उत्तराखंड में लगातार कम हो रही आबादी काफी चिंताजनक- सीएम योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी(Yogi Adityanath) ने कहा, उत्तराखंड(Uttarakhand) में स्प्रिचुअल और एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में बहुत सारे धार्मिक स्थल हैं। देश और दुनिया में कौन-सा ऐसा सनातनी स्वावलंबी होगा, जो केदारनाथ, बद्रीनाथ धाम
मुख्यांश-
- उत्तराखंड(Uttarakhand) के कार्यक्रम रैबार-6 में शामिल हुए उतर-प्रदेश के मुख्यमंत्री
- कहा, पलायन को रोकने के लिए पर्यटन की संभावनाओं को देना होगा बढ़ावा
- सीएम योगी के पहले कार्यकाल पर लिखी पुस्तक ;योगी रामराज्य' का किया विमोचन
By INA News Desk New Delhi.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी(Yogi Adityanath) आदित्यनाथ ने शनिवार को अंबेडकर भवन में आयोजित उत्तराखंड(Uttarakhand) के कार्यक्रम रैबार-6 में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा, उत्तराखंड(Uttarakhand) में लगातार पलायन का बढ़ना काफी चिंताजनक है। योगी(Yogi Adityanath) ने कहा, जहां हर तरफ आबादी बढ़ रही है।
वहीं उत्तराखंड(Uttarakhand) में लगातार आबादी कम हो रही है, इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है और पलायन को रोकने के लिए कदम उठाए जाने होंगे। उन्होंने कहा, उत्तराखंड(Uttarakhand) में बहुत सारी संभावनाएं हैं, जिनके माध्यम से पलायन रोका जा सकता है।
स्प्रिचुअल और एडवेंचर टूरिज्म को दें बढ़ावा
मुख्यमंत्री योगी(Yogi Adityanath) ने कहा, उत्तराखंड(Uttarakhand) में स्प्रिचुअल और एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में बहुत सारे धार्मिक स्थल हैं। देश और दुनिया में कौन-सा ऐसा सनातनी स्वावलंबी होगा, जो केदारनाथ, बद्रीनाथ धाम, गंगोत्री और यमुनोत्री नहीं जाना चाहता है।
हर कोई जाना चाहता है, इसीलिए इसको एक पर्यटन के तौर पर विकसित किया जाए, इसके अलावा उत्तराखंड(Uttarakhand) में एडवेंचर टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जा सकता है, क्योंकि वहां हर तरफ सुंदर पहाड़ हैं। मैदानी लोगों को इस तरफ आकर्षित किया जा सकता है।
सोलर एनर्जी को दे सकते हैं बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा, उत्तराखंड(Uttarakhand) के लोगों के सामने रोजगार बहुत बड़ा मुद्दा है। उनकी मजबूरी है कि उन्हें रोजगार और सुविधा के लिए पलायन करना पड़ता है। योगी(Yogi Adityanath) ने कहा, उत्तराखंड(Uttarakhand) में सोलर एनर्जी को भी बढ़ावा दिया जा सकता है और उत्तराखंड(Uttarakhand) के दक्षिण में जितनी भी पहाड़ियां हैं, उन्हें सोलर एनर्जी का माध्यम बनाया जा सकता है।
वनों के कटान और आग की घटनाओं पर चिंता जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा, वनों के कटान और वनों में लगने वाली आग को भी रोकने के लिए कदम उठाएं जाने चाहिए। उन्होंने कहा, ये उत्तराखंड(Uttarakhand) की संपदा हैं, उनके दोहन के सभी को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने कहा, अगर इस दिशा में कदम उठाए जाएंगे तो निश्चित रूप से ये संपदा राज्य की खूबसूरती में चार चांद लगाती रहेंगी।
देश और दुनिया के लिए 'उत्तराखंड(Uttarakhand)' नर्सरी की तरह
योगी(Yogi Adityanath) ने कहा, उत्तराखंड(Uttarakhand) देवभूमि और नैसर्गिक सुंदरता के रूप में ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि यह देश और दुनिया के लिए एक नर्सरी की तरह भी है, क्योंकि उत्तराखंड(Uttarakhand) के लोग देश और दुनिया के हर क्षेत्र में काम कर रहे हैं, जहां भी वो कार्यरत हैं, उन्होंने पूरे परिश्रम और ईमानदारी से काम किया है।
योगी(Yogi Adityanath) रामराज्य और हिल मेल का किया विमोचन
यूपी के मुख्यमंत्री ने इस दौरान उनके पहले कार्यकाल पर लिखी पुस्तक योगी(Yogi Adityanath) रामराज्य और हिल मेल का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के दौरान योगी(Yogi Adityanath) आदित्यनाथ पर बनी एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई
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