जिले के टेक्सटाइल पार्क से रोजगार के नये अवसर खुलेंगे, यह योजना के तहत शुरू हुई सात प्रमुख टेक्सटाइल पार्कों में से एक
लायन रोकने और कारीगरों की घर वापसी में यह पार्क अहम भूमिका निभाएगा। हरदोई और लखनऊ जिलों की सीमा पर 1162 एकड़ भूमि पर बनने वाला संत कबीर मेगा वस्त्र एवं परिधान पार्क क्षेत्र के विकास का नया अध्याय लिखने जा रहा है। 1200 करोड़ रुपये ...
By INA News Hardoi.
डीसीएम श्रीराम ग्रुप द्वारा शाहाबाद के लोनी में बाटलिंग प्लांट स्थापित करने की योजना से स्थानीय युवाओं और किसानों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। 70 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस प्लांट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार में वृद्धि होगी। इसके साथ ही, किसानों को फसल अवशेष के बेहतर उपयोग के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। परियोजना प्रधानमंत्री मित्र योजना के तहत शुरू हुई सात प्रमुख टेक्सटाइल पार्कों में से एक है। इसके निर्माण से एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
साथ ही, पलायन रोकने और कारीगरों की घर वापसी में यह पार्क अहम भूमिका निभाएगा। हरदोई और लखनऊ जिलों की सीमा पर 1162 एकड़ भूमि पर बनने वाला संत कबीर मेगा वस्त्र एवं परिधान पार्क क्षेत्र के विकास का नया अध्याय लिखने जा रहा है। 1200 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पार्क से 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की उम्मीद है।
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पार्क में वस्त्र और परिधान उद्योग से संबंधित सभी इकाइयां स्थापित की जाएंगी। हरदोई और उसके आस-पास के क्षेत्रों में चल रही ये परियोजनाएं न केवल रोजगार सृजन करेंगी, बल्कि औद्योगिक विकास को भी नई ऊंचाई पर ले जाएंगी। ये प्रयास प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही स्थानीय निवासियों की आर्थिक स्थिति को सशक्त करेंगे। जिले में 100 एकड़ क्षेत्रफल में बनने वाला बायोटेक पार्क किसानों और कृषि उद्यमियों के लिए वरदान साबित होगा।
यह कृषि, जैव रसायन और न्यूट्रास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देगा। गंगा एक्सप्रेसवे के निकट 136 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक गलियारे का विकास हो रहा है। यह कॉरिडोर मेरठ से प्रयागराज और हरदोई-इटावा एक्सप्रेसवे के जरिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इसके जरिए स्थानीय निवासियों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। 440 करोड़ रुपये की लागत से संडीला औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है।
इसमें 750 एकड़ भूमि पर औद्योगिक इकाइयों के लिए सड़क, पेयजल, बिजली और पार्क जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कृषि अवशेषों से कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) बनाने के लिए हरदोई जिले में तीन स्थानों पर 21 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। इन प्लांट्स से जैव ईंधन निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, जो ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति लाएगा।
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