'घर जाकर पापा को बताऊंगा कि दुनिया उन्हें कितना प्यार करती है', लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान लेने पिता की जगह पहुँचे बॉबी देओल हुए भावुक।
भारतीय सिनेमा के 'ही-मैन' कहे जाने वाले धर्मेंद्र का नाम आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। ब्लैक एंड व्हाइट सिनेमा के दौर से लेकर आधुनिक
- देओल परिवार के लिए ऐतिहासिक पल, 'ही-मैन' के फिल्मी सफर को बॉलीवुड ने खड़े होकर दिया सम्मान
भारतीय सिनेमा के 'ही-मैन' कहे जाने वाले धर्मेंद्र का नाम आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। ब्लैक एंड व्हाइट सिनेमा के दौर से लेकर आधुनिक ओटीटी युग तक, उन्होंने अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया है। सोमवार को जब उनके नाम की घोषणा हुई, तो पूरा हॉल 'धर्मेंद्र जी' के जयकारों से गूंज उठा। बॉबी देओल जब मंच पर यह अवॉर्ड लेने आए, तो उनकी आंखों में नमी साफ देखी जा सकती थी। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने अपनी पूरी जिंदगी सिनेमा को समर्पित कर दी है और आज इस उम्र में भी जब उन्हें काम के लिए इतना प्यार मिलता है, तो वह पल पूरे परिवार के लिए बेहद अनमोल होता है। बॉबी ने ट्रोफी को चूमते हुए अपने पिता को याद किया और उनकी लंबी आयु की कामना की।
बॉबी देओल ने भावुक होते हुए साझा किया कि उनके पिता धर्मेंद्र हमेशा से बहुत ही जमीन से जुड़े हुए इंसान रहे हैं। उन्होंने पंजाब के एक छोटे से गाँव से निकलकर मुंबई के मायानगरी में जो मुकाम हासिल किया, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। बॉबी ने बताया कि उनके पिता अक्सर कहते हैं कि कैमरा ही उनकी असली दुनिया है। जब भी वे बीमार महसूस करते हैं और कैमरे के सामने जाते हैं, तो उनमें एक नई ऊर्जा आ जाती है। मंच पर बोलते समय बॉबी की आवाज लड़खड़ा रही थी और उन्होंने सिसकियां लेते हुए कहा कि वे घर जाकर सबसे पहले अपने पापा को यह अवॉर्ड दिखाएंगे और उन्हें बताएंगे कि उनके प्रति लोगों का सम्मान आज भी वैसा ही है जैसा चालीस साल पहले था।
पुरस्कार समारोह के दौरान धर्मेंद्र के फिल्मी सफर की एक विशेष झलक दिखाई गई, जिसमें उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्मों जैसे 'शोले', 'धर्म-वीर', 'चुपके-चुपके' और 'अनुपमा' के यादगार दृश्य शामिल थे। इन दृश्यों को देखकर हॉल में मौजूद नई और पुरानी पीढ़ी के सभी कलाकार भावुक हो गए। बॉबी देओल ने मंच से अपने बड़े भाई सनी देओल का भी जिक्र किया और कहा कि वे दोनों भाई आज जो कुछ भी हैं, वह सिर्फ अपने पिता के संस्कारों और उनकी कड़ी मेहनत की वजह से हैं। उन्होंने यह भी बताया कि धर्मेंद्र जी घर पर बैठकर इस लाइव शो को देख रहे होंगे और उनकी आंखों में भी खुशी के आंसू होंगे।
'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' का जादू
धर्मेंद्र ने हाल के वर्षों में करण जौहर की फिल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' के जरिए बड़े पर्दे पर वापसी की थी। इस फिल्म में शबाना आजमी के साथ उनकी केमिस्ट्री और उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा था। इस अवॉर्ड फंक्शन में फिल्म जगत के लोगों ने उनके उसी जज्बे को सलाम किया जिसने 88 वर्ष की उम्र में भी उन्हें सक्रिय रखा है।
धर्मेंद्र और उनके बेटों के बीच का रिश्ता हमेशा से ही बॉलीवुड में एक मिसाल रहा है। हाल ही में बॉबी देओल की फिल्म 'एनिमल' की सफलता पर भी धर्मेंद्र ने अपने बेटे की जमकर तारीफ की थी। अब पिता को मिले इस बड़े सम्मान ने इस रिश्ते को और भी मजबूती प्रदान की है। बॉबी ने कहा कि उनके पिता ने कभी अवॉर्ड्स के पीछे भागने की शिक्षा नहीं दी, बल्कि हमेशा काम को ही पूजा मानने को कहा। उन्होंने यह भी साझा किया कि धर्मेंद्र जी अक्सर अपनी पुरानी यादों को संजोकर रखते हैं और अपने फैंस को ही अपनी असली ताकत मानते हैं। यह लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड उनके संघर्षपूर्ण और गौरवशाली सफर का एक छोटा सा प्रतिफल मात्र है।
समारोह में मौजूद अन्य कलाकारों ने भी धर्मेंद्र के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। कई वरिष्ठ अभिनेताओं ने याद किया कि कैसे धर्मेंद्र ने फिल्म इंडस्ट्री में नवागंतुकों की हमेशा मदद की और कभी किसी के प्रति द्वेष नहीं रखा। बॉबी देओल ने धन्यवाद भाषण समाप्त करते हुए कहा कि उनके पिता आज भी एक छोटे बच्चे की तरह उत्सुक रहते हैं जब उन्हें किसी सम्मान के बारे में पता चलता है। उन्होंने कहा कि उनके पिता की सादगी ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है और आज का यह दिन उनके परिवार के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। बॉबी के इस अंदाज ने वहां मौजूद सभी लोगों को अपना प्रशंसक बना लिया।
पुरस्कार वितरण के बाद जब बॉबी देओल मंच से नीचे उतरे, तो उनकी आंखों में एक गर्व और सुकून था। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे जल्द से जल्द घर पहुँचकर अपने पिता के गले लगना चाहते हैं और यह ट्रोफी उनके हाथों में सौंपना चाहते हैं। धर्मेंद्र जी का स्वास्थ्य अब पहले से बेहतर है, लेकिन वे लंबी यात्राओं और भारी भीड़ से बचते हैं। यही कारण था कि वे स्वयं नहीं आ सके। हालांकि, बॉबी के माध्यम से उनकी उपस्थिति वहां हर किसी ने महसूस की।
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