Hardoi: 69 मुख्य सेविकाओं को मिली तैनाती, 64 ने ज्वाइन किया और एक दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने बाल विकास सेवा एवं पोषाहार विभाग में 2425 मुख्य सेविकाओं का चयन किया है। इनमें से लखनऊ मंडल के जिलों की चयनित सेविकाओं को लोक
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने बाल विकास सेवा एवं पोषाहार विभाग में 2425 मुख्य सेविकाओं का चयन किया है। इनमें से लखनऊ मंडल के जिलों की चयनित सेविकाओं को लोक भवन लखनऊ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति पत्र वितरित किए। इसके बाद निदेशालय बाल विकास सेवा एवं पोषाहार लखनऊ ने सभी चयनित सेविकाओं को जिलों में तैनाती दी। हरदोई जिले में 69 मुख्य सेविकाओं को तैनाती मिली, जिनमें से 64 ने जिला मुख्यालय में ज्वाइन कर लिया। शेष पांच की प्रक्रिया चल रही है। इन 64 सेविकाओं को जल्द ही ब्लॉक या परियोजना स्तर पर आवंटन दिया जाएगा, ताकि वे क्षेत्रीय कार्यों में लग सकें।
यह भर्ती 2022 साइकिल के तहत हुई, जिसमें कुल 2567 पदों पर चयन प्रक्रिया चली। परीक्षा सितंबर 2023 में हुई और दस्तावेज सत्यापन दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 तक चला। जुलाई 2025 में अंतिम परिणाम जारी होने के बाद अगस्त में नियुक्ति पत्र वितरण शुरू हुआ। हरदोई में तैनाती मिलने से जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों की निगरानी मजबूत होगी। मुख्य सेविकाएं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का पर्यवेक्षण करेंगी, पोषण योजनाओं का क्रियान्वयन करेंगी और बच्चों तथा महिलाओं के स्वास्थ्य पर काम करेंगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि ज्वाइन करने वाली सेविकाओं का स्वागत किया गया और उन्हें विभाग की बुनियादी जिम्मेदारियों से परिचित कराया गया।
ज्वाइन करने के बाद इन 64 मुख्य सेविकाओं को विभागीय कार्यों की जानकारी देने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण बाल विकास परियोजना शहर हरदोई में हुआ, जिसकी अध्यक्षता जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार ने की। प्रशिक्षण में आंगनवाड़ी केंद्रों के पर्यवेक्षण के तरीके, पोषण ट्रैकर ऐप का उपयोग, महिलाओं और बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, जनसुनवाई संदर्भों का समाधान और पोषाहार वितरण की प्रक्रिया पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि पोषण ट्रैकर ऐप से बच्चों का वजन, ऊंचाई और स्वास्थ्य डेटा ट्रैक किया जा सकता है, जो कुपोषण कम करने में मददगार है।
प्रशिक्षण में बाल विकास परियोजना अधिकारी शाहाबाद राजेंद्र कुमार, बाल विकास परियोजना अधिकारी टोडरपुर राहुल सिंह, वरिष्ठ मुख्य सेविका प्रतिमा देवी, जिला समन्वयक कुशाग्र पांडेय, प्रथम फाउंडेशन से राजकुमार और दिनेश कन्नौजिया तथा यूनिसेफ से महेंद्र सिंह ने भाग लिया। उन्होंने सेविकाओं को व्यावहारिक उदाहरणों से समझाया कि कैसे आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषाहार वितरण सही तरीके से हो और जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों का तुरंत निपटारा किया जाए। सेविकाओं ने कहा कि यह प्रशिक्षण उनके लिए उपयोगी साबित होगा, क्योंकि अब वे क्षेत्र में जाकर प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगी। जिला प्रशासन ने बताया कि हरदोई में आंगनवाड़ी केंद्रों की संख्या 2000 से अधिक है, और नई सेविकाओं से पोषण और बाल विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा।
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