पीलीभीत में गैस गीजर से दम घुटने से सरकारी कर्मचारी और पत्नी की दर्दनाक मौत, पुलिस ने बाथरूम का दरवाजा तोड़कर निकाले शव। 

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक सरकारी कर्मचारी और उनकी पत्नी की गैस गीजर से दम घुटने के कारण मौत हो गई। यह घटना शहर कोतवाली

By INA News Desk
Dec 22, 2025 - 13:54
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पीलीभीत में गैस गीजर से दम घुटने से सरकारी कर्मचारी और पत्नी की दर्दनाक मौत, पुलिस ने बाथरूम का दरवाजा तोड़कर निकाले शव। 
पीलीभीत में गैस गीजर से दम घुटने से सरकारी कर्मचारी और पत्नी की दर्दनाक मौत, पुलिस ने बाथरूम का दरवाजा तोड़कर निकाले शव। 

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक सरकारी कर्मचारी और उनकी पत्नी की गैस गीजर से दम घुटने के कारण मौत हो गई। यह घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के गुरुकुल धाम कॉलोनी में हुई जहां दंपति किराए के मकान में रहते थे। मृतक की पहचान हरजिंदर (42 वर्ष) के रूप में हुई जो जिला ग्रामीण विकास एजेंसी में चौथी श्रेणी का कर्मचारी थे। उनकी पत्नी का नाम रेनू सक्सेना (40 वर्ष) था। घटना 21 दिसंबर 2025 की शाम की है जब हरजिंदर अपनी पत्नी को नहला रहे थे क्योंकि हाल ही में रेनू का हाथ टूट गया था और वे घायल थीं। हरजिंदर अपनी पत्नी की देखभाल करते थे और उस दिन शाम को वे दोनों बाथरूम में गए। गैस गीजर चालू था और बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद था। देर रात तक जब घर में कोई हलचल नहीं हुई तो पड़ोसियों को शक हुआ। पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया भी शामिल थे। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ बाथरूम का दरवाजा तोड़ा। अंदर दोनों के शव मिले। आशंका है कि बंद बाथरूम में गैस गीजर से निकली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण ऑक्सीजन की कमी हो गई और दोनों की दम घुटने से मौत हो गई।

पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच में मौत का कारण गैस गीजर से दम घुटना बताया गया है। घटना से कॉलोनी में सनसनी फैल गई। दंपति का कोई संतान नहीं थी और वे किराए के मकान में अकेले रहते थे। हरजिंदर विकास भवन में कार्यरत थे और नियमित रूप से ड्यूटी जाते थे। रेनू सक्सेना की हालत हाथ टूटने के कारण कमजोर थी इसलिए हरजिंदर उनकी मदद करते थे। यह घटना सर्दियों में गैस गीजर के उपयोग से होने वाले हादसों की याद दिलाती है जहां बंद जगह में वेंटिलेशन न होने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस जमा हो जाती है। पुलिस ने शवों को बाहर निकालकर परिजनों को सूचना दी। जांच में फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है लेकिन प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण स्पष्ट है। पड़ोसियों ने बताया कि शाम को दंपति घर में थे और कोई असामान्य आवाज नहीं आई। देर रात हलचल न होने पर उन्होंने पुलिस को बताया।

पुलिस अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और दरवाजा तोड़ने का निर्देश दिया। शव बाहर निकालने के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। यह घटना पीलीभीत में गैस गीजर से मौत का मामला है जहां दंपति की एक साथ मृत्यु हो गई। हरजिंदर और रेनू सक्सेना की मौत से उनके परिजनों में मातम छा गया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे। घटना के समय बाथरूम में गैस गीजर चल रहा था और दरवाजा बंद होने से गैस बाहर नहीं निकल पाई। इससे दोनों बेहोश हो गए और मौत हो गई। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की है। यह हादसा बंद बाथरूम में गैस गीजर के खतरे को उजागर करता है। दंपति किराए के मकान में रहते थे और उनकी जिंदगी सामान्य चल रही थी। रेनू के हाथ टूटने के बाद हरजिंदर उनकी पूरी देखभाल कर रहे थे। इस घटना ने इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने शवों को अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि की। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह मामला कोतवाली थाने में दर्ज किया गया है।

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