मेरठ: भाई की किडनी सर्जरी के लिए पत्नी ने ससुराल में कराई 30 लाख की चोरी, सास और साले समेत चार गिरफ्तार।
उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने परिवार के रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टीपी नगर थाना क्षेत्र के महावीर जी नगर में रहने
उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने परिवार के रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टीपी नगर थाना क्षेत्र के महावीर जी नगर में रहने वाले कपड़ा व्यापारी के घर से 15 अक्टूबर 2025 को करीब 30 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर चोरी हो गए। शुरुआत में यह सामान्य चोरी का मामला लग रहा था, लेकिन पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि चोरी की मुख्य साजिशकर्ता व्यापारी की पत्नी पूजा थी। पूजा ने अपने भाई रवि बंसल की किडनी की गंभीर बीमारी के इलाज के लिए यह कदम उठाया। इलाज के लिए करीब 20 लाख रुपये की जरूरत थी, लेकिन परिवार के पास इतने पैसे नहीं थे। पूजा ने अपनी सास अनीता, भाई रवि बंसल और रवि के साले दीपक मित्तल के साथ मिलकर यह योजना बनाई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और सर्विलांस की मदद से चारों को गिरफ्तार कर लिया। चोरी का सारा माल और नकद बरामद हो गया। पूछताछ में सभी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। यह मामला न केवल अपराध की दुनिया को झकझोर रहा है, बल्कि पारिवारिक आपात स्थिति में नैतिक दुविधाओं को भी उजागर कर रहा है।
घटना की शुरुआत 15 अक्टूबर की दोपहर से हुई। मेरठ के खंदक बाजार में प्रेम प्रिंटर्स नाम से कपड़े का कारोबार करने वाले अमरीश बंसल के बेटे पीयूष मित्तल का घर महावीर जी नगर में है। अमरीश की पत्नी का निधन हो चुका है, इसलिए घर में सास अनीता, बेटा पीयूष, बहू पूजा और अन्य परिजन रहते हैं। अमरीश उस दिन अपनी दुकान पर चले गए। दोपहर करीब 2 बजे पीयूष अपनी पत्नी पूजा के साथ पीवीएस मॉल शॉपिंग के लिए निकल पड़े। पूजा ने ही पति को बाहर ले जाने का बहाना बनाया। घर की चाबी पहले से ही साजिश में शामिल लोगों को सौंप दी गई थी। पूजा के भाई रवि बंसल ने अपने साले दीपक मित्तल को लेकर दिल्ली से रिठानी मेट्रो स्टेशन पहुंचा। वहां से ई-रिक्शा लेकर वे मेरठ के महावीर जी नगर पहुंचे। रवि और दीपक ने घर में घुसकर अलमारियों से नकद पैसे, सोने की अंगूठियां, चेन और चांदी के बर्तन निकाले। कुल मिलाकर 30 लाख रुपये का माल चुराया गया। चोरी के बाद वे सामान लेकर भाग निकले। पीयूष और पूजा जब शाम को घर लौटे, तो चोरी का पता चला। पीयूष ने तुरंत टीपी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। एसएसपी डॉ. मनजुनाथ टीसी के निर्देश पर एसपी सिटी राकेश कुमार सिंह ने विशेष टीम गठित की। टीम में इंस्पेक्टर संजय कुमार और कांस्टेबल शामिल थे। सबसे पहले आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। मॉल के बाहर और रिठानी मेट्रो स्टेशन के फुटेज में रवि और दीपक दिखाई दिए। मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैकिंग से पता चला कि रवि दिल्ली से मेरठ आया था। पूजा के फोन कॉल डिटेल्स से उसके भाई और सास से संपर्क की पुष्टि हुई। सर्विलांस टीम ने पूजा के घर पर नजर रखी। पूजा घबरा रही थी और बार-बार भाई से फोन पर बात कर रही थी। 17 अक्टूबर को पुलिस ने पूजा को हिरासत में लिया। पूछताछ में वह टूट गई और सारी साजिश बता दी। उसके बयान पर रवि बंसल को नई दिल्ली से, अनीता को दिल्ली से और दीपक मित्तल को गौतम बुद्ध नगर से गिरफ्तार किया गया। चोरी का माल दिल्ली के एक फ्लैट में छिपाया गया था, वहां से बरामद कर लिया गया। नकद पैसे गिनने पर ठीक 28 लाख 50 हजार रुपये मिले। जेवरों का वजन करीब 200 ग्राम था।
पूजा ने पुलिस को बताया कि उसका भाई रवि लंबे समय से किडनी की समस्या से जूझ रहा था। दिल्ली के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में सर्जरी की सलाह दी गई, जिसकी लागत 20 लाख रुपये थी। परिवार ने बैंक से लोन लेने की कोशिश की, लेकिन कागजात पूरे न होने से असफल रहे। रवि का इलाज रुक गया, उसकी हालत बिगड़ने लगी। पूजा पर दबाव बढ़ा। उसने सोचा कि ससुराल में रखे पैसे और जेवर बेचकर भाई का इलाज करा लेगी। लेकिन चोरी का रास्ता चुना, ताकि कोई शक न हो। सास अनीता को बताया, जो शुरू में मना कीं, लेकिन बाद में मान गईं। अनीता ने कहा कि पैसे बाद में लौटा देंगे। रवि ने दीपक को साथ लिया, जो उसका साला था और दिल्ली में रहता था। योजना के मुताबिक पूजा ने पति को शॉपिंग पर भेजा। चाबी रवि को पहले ही दे दी थी। चोरी के बाद पैसे भाई को सौंप दिए। रवि ने बताया कि सर्जरी की पहली किस्त जमा कर दी, लेकिन अब पुलिस के चक्कर में फंस गया। दीपक ने कहा कि वह सिर्फ मदद करने आया था, लेकिन योजना का हिस्सा था। अनीता ने गलती मानी और कहा कि परिवार की मजबूरी ने ऐसा कराया।
यह घटना मेरठ पुलिस के लिए बड़ी सफलता है। एसएसपी ने टीम को सराहा। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से अपराधों का पर्दाफाश आसान हो गया है। पूजा (32 वर्ष), रवि बंसल (36 वर्ष), अनीता (53 वर्ष) और दीपक (24 वर्ष) के खिलाफ आईपीसी की धारा 380 (चोरी), 411 (चोरी का माल रखना) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। सभी को जेल भेज दिया गया। पीयूष सदमे में है। उसने कहा कि पूजा से 2018 में शादी हुई थी, दो बच्चे हैं। वह कभी कल्पना भी न कर सका कि पत्नी ऐसा करेगी। अमरीश बंसल ने बताया कि बहू हमेशा परिवार की चिंता करती थी, लेकिन इस कदम ने सब बर्बाद कर दिया। पूजा के मायके वाले शर्मिंदा हैं। उन्होंने कहा कि भाई का इलाज जरूरी था, लेकिन गलत रास्ता चुना। डॉक्टरों ने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट की प्रतीक्षा सूची में रवि का नाम है, लेकिन अब कोर्ट परमिशन के बिना इलाज मुश्किल।
यह मामला परिवार में विश्वास की कमी को दर्शाता है। मेरठ जैसे शहर में अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन पारिवारिक साजिश दुर्लभ है। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक तंगी अपराधों का बड़ा कारण है। उत्तर प्रदेश में हर साल हजारों चोरी के मामले दर्ज होते हैं, लेकिन ऐसे में जहां रिश्तेदार शामिल हों, वे चौंकाने वाले होते हैं। पुलिस ने अपील की कि परिवारों में खुलकर बात करें, लोन या सरकारी योजनाओं का सहारा लें। किडनी रोगियों के लिए आयुष्मान भारत योजना है, जिसका लाभ उठा सकते हैं। सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल हो गई। एक्स पर यूजर्स ने कहा कि मजबूरी में इंसान क्या-क्या नहीं करता। एक यूजर ने लिखा कि इलाज के पैसे के लिए सरकार को और प्रयास करने चाहिए। दूसरे ने परिवारिक बंधनों पर सवाल उठाया। न्यूज चैनलों ने इसे प्रमुखता दी, जहां एंकरों ने नैतिकता पर बहस छेड़ी।
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