बलिया के बांसडीह में पुलिस ने किया लाठीचार्ज: ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन और चक्का जाम किया था, प्रदर्शनकारी महिलाओं को पीटा, कई घायल। 

बलिया जिले के बांसडीह थाना क्षेत्र में एक युवक की करंट लगने से मौत के बाद ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन और चक्का जाम....

Jul 31, 2025 - 14:15
 0  53
बलिया के बांसडीह में पुलिस ने किया लाठीचार्ज: ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन और चक्का जाम किया था, प्रदर्शनकारी महिलाओं को पीटा, कई घायल। 
बलिया के बांसडीह में पुलिस ने किया लाठीचार्ज: ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन और चक्का जाम किया था, प्रदर्शनकारी महिलाओं को पीटा, कई घायल। 

बलिया जिले के बांसडीह थाना क्षेत्र में एक युवक की करंट लगने से मौत के बाद ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन और चक्का जाम किया। प्रदर्शन में भारी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। यातायात बाधित होने पर पुलिस ने भीड़ को हटाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनने पर लाठीचार्ज कर दिया। इस कार्रवाई में कई महिलाओं को चोटें आईं। ग्रामीणों ने पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाना पड़ा।

यह मामला बांसडीह थाना क्षेत्र के कस्बा बांसडीह का है। यहां वार्ड नंबर 11 के निवासी राकेश शाह, पिता सत्येंद्र तुरहा, की 28 जुलाई 2025 को करंट लगने से मौत हो गई। राकेश, वार्ड नंबर 7 निवासी संजीव पांडेय उर्फ लड्डू पांडेय के घर बिजली का घरेलू काम कर रहे थे। काम के दौरान उन्हें करंट लगा, जिसके बाद उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सूचना मिलने पर बांसडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, और तहरीर के आधार पर पुलिस ने विधिक कार्रवाई शुरू की। हालांकि, इसके बाद ग्रामीणों और मृतक के परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव को कस्बा बांसडीह के तिराहे पर रखकर सड़क जाम कर दी। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।

प्रदर्शन के कारण बांसडीह-मनियार मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। घंटों तक सड़क जाम रहने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की और चक्का जाम खत्म करने को कहा। लेकिन, ग्रामीण मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो जल्द ही झड़प में बदल गई।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज का सहारा लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि बांसडीह थाने के प्रभारी संजय सिंह और क्षेत्राधिकारी प्रभात कुमार ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस लाठीचार्ज में कई महिलाओं को चोटें आईं, जिनमें से कुछ को हल्की चोटें थीं, जबकि कुछ को गंभीर चोटों के लिए इलाज की जरूरत पड़ी। ग्रामीणों ने पुलिस पर अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया और कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बलपूर्वक दबाया गया।

लाठीचार्ज के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस ने बिना किसी उचित कारण के लाठियां बरसाईं, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। कई ग्रामीणों ने बताया कि महिलाएं शांतिपूर्वक अपनी बात रख रही थीं, लेकिन पुलिस ने उनकी मांगों को अनसुना कर दिया। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार के लिए मुआवजे और लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने यातायात को पूरी तरह बाधित कर दिया था, जिससे स्थिति अनियंत्रित हो रही थी। बांसडीह थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक हटने के लिए कहा, लेकिन उनकी ओर से कोई सहयोग नहीं मिला। झड़प के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने यह भी कहा कि मृतक के परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है, और मुआवजे का मामला प्रशासन के पास विचाराधीन है।

यह घटना बांसडीह क्षेत्र में तनाव का कारण बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की इस कार्रवाई ने उनके विश्वास को ठेस पहुंचाई है। कुछ स्थानीय नेताओं ने भी इस घटना की निंदा की है और इसे पुलिस की बर्बरता का उदाहरण बताया। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही, ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि राकेश शाह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था, और उसकी मौत से परिवार आर्थिक संकट में आ गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आगे और बड़े प्रदर्शन कर सकते हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।