गोरखपुर में सीएम योगी की सुरक्षा घेरे में घुसी आवारा गाय, नगर निगम सुपरवाइजर निलंबित।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया है। यह घटना 19 दिसंबर 2025 की शाम की है
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया है। यह घटना 19 दिसंबर 2025 की शाम की है जब मुख्यमंत्री गोरखनाथ ओवरब्रिज के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे। मुख्यमंत्री की कार कार्यक्रम स्थल पर रुकी और सबसे पहले भाजपा सांसद रवि किशन कार से उतरे। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार से बाहर आए। ठीक इसी दौरान एक आवारा गाय अचानक दौड़ती हुई उनकी कार के पास पहुंच गई। गाय सुरक्षा घेरा तोड़कर मुख्यमंत्री के करीब आ गई जिससे सुरक्षा कर्मियों में हलचल मच गई। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत घेरा बनाकर गाय को दूसरी ओर भगा दिया और स्थिति को नियंत्रित कर लिया। इस घटना का वीडियो सामने आया जो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि मुख्यमंत्री के कार से उतरते ही कुछ सेकंड बाद गाय उनकी ओर बढ़ी।
यह घटना गोरखनाथ ओवरब्रिज उद्घाटन के दौरान हुई। ओवरब्रिज गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र में बना है और इसके बाहरी दीवारों पर गोरखपुर की संस्कृति को दर्शाने वाली मुरल पेंटिंग की गई हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा उनके गृह क्षेत्र गोरखपुर का था जहां वे विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने पहुंचे थे। वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच के आदेश दिए। गोरखपुर नगर निगम आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने आंतरिक जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि क्षेत्र में आवारा पशुओं की निगरानी और नगर निगम के कार्यों की जिम्मेदारी संभालने वाले सुपरवाइजर अरविंद कुमार की लापरवाही सामने आई। इस लापरवाही के लिए अरविंद कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। नगर आयुक्त ने कहा कि वीवीआईपी मूवमेंट से संबंधित किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा कर उन्हें और सख्त किया जाएगा। घटना के समय मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई कर गाय को रोक लिया जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। वीडियो 25 सेकंड का है जिसमें सांसद रवि किशन का कार से उतरना, फिर मुख्यमंत्री का उतरना और उसके चार सेकंड बाद गाय का आना साफ दर्ज है। यह घटना एक महीने के अंदर मुख्यमंत्री की सुरक्षा में दूसरी चूक है। इससे पहले 2 दिसंबर को वाराणसी में काशी-तमिल संगमम कार्यक्रम के दौरान एक नशे में धुत युवक सुरक्षा घेरा तोड़कर मंच के पास पहुंच गया था। वहीं 4 दिसंबर को गोरखपुर में ही मुख्यमंत्री के एयरपोर्ट जाने के दौरान एक बस चेतावनी क्षेत्र में घुस गई थी। इन घटनाओं से वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
गोरखपुर में यह घटना ऐसे समय हुई जब मुख्यमंत्री विकास कार्यों का जायजा लेने और उद्घाटन करने अपने गृह क्षेत्र में थे। ओवरब्रिज का निर्माण मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में दिए निर्देशों पर शुरू हुआ था। कार्यक्रम स्थल पर पूरे रूट और जगह की पहले से सैनिटाइजेशन किया जाता है लेकिन आवारा गाय का इस तरह घुस आना लापरवाही को दर्शाता है। जांच में नगर निगम की जिम्मेदारी तय हुई क्योंकि आवारा पशुओं को नियंत्रित करना नगर निगम का कार्य है। सुपरवाइजर अरविंद कुमार की ड्यूटी क्षेत्र में सफाई और आवारा पशुओं की निगरानी की थी। वीडियो सामने आने के बाद रविवार को कार्रवाई की गई। यह मामला उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं की समस्या को भी उजागर करता है। राज्य में आवारा मवेशियों को गौशालाओं में रखने की व्यवस्था है लेकिन कई जगहों पर यह समस्या बनी हुई है। गोरखपुर जैसे शहर में भी आवारा गायों का घूमना आम है। इस घटना से सुरक्षा प्रोटोकॉल की कमियां सामने आई हैं। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्थाओं को मजबूत करने का आश्वासन दिया है। वीवीआईपी मूवमेंट से पहले क्षेत्र को पूरी तरह खाली कराना और आवारा पशुओं को हटाना अनिवार्य होता है लेकिन इस बार चूक हो गई। घटना के बाद नगर निगम ने क्षेत्र में आवारा पशुओं को पकड़ने की कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री का काफिला कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा और उतरते ही यह घटना हुई। सुरक्षाकर्मियों ने गाय को घेरकर भगाया। वीडियो में यह पूरी घटना कैद हो गई जो बाद में वायरल हुई। इस चूक को गंभीरता से लेते हुए केवल नगर निगम सुपरवाइजर को ही निलंबित किया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई हो सकती है। यह घटना 20 दिनों में तीसरी सुरक्षा चूक है जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है।
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