झारखंड के पाकुड़ में शौचालय के कमोड से निकला 5.5 फीट लंबा कोबरा, वन विभाग ने जंगल में छोड़ा।
Jharkhand News: झारखंड के पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड में एक घर के शौचालय में 5.5 फीट लंबा जहरीला कोबरा सांप मिलने से हड़कंप मच गया। यह घटना उस....
झारखंड के पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड में एक घर के शौचालय में 5.5 फीट लंबा जहरीला कोबरा सांप मिलने से हड़कंप मच गया। यह घटना उस समय हुई जब एक परिवार अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त था। अचानक बाथरूम से कोबरा सांप निकलने की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। परिवार के सदस्य डर के मारे घर से बाहर भागे और तुरंत वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सांप को सुरक्षित पकड़ा और उसे जंगल में छोड़ दिया। इस घटना ने एक बार फिर मानव और जंगली जानवरों के बीच बढ़ते टकराव को सामने लाया है।
यह मामला पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड मुख्यालय के एक घर का है। मकान मालिक विनोद भगत ने सुबह अपने घर के शौचालय में एक विशाल कोबरा सांप देखा। सांप कमोड के अंदर छिपा हुआ था, जिसे देखकर परिवार में दहशत फैल गई। यह कोबरा करीब 5.5 फीट लंबा था और पूरी तरह से बड़ा और सक्रिय था। परिवार के सदस्यों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची।
रेस्क्यू ऑपरेशन में वन कर्मी मोहम्मद असराफुल और अली जेबरन सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे। टीम ने करीब 15 से 20 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। इस दौरान बहुत सावधानी बरती गई ताकि न तो सांप को चोट पहुंचे और न ही किसी व्यक्ति को खतरा हो। रेस्क्यू के बाद कोबरा को पास के घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया, जहां वह अपने प्राकृतिक वातावरण में लौट गया।
वन विभाग की टीम ने इस घटना में अपनी तत्परता और सूझबूझ का परिचय दिया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टीम ने पेशेवर तरीके से काम किया और सांप को बिना किसी नुकसान के पकड़ लिया। वन कर्मी मोहम्मद असराफुल ने बताया कि यह कोबरा पूरी तरह से स्वस्थ और सक्रिय था। अगर इसे समय पर न पकड़ा जाता, तो यह किसी के लिए खतरनाक साबित हो सकता था। उन्होंने कहा कि मानसून के मौसम में सांप अक्सर ठंडी और नम जगहों की तलाश में घरों में घुस आते हैं। बाथरूम जैसे नम और छायादार स्थान उनके लिए अनुकूल ठिकाना बन जाते हैं।
वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें अपने घर या आसपास सांप दिखाई दे, तो वे तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। वन्य जीवों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश न करें, क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है। विभाग ने यह भी कहा कि वे वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और लोगों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाते रहते हैं।
इस घटना के बाद महेशपुर और आसपास के इलाकों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, लेकिन वे अभी भी इस घटना से सहमे हुए हैं। परिवार के सदस्य भगवान का शुक्र मना रहे हैं कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि अगर वन विभाग की टीम समय पर न पहुंचती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। यह घटना लोगों के लिए एक चेतावनी भी है कि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में सतर्क रहें।
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि मानव और जंगली जानवरों के बीच की दूरी कम होती जा रही है। जंगलों का क्षेत्रफल घटने और मानव बस्तियों के विस्तार के कारण सांप जैसे जंगली जानवर अक्सर रिहायशी इलाकों में घुस आते हैं। खासकर मानसून के मौसम में सांप ठंडी और नम जगहों की तलाश में घरों, बाथरूम, या अन्य छायादार स्थानों में प्रवेश कर जाते हैं। वन विभाग के अनुसार, पिछले एक महीने में झारखंड के कई जिलों में सर्पदंश के मामलों में वृद्धि देखी गई है।
वन्य जीव विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों के कटने और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के कारण सांपों का प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप, वे भोजन और आश्रय की तलाश में मानव बस्तियों की ओर आ रहे हैं। यह स्थिति न केवल सांपों के लिए बल्कि मनुष्यों के लिए भी खतरनाक है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि लोग अपने घरों के आसपास साफ-सफाई रखें और अनावश्यक झाड़ियों या कचरे को हटाएं, क्योंकि ये सांपों के लिए छिपने की जगह बन सकते हैं।
वन विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और जागरूक रहने की अपील की है। खासकर मानसून के मौसम में, जब सांपों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, लोगों को अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों की नियमित जांच करनी चाहिए। अगर कहीं सांप दिखाई दे, तो उसे मारने या पकड़ने की कोशिश न करें। इसके बजाय, तुरंत वन विभाग या विशेषज्ञों को सूचित करें। वन विभाग ने यह भी सलाह दी है कि लोग अपने घरों में सांपों के प्रवेश को रोकने के लिए दरवाजों और खिड़कियों पर जाली लगाएं।
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