इंदिरापुरम के दिव्या अपार्टमेंट में पटाखों की चिंगारी से भीषण आग, 19 परिवार सुरक्षित निकाले गए।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम इलाके में बुधवार रात एक मल्टीस्टोरी आवासीय भवन में भीषण आग लग गई। यह घटना शक्ति खंड-2 स्थित फ्रेंड्स एवेन्यू के दिव्या
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम इलाके में बुधवार रात एक मल्टीस्टोरी आवासीय भवन में भीषण आग लग गई। यह घटना शक्ति खंड-2 स्थित फ्रेंड्स एवेन्यू के दिव्या अपार्टमेंट में हुई, जहां दीपावली की तैयारियों के बीच पटाखों की चिंगारी ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की शुरुआत शाम करीब साढ़े आठ बजे ग्राउंड फ्लोर के एक फ्लैट की बालकनी से हुई। बताया जाता है कि वहां पर पटाखे फोड़ते समय निकली चिंगारी से एक अस्थायी संरचना में आग लग गई, जो तेजी से फैलने लगी। कुछ ही मिनटों में लपटें ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गईं और कई बालकनियों को अपनी चपेट में ले लिया। अपार्टमेंट में रहने वाले निवासियों में अफरा-तफरी मच गई। चीखें-पुकार मचने लगीं, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। स्थानीय लोगों और दमकलकर्मियों की तत्परता से 19 परिवारों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही वैशाली फायर स्टेशन पर अलार्म बज उठा। चीफ फायर ऑफिसर राहुल कुमार ने बताया कि सूचना शाम 8:30 बजे प्राप्त हुई। उन्होंने तुरंत टीम को रवाना किया। वैशाली, इंदिरापुरम, वसुंधरा और साहिबाबाद से कुल छह फायर टेंडर गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मी सांस लेने वाले विशेष गियर पहनकर धुंध और धुएं से भरी इमारत में घुसे। आग इतनी तेज थी कि भवन के बाहर से ही लपटें दिखाई दे रही थीं। कर्मचारियों ने पानी की बौछारें चलाकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया गया। इस दौरान कुछ लोग ऊपरी मंजिलों पर फंस गए थे, जिन्हें दमकलकर्मियों ने सीढ़ियों और रस्सियों की मदद से नीचे उतारा। एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि वे बालकनी में खड़ी थीं जब आग ने उन्हें घेर लिया। दमकलकर्मी ने उन्हें कंधे पर उठाकर सुरक्षित जगह पहुंचाया।
अपार्टमेंट एक पांच मंजिला भवन है, जिसमें करीब दो दर्जन फ्लैट हैं। आग मुख्य रूप से ग्राउंड फ्लोर से शुरू होकर पहली और दूसरी मंजिल तक फैली। कई बालकनियों में रखे सामान, फर्नीचर और कपड़े जलकर राख हो गए। एक फ्लैट में स्टोर की गई पटाखों की वजह से आग और भड़क गई। निवासियों ने कहा कि दीपावली का त्योहार नजदीक होने से लोग घरों में पटाखे रखे हुए थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले परिवार ने बच्चों के साथ पटाखे फोड़े थे। चिंगारी बालकनी पर लगे तिरपाल पर गिरी और देखते ही देखते आग का गोला बन गया। ऊपर के फ्लैटों से लोग भागने लगे। कोई जूते तक नहीं पहन पाया। महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा डरे हुए थे। एक मां ने अपनी दो बेटियों को गोद में उठाकर सीढ़ियों से उतरी। सौभाग्य से लिफ्ट में कोई फंस नहीं गया। स्थानीय लोग भी मदद के लिए दौड़े। उन्होंने दरवाजे तोड़े, खिड़कियां हिलाईं और फंसे लोगों को बाहर निकाला।
पुलिस और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इंदिरापुरम थाने की पुलिस ने इलाके को घेर लिया ताकि भीड़ न जमा हो। एसएचओ ने कहा कि शुरुआत में कुछ लोग फंस गए थे, लेकिन सभी को बचा लिया गया। कोई चोट या जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। आग बुझाने के बाद कर्मचारियों ने भवन का निरीक्षण किया। कई फ्लैटों में बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए थे, इसलिए बिजली कनेक्शन काट दिया गया। निवासियों को अस्थायी रूप से बाहर ही रहने को कहा गया। रात भर वे सड़क पर ही बैठे रहे। नगर निगम की टीम ने सुबह सफाई अभियान चलाया। जले हुए मलबे को हटाया गया। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सहायता का भरोसा दिया। चीफ फायर ऑफिसर ने कहा कि आग पटाखों की वजह से लगी लगती है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही पुष्टि होगी।
यह घटना दीपावली के ठीक पहले हुई, जब पूरा देश त्योहार की धूम में डूबा हुआ था। गाजियाबाद में इस साल पटाखों पर प्रतिबंध है, लेकिन लोग चुपके से फोड़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पटाखों की चिंगारियां सूखे मौसम में आसानी से आग पैदा कर देती हैं। अपार्टमेंट जैसे ऊंचे भवनों में बालकनियों पर सामान रखना खतरनाक है। आग तेजी से फैल जाती है। इस हादसे ने स्थानीय लोगों को सतर्क कर दिया। कई निवासियों ने कहा कि अब वे सावधानी बरतेंगे। एक रिटायर्ड अधिकारी ने बताया कि वे हर साल दीवार पर पटाखे फोड़ते थे, लेकिन अब बंद कर देंगे। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गए, जिसमें आग की लपटें दिख रही हैं। लोग प्रशासन की तारीफ कर रहे हैं कि इतनी तेजी से कार्रवाई की। एक यूजर ने लिखा कि दमकलकर्मी सच्चे हीरो हैं।
गाजियाबाद फायर डिपार्टमेंट ने इस मौके पर अपील की है। उन्होंने कहा कि पटाखे केवल खुले मैदान में फोड़ें। बालकनियों या घर के अंदर न रखें। अगर आग लगे तो तुरंत 101 पर कॉल करें। धुंध में सांस लेने के लिए गीला कपड़ा मुंह पर रखें। ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोग सीढ़ियों का इस्तेमाल करें। शहर में फायर स्टेशन बढ़ाने की मांग उठ रही है। इंदिरापुरम जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में दमकल गाड़ियां कम पड़ जाती हैं। चीफ फायर ऑफिसर ने बताया कि विभाग के पास 20 से ज्यादा टेंडर हैं, लेकिन ट्रैफिक की वजह से देरी हो जाती है। प्रशासन ने जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया। स्कूलों और सोसाइटियों में सेफ्टी वर्कशॉप होंगे।
यह हादसा सिर्फ एक अपार्टमेंट तक सीमित नहीं। यह पूरे शहर के लिए सबक है। गाजियाबाद तेजी से बढ़ रहा है। नए-नए हाईराइज बन रहे हैं। लेकिन फायर सेफ्टी का ध्यान कम दिया जाता है। कई भवनों में स्प्रिंकलर सिस्टम नहीं है। इमरजेंसी एग्जिट ब्लॉक हो जाते हैं। इस घटना के बाद आरडब्ल्यूए ने मीटिंग बुलाई। उन्होंने फैसला किया कि हर सोसाइटी में फायर ड्रिल होगी। निवासियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। एक बच्चे ने कहा कि वह डर गया था, लेकिन फायरमैन अंकल ने हौसला दिया। परिवारों ने उनका धन्यवाद किया। कुछ ने चंदा इकट्ठा कर दमकलकर्मियों को सम्मानित करने की योजना बनाई।
कुल मिलाकर, यह घटना खुशी के त्योहार में दुख का बादल लाई, लेकिन साहस और एकजुटता की मिसाल भी कायम की। सभी 19 परिवार अब सुरक्षित हैं। कुछ को रिश्तेदारों के घर शरण मिली। बाकी होटल में ठहर रहे हैं। नुकसान तो हुआ, लेकिन जान बची। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट आएगी। अगर लापरवाही पाई गई तो कार्रवाई होगी। उम्मीद है कि यह वाकया सबको सतर्क करेगा। दीपावली मनाएं, लेकिन सावधानी से। पटाखों की चमक के साथ सुरक्षा का दीया भी जलाएं। गाजियाबाद प्रशासन ने वादा किया है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे। शहरवासी अब पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं।
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