मसूरी में स्वतंत्रता सेनानी अब्बास तैयब जी की पुण्यतिथि पर किया याद, सरकार की बेरुखी पर मुस्लिम समाज में जताई नाराजगी।

Jun 9, 2024 - 19:16
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मसूरी में स्वतंत्रता सेनानी अब्बास तैयब जी की पुण्यतिथि पर किया याद, सरकार की बेरुखी पर मुस्लिम समाज में जताई नाराजगी।

रिपोर्टर सुनील सोनकर/ मसूरी। देश की स्वतंत्रता की लड़ाई में अहम भूमिका निभाने वाले अब्बास तैयब जी की पुण्यतिथि पर मसूरी में याद किया गया। उनकी कब्र पर जाकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया गया। वहीं, अब्बास तैयब जी की पुण्यतिथि को सरकार और प्रशासन की ओर से भुला दिए जाने पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।

महात्मा गांधी की ओर से अब्बास तैयब जी को ग्रांड ओल्ड मैन ऑफ गुजरात की संज्ञा दी गई थी। मसूरी लक्ष्मीपुर कब्रिस्तान में मुस्लिम समुदाय के लोगों अब्बास तैयब जी की कब्र पर पहुचे और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। अब्बास तैयब जी की कब्र और उनकी कब्र तक जाने वाले मार्ग की क्षतिग्रस्त हालत में देखकर नाराजगी व्यक्त की गई। वही मुख्य मार्ग से अब्बास तैयब जी की कब्र पर जाने के क्षतिग्रस्त मार्ग को भी ठीक करने के साथ उनकी कब्र कर संरक्षित किये जाने की मांग की।

स्थानीय निवासी मंजूर अहमद, कामिल अली और मौहम्मद मोनीष ने बताया कि आज अब्बास तैयब जी की पुण्यतिथि है। उनकी पुण्यतिथि को लेकर न तो शासन, न ही प्रशासन की ओर से कोई कार्यक्रम आयोजित किया गया, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अब्बास जी ने स्वतंत्रता की लड़ाई में अपनी अहम योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि गांधीजी के साथ रहते हुए अब्बास तैयब जी ने खादी का प्रचार प्रसार किया और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज बुलंद की। आज अब्बास तैयब जी को याद करना भी मुनासिब नहीं समझा जा रहा है। सरकार की अनदेखी के कारण अब्बास तैयब जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी के नामों-निशान को खत्म किया जा रहा है।

उन्होने ने कहा कि अब्बास तैयब जी के नाम पर मसूरी पेट्रोल पंप से गांधी चौक तक का नाम रखा गया था। उस मार्ग का प्रचार- प्रसार ही नहीं किया गया। मसूरी में अब्बास तैयब जी के आवास पर सीपीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस चलाया जा रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार से मांग की कि अब्बास तैयब के घर को हेरिटेज भवन घोषित किया जाए। वहां अब्बास तैयब के जीवन से जुड़ी चीजों और उनके इतिहास को प्रदर्शित किया जाए। म्यूजियम निर्माण की मांग की गई, ताकि आने वाली पीढ़ी को अब्बास जी के किए गए कार्यों के बारे में पता लग सके।उन्होने मसूरी लक्ष्मणपूरी स्थित कब्रिस्तान में उनकी कब्र औी जाने वाले रास्ते के निर्माण किये जाने की मांग की गई।

अब्बास तय्यब जी मशहुर तय्यब जी खानदान में 1 फरवरी 1854 को पैदा हुए थे। 9 जून 1936 को जस्टिस अब्बास तैय्यब जी का इंतकाल 82 साल की उम्र में मसूरी में हुआ था। महात्मा गांधी ने उनकी याद में एक लेख श्हरिजन अखबार में लिखा था। इसमें अब्बास तैयब को उन्होंने ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ गुजरात की संज्ञा से संबोधित किया। अब्बास तैय्यब जी को उन्होंने मानवता का दुर्लभ खिदमतगार बताया। महात्मा गांधी ने लिखा कि अब्बास मियां मरे नहीं हैं, उनका शरीर कब्र में आराम फरमा रहा है। उनका जीवन हमारे लिए प्रेरणास्रोत है।

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