Viral: बुर्का पहनकर घर में घुसा तौफीक, नेहा को पांचवीं मंजिल से फेंका, मौत, दिल्ली के ज्योति नगर में दिल दहलाने वाली घटना।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के ज्योति नगर इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 19 वर्षीय नेहा की कथित...
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के ज्योति नगर इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 19 वर्षीय नेहा की कथित तौर पर हत्या कर दी गई, जब तौफीक नाम के एक युवक ने उसे अपने घर की पांचवीं मंजिल की छत से धक्का दे दिया। इस घटना का खुलासा तब हुआ, जब नेहा के पिता ने पुलिस को बताया कि तौफीक बुर्का पहनकर उनके घर में घुसा था और उसने नेहा के साथ-साथ उन्हें भी धक्का देने की कोशिश की। नेहा को गंभीर हालत में जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का दावा है कि तौफीक पिछले तीन साल से नेहा को परेशान कर रहा था, जबकि नेहा उसे राखी बांधकर भाई मानती थी।
घटना 23 जून 2025 की सुबह करीब 8:00 बजे ज्योति नगर के एक रिहायशी इलाके में हुई। नेहा, जो अपने परिवार के साथ पांचवीं मंजिल पर रहती थी, उस दिन घर पर थी। परिवार के अनुसार, तौफीक बुर्का पहनकर उनके घर में घुसा और नेहा को छत पर ले गया। वहां उसने पहले उसका गला घोंटने की कोशिश की और फिर उसे पांचवीं मंजिल से नीचे धक्का दे दिया। नेहा के पिता, रमेश कुमार (बदला हुआ नाम), ने बताया कि जब उन्होंने हस्तक्षेप करने की कोशिश की, तो तौफीक ने उन्हें भी धक्का देने का प्रयास किया।
रमेश ने पुलिस को बताया, “तौफीक को हम तीन साल से जानते थे। नेहा उसे राखी बांधती थी और उसे भाई मानती थी। लेकिन वह बार-बार शादी के लिए दबाव डाल रहा था। उसने बुर्का पहनकर हमारे घर में घुसने की हिम्मत की और मेरी बेटी को मार डाला।” पड़ोसियों ने शोर सुनकर तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन तौफीक मौके से फरार हो गया। नेहा को तुरंत जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
तौफीक की तलाश में छापेमारी
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी (उत्तर-पूर्व) संजय सैन ने बताया कि पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और तौफीक की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि तौफीक ज्योति नगर का ही निवासी है और पिछले कुछ समय से नेहा के परिवार के संपर्क में था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और आसपास के गवाहों के बयानों के आधार पर जांच शुरू की है। डीसीपी ने कहा, “हम आरोपी को जल्द गिरफ्तार करेंगे। यह एक गंभीर अपराध है, और हम इसे हल्के में नहीं ले रहे।”
पुलिस ने यह भी बताया कि नेहा के शरीर पर चोट के निशान और गला घोंटने के संकेत मिले हैं, जो तौफीक के खिलाफ हत्या के इरादे की पुष्टि करते हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि नेहा की मौत ऊंचाई से गिरने और गंभीर चोटों के कारण हुई।
- परिवार का दर्द: भाई माने जाने वाले ने तोड़ा भरोसा
नेहा के परिवार का कहना है कि तौफीक पिछले तीन साल से उनके घर आता-जाता था। नेहा की मां, सुनीता देवी (बदला हुआ नाम), ने बताया, “हमने उसे अपने बेटे की तरह माना। नेहा उसे राखी बांधती थी, लेकिन वह उस पर गलत नजर रखता था। हमने कई बार उसे समझाया, लेकिन वह नहीं माना।” परिवार का दावा है कि तौफीक ने पहले भी नेहा को धमकियां दी थीं और शादी के लिए दबाव डाल रहा था।
नेहा के पिता ने यह भी बताया कि तौफीक ने बुर्का पहनकर घर में घुसने की योजना बनाई थी ताकि कोई उसे पहचान न सके। उन्होंने कहा, “मैंने उसे रोका, लेकिन उसने मुझे धक्का दिया और नेहा को छत पर ले गया। मेरी बेटी चिल्ला रही थी, लेकिन मैं उसे बचा नहीं सका।” इस घटना ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है, और वे अब तौफीक के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
इस घटना का वर्णन सबसे पहले 24 जून 2025 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल हुआ। कई यूजर्स ने इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की, दावा करते हुए कि यह एक सुनियोजित ‘जिहाद’ का हिस्सा है। @aditytiwarilive ने लिखा, “दिल्ली की बेटी नेहा की दर्दनाक मौत! बुर्का पहनकर पहुंचा तौफीक, शादी के लिए बना रहा था दबाव।” @Lucky5874 ने इसे “शॉकिंग” बताते हुए लिखा, “19 साल की हिंदू लड़की नेहा, जिसने तौफीक को राखी बांधी थी, उसकी हत्या कर दी गई।” हालांकि, पुलिस ने सांप्रदायिक दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह एक व्यक्तिगत विवाद का मामला है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने इस घटना पर गुस्सा जताया और दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, “देश की राजधानी में अगर बेटियां सुरक्षित नहीं, तो यह सरकार की नाकामी है।” एक अन्य यूजर ने मांग की कि तौफीक को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।
इस घटना ने ज्योति नगर और आसपास के इलाकों में तनाव पैदा कर दिया है। स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए, और कुछ संगठनों ने इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया है। डीसीपी ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
सामाजिक कार्यकर्ता रीना मेहता ने कहा, “यह घटना महिलाओं के खिलाफ हिंसा का एक और उदाहरण है। इसे सांप्रदायिक रंग देना गलत है। हमें इस मामले को अपराध के दृष्टिकोण से देखना चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना चाहिए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि समाज को महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए जागरूकता बढ़ानी होगी।
यह घटना दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल उठाती है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, दिल्ली में 2024 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 10% की वृद्धि हुई थी। इस मामले ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या राजधानी में महिलाएं सचमुच सुरक्षित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस को निगरानी बढ़ाने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत है।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा, “हम पीड़ित परिवार के साथ हैं और इस मामले में त्वरित न्याय की मांग करते हैं।” आयोग ने पुलिस से तौफीक की जल्द गिरफ्तारी और मामले की गहन जांच की मांग की है।
ज्योति नगर की इस घटना ने न केवल एक परिवार को तोड़ दिया है, बल्कि समाज में व्याप्त असुरक्षा और हिंसा की प्रवृत्ति को भी उजागर किया है। नेहा की हत्या एक व्यक्तिगत त्रासदी है, जिसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिशें समाज को और विभाजित कर सकती हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तौफीक की गिरफ्तारी इस मामले में न्याय की दिशा में पहला कदम होगी।
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