हरदोई: 15 वर्ष या इससे कम सीमा में बने 92 जर्जर विद्यालय भवन चिन्हित, अब त्रिस्तरीय कमेटी करेगी जांच
जिलाधिकारी ने बताया कि समिति देखेगी, जो भवन प्राथमिक दृष्टि में ध्वस्त करने लायक नहीं हैं, और उनकी मरम्मत कर उनकाे उपयोग में लाया जा सकता है।
By INA News Desk Hardoi.
जनपद के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं संविलियन विद्यालयों के प्रांगण में स्थित ऐसे 92 भवन चिन्हित किए गए हैं, जिनकी आयु 15 वर्ष से अधिक नहीं हैं, इसके बाद भी तकनीकी समिति ने उन्हें जर्जर घोषित कर दिया है। बताया अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की अध्यक्षता में गठित समिति में लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड एवं लघु सिंचाई के सहायक अभियंता बतौर सदस्य रहेंगे। यह जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि समिति देखेगी, जो भवन प्राथमिक दृष्टि में ध्वस्त करने लायक नहीं हैं, और उनकी मरम्मत कर उनकाे उपयोग में लाया जा सकता है।
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समिति ऐसे भवन भी चिन्हित करेगी, जो मानक अनुरूप नहीं हैं, उनका क्षेत्रफल कम अथवा अधिक है, जर्जर घोषित किए गए कक्ष का टायलीकरण तो नहीं करवाया गया है। बताया कि समिति सात दिनों में जर्जर घोषित किए गए भवनों का निरीक्षण कर पुनर्मूल्यांकन कर रिपोर्ट उपलब्ध करवाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार चिन्हित किए गए 92 भवनों की सूची समिति को उपलब्ध करवाई जा चुकी है। जल्द ही पुनर्मूल्यांकन की रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर दी जाएगी। 5 वर्ष की समय सीमा न पूर्ण करने के बाद भी तकनीकी समिति द्वारा जर्जर घोषित किए गए प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, संविलियन विद्यालयों के भवन का पुनर्मूल्यांकन करवाया जाएगा। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने त्रिस्तरीय कमेटी गठित करते हुए तत्काल ही पुनर्मूल्यांकन के निर्देश जारी किए हैं।
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