदस्यों ने ड्राइवर का ध्यान भटकाकर चोरी को अंजाम दिया। यह घटना मंगलवार को कुर्ला के एसएलआर ब्रिज पर हुई, जहां पीड़ित सारांश शर्मा अपनी कार चला रहे थे। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
घटना उस समय हुई जब सारांश शर्मा अपनी कार में कुर्ला के एसएलआर ब्रिज से गुजर रहे थे। वीडियो फुटेज के अनुसार, एक युवक ने उनकी कार की खिड़की पर जोर-जोर से खटखटाना शुरू किया। जब सारांश ने खिड़की थोड़ा नीचे की, तो युवक ने उनसे गुस्से में बहस शुरू कर दी और कहा कि उनकी कार ने कुछ टक्कर मार दी है। इस दौरान दूसरा व्यक्ति कार की दूसरी तरफ की खिड़की पर खटखटाने लगा, जिससे सारांश का ध्यान पूरी तरह भटक गया। इसी मौके का फायदा उठाकर पहले युवक ने कार की सीट पर रखा सारांश का आईफोन चुरा लिया और दोनों तेजी से मौके से फरार हो गए। सारांश को कुछ देर बाद अपने फोन के गायब होने का एहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने डैशबोर्ड कैमरे की फुटेज देखी और इस चोरी का पता चला।
यह ‘ठक-ठक गैंग’ का पुराना तरीका है, जिसमें गैंग के सदस्य एक साथ मिलकर ड्राइवर का ध्यान भटकाते हैं। एक व्यक्ति ड्राइवर को बहस में उलझाता है, जबकि दूसरा खिड़की पर बार-बार खटखटाकर या टायर पंक्चर होने का इशारा करके ध्यान हटाता है। इस बीच, तीसरा व्यक्ति या तो गाड़ी का सामान चुराता है या मौका मिलने पर गाड़ी में रखे कीमती सामान को हड़प लेता है। इस बार भी गैंग ने इसी तकनीक का इस्तेमाल किया और सेकंडों में चोरी को अंजाम दे दिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि पूरी घटना कुछ ही पलों में हुई, और सारांश को इसका एहसास होने से पहले ही आरोपी फरार हो चुके थे।
सारांश ने तुरंत इस घटना की शिकायत विनोबा भावे पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई। पुलिस ने डैशबोर्ड कैमरे की फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। फुटेज में दोनों आरोपियों के चेहरे साफ दिख रहे हैं, जिससे पुलिस को उनकी पहचान करने में मदद मिल रही है। विनोबा भावे पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि ठक-ठक गैंग की यह हरकत शहर में बार-बार सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालना शुरू कर दिया है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। पुलिस ने यह भी बताया कि इस तरह की चोरी में शामिल लोग अक्सर संगठित गिरोह का हिस्सा होते हैं, जो मुंबई, दिल्ली और अन्य बड़े शहरों में सक्रिय हैं।
ठक-ठक गैंग की यह घटना मुंबई में कोई नई बात नहीं है। हाल के महीनों में इस गैंग की कई वारदातें सामने आई हैं। कुछ समय पहले ठाणे में एक कार चालक से 10 लाख रुपये की कीमती वस्तुएं चुराने की घटना सामने आई थी, जिसमें गैंग ने 10 रुपये का नोट सड़क पर फेंककर ड्राइवर का ध्यान भटकाया था। इसी तरह, मालाड पुलिस ने पिछले साल ठक-ठक गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जो कारों से मोबाइल और पर्स चुराने में माहिर थे। पुलिस के अनुसार, यह गैंग सुनियोजित तरीके से काम करता है और अक्सर भीड़भाड़ वाले इलाकों या ट्रैफिक सिग्नल पर अपनी वारदात को अंजाम देता है।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ लोगों ने इसे शहर में बढ़ती असुरक्षा का प्रतीक बताया। एक यूजर ने लिखा, “मुंबई में अब सड़क पर गाड़ी चलाना भी सुरक्षित नहीं रहा। पुलिस को इस गैंग पर सख्ती से लगाम लगानी चाहिए।” एक अन्य यूजर ने सुझाव दिया कि लोगों को अपनी गाड़ी में कीमती सामान खुला न छोड़ना चाहिए और अजनबियों से बात करने से बचना चाहिए। कई लोगों ने पुलिस से मांग की है कि शहर में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गश्त बढ़ाई जाए और सीसीटीवी निगरानी को और प्रभावी किया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुर्ला जैसे व्यस्त इलाकों में ठक-ठक गैंग की गतिविधियां बढ़ रही हैं। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि एसएलआर ब्रिज और आसपास के क्षेत्रों में अक्सर इस तरह की चोरी की शिकायतें मिलती हैं। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक जाम और संकरी सड़कों का फायदा उठाकर यह गैंग आसानी से अपनी वारदात को अंजाम दे देता है। लोगों ने मांग की है कि पुलिस इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए विशेष टीमें गठित करे और सड़कों पर निगरानी बढ़ाए।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सड़क पर अजनबियों के साथ बातचीत करने से बचें और गाड़ी की खिड़की पूरी तरह न खोलें। साथ ही, पुलिस ने सलाह दी है कि लोग अपने कीमती सामान, जैसे मोबाइल और पर्स, को गाड़ी में खुला न छोड़ें। मुंबई पुलिस ने यह भी कहा कि वे ठक-ठक गैंग को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चला रही हैं और हाल के महीनों में कई सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि इस गैंग के सदस्य अक्सर दिल्ली, मेरठ और नोएडा जैसे शहरों से आकर मुंबई में वारदात को अंजाम देते हैं।
यह घटना सड़क पर सुरक्षा और जागरूकता की जरूरत को सामने लाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ठक-ठक गैंग की वारदातें इसलिए बढ़ रही हैं, क्योंकि लोग अक्सर जल्दबाजी में या अनजाने में इनके जाल में फंस जाते हैं। एक ट्रैफिक विशेषज्ञ ने बताया कि इस तरह की चोरी को रोकने के लिए लोगों को सतर्क रहना होगा और पुलिस को ऐसी गैंग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि व्यस्त सड़कों और चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए और ट्रैफिक पुलिस की गश्त को और प्रभावी किया जाए। सारांश ने बताया कि इस घटना ने उन्हें काफी परेशान किया है, क्योंकि उनका फोन उनके लिए बहुत जरूरी था। उन्होंने कहा कि वह अब से सड़क पर ज्यादा सतर्क रहेंगे और दूसरों को भी इस गैंग से सावधान रहने की सलाह देंगे।
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