हरदोई: जनपद में संचालित प्लाईवुड फैक्ट्रियों की जांच के निर्देश, सब्सिडी पर मिलने वाली यूरिया का धड़ल्ले से किया जा रहा उपयोग
भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजय अवस्थी की अनुदानित यूरिया के व्यवसायिक उपयोग की शिकायत का संज्ञान लेते हुए जनपद के प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह को संडीला औद्योगिक क्षेत्र सहित जनपद में संचालित प्लाईवुड फैक्ट्रियों की जांच के निर्देश दिए हैं।
By INA News Desk Hardoi.
जनपद में किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाली यूरिया का धड़ल्ले से प्लाइवुड फैक्ट्रियों में उपयोग किया जा रहा है। जबकि इन प्लाईवुड फैक्ट्रियों में बिना अनुदान की यूरिया के प्रयोग के निर्देश हैं, जिसे सीधे ही विदेशाें से आयात किया जाता है। नियमानुसार व्यवसायिक उपयोग के लिए गैर अनुदानित यूरिया का आयात करना होता है, इसके साथ ही इस यूरिया के उपयोग का अभिलेखीकरण भी करना होता है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजय अवस्थी की अनुदानित यूरिया के व्यवसायिक उपयोग की शिकायत का संज्ञान लेते हुए जनपद के प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह को संडीला औद्योगिक क्षेत्र सहित जनपद में संचालित प्लाईवुड फैक्ट्रियों की जांच के निर्देश दिए हैं।
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भाजपा उपाध्यक्ष अजय अवस्थी ने बताया कि कुछ माह पूर्व संडीला की एक प्लाईवुड फैक्ट्री में अनुदानित यूरिया पकड़ी गई थी, मामले की शिकायत की गई तो पूर्व में तैनात रहे जिला कृषि अधिकारी ने अनुदानित यूरिया को बरामद भी किया था। हालांकि बाद में फैक्ट्री के बंद होने की नौबत आने के बाद प्रबंधन की मिलीभगत से अनुदानित यूरिया की चोरी से जुड़े प्रकरण का निस्तारण कर दिया गया था। बताया जा रहा है, अन्य फैक्ट्रियों से गैर अनुदानित यूरिया के बिल वाउचर लेकर मामले पर पानी डाला गया था।
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जिलाधिकारी ने बताया, प्रभारी मंत्री ने भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजय अवस्थी के शिकायती पत्र पर प्लाईवुड फैक्ट्रियों में अनुदानित यूरिया के उपयोग के होने, गैर अनुदानित यूरिया के सुरक्षित रखे गए बिलों एवं वाउचर की जांच करने के निर्देश दिए हैं। बताया, प्लाईवुड फैक्ट्रियों में अब तक उपयोग की गई यूरिया के बिल एवं बाउचरों का सत्यापन करवाया जाएगा। इन फैक्ट्रियों में केवल गैर अनुदानित यूरिया का उपयोग ही सुनिश्चित करवाया जाएगा। किसानों को 266 रुपये में 45 किलो मिलने वाली अनुदानित यूरिया की एक बोरी की कीमत 2366 रुपये होती है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने हाल ही में संसद में दिए गए बयान में यूरिया की कीमत और किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी का खुलासा किया था। उपयोग की गई यूरिया के बिल- बाउचर भी इन प्लाइवुड फैक्ट्रियों को सुरक्षित रखने के निर्देशों का अनुपालन करना होता है।
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