Deoband: ईदगाह वक्फ कमेटी का विवाद गहराया- कायदे कानून ताक पर रखकर कमेटी बदलती रही अध्यक्ष, लखनऊ रिकॉर्ड में नहीं बदला नाम।
ईदगाह वक्फ कमेटी को लेकर चल रहे विवाद में चौकना वाला खुलासा हुआ है। नियम और कायदे ताक पर रखकर स्थानीय स्तर पर कमेटी
देवबंद। ईदगाह वक्फ कमेटी को लेकर चल रहे विवाद में चौकना वाला खुलासा हुआ है। नियम और कायदे ताक पर रखकर स्थानीय स्तर पर कमेटी के अध्यक्ष बदले जाते रहे हैं, लेकिन लखनऊ वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड में आज भी दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी का नाम बतौर अध्यक्ष दर्ज है।
बता दें, कि ईद-उल-फितर के बाद डॉ. अनवर सईद ने ईदगाह वक्फ कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। अध्यक्ष पद को लेकर दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी की ओर से बयान जारी किया गया। इसमें उन्होंने बताया कि व्यस्तता के चलते उन्होंने 10 जून 2022 को ईदगाह कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। लेकिन बोर्ड में औपचारिक कानूनी कार्रवाई न होने के कारण आज भी रिकॉर्ड में उनका नाम बतौर अध्यक्ष दर्ज है। कमेटी से संबंधित मामलों में अभी उनका नाम अध्यक्ष के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। मौलाना सुफियान कासमी ने कहा कि यह सरासर गलत है, क्योंकि इससे स्थानीय स्तर पर गलतफहमी पैदा हो रही है। ऐसी साफ न होने वाली स्थिति को कानूनी और नैतिक स्तर पर गलत माना जाता है। मौलाना सुफियान कासमी ने सलाह दी है कि शहर के जिम्मेदार लोग आपसी सलाह-मशविरे से कमेटी को फिर से बनाने पर विचार करें। वहीं, ईदगाह वक्फ कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले डॉ. अनवर सईद ने कहा कि कोई भी काम नियम और कानून के मुताबिक होना चाहिए। वक्फ बोर्ड के नियम के मुताबिक ही कमेटी में शामिल सदस्यों को साथ लेकर चर्चा करनी चाहिए।
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