Ayodhya News: ऑपरेशन त्रिनेत्र की बड़ी कामयाबी, अयोध्या में पिकअप चोरी के मामले में तीन शातिर चोर गिरफ्तार, SSP गौरव ग्रोवर ने खोला राज

आरोपियों ने ड्राइवर को जलालाबाद में एक कथित प्लाई फैक्ट्री ले जाने का बहाना बनाया। वहां एक आरोपी अंदर चला गया, जबकि दूसरा ड्राइवर के साथ बाहर रुका। इस दौरान ड्राइ...

May 22, 2025 - 22:44
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Ayodhya News: ऑपरेशन त्रिनेत्र की बड़ी कामयाबी, अयोध्या में पिकअप चोरी के मामले में तीन शातिर चोर गिरफ्तार, SSP गौरव ग्रोवर ने खोला राज

By INA News Ayodhya.

अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में थाना कैंट पुलिस ने "ऑपरेशन त्रिनेत्र" के तहत एक शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पिकअप चोरी की गुत्थी सुलझा ली है। इस कार्रवाई में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, और चोरी की गई पिकअप (यूपी41ए टी 7971) के साथ-साथ एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों में खौफ पैदा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. गौरव ग्रोवर ने प्रेसवार्ता में इस ऑपरेशन की सफलता का खुलासा करते हुए बताया कि ऑपरेशन त्रिनेत्र अपराध नियंत्रण में गेम-चेंजर साबित हो रहा है।

घटना के बारे में

यह मामला 2 मई 2025 का है, जब बाराबंकी के ग्राम भथारा, थाना जहांगीराबाद निवासी जमील पुत्र हबीब की पिकअप (यूपी41ए टी 7971) चोरी हो गई थी। जमील ने 7 मई को थाना कैंट में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर के अनुसार, उनका ड्राइवर पिकअप लेकर फैजाबाद की ओर जा रहा था। रास्ते में भेलसर के पास चाय पीने के लिए रुका, जहां दो युवकों ने खुद को प्लाई बोर्ड व्यापारी बताकर ड्राइवर को 2,500 रुपये में माल ढुलाई का लालच दिया।

आरोपियों ने ड्राइवर को जलालाबाद में एक कथित प्लाई फैक्ट्री ले जाने का बहाना बनाया। वहां एक आरोपी अंदर चला गया, जबकि दूसरा ड्राइवर के साथ बाहर रुका। इस दौरान ड्राइवर को चाय पिलाई गई, जिसमें नशीला पदार्थ मिला था। नशे की हालत में ड्राइवर बेहोश हो गया, और जब उसे होश आया तो पिकअप गायब थी। इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी, और पुलिस पर चोरों को पकड़ने का दबाव बढ़ गया।

ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत कार्रवाई

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के नेतृत्व में अयोध्या पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और "ऑपरेशन त्रिनेत्र" के तहत जांच शुरू की। इस ऑपरेशन का उद्देश्य निगरानी प्रणाली, तकनीकी संसाधनों, और सक्रिय पुलिसिंग के जरिए अपराधियों की धरपकड़ करना है। थाना कैंट पुलिस ने प्रभारी निरीक्षक की अगुवाई में स्वाट और सर्विलांस सेल के साथ मिलकर जांच को तेज किया।

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पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, और मुखबिरों की सूचना के आधार पर 22 मई 2025 की रात करीब 2:50 बजे रायपुर शारदा सहायक नहर के पास जलालाबाद पुलिया पर छापेमारी की। इस दौरान तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से चोरी की गई पिकअप और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई। गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच जारी है।

प्रेसवार्ता में एसएसपी का बयान

पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने इस सफलता का श्रेय ऑपरेशन त्रिनेत्र को देते हुए कहा, "यह ऑपरेशन अपराधियों पर नकेल कसने में कारगर साबित हो रहा है। हमारी टीमें तकनीकी संसाधनों और सक्रिय निगरानी के जरिए अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में तेजी से काम कर रही हैं। इस मामले में थाना कैंट पुलिस और स्वाट-सर्विलांस सेल ने बेहतरीन समन्वय दिखाया।"

उन्होंने आगे बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह अन्य चोरी की वारदातों में भी शामिल था। एसएसपी ने यह भी कहा कि अयोध्या में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अपराध नियंत्रण उनकी प्राथमिकता है।

ऑपरेशन त्रिनेत्र की विशेषताएं

ऑपरेशन त्रिनेत्र उत्तर प्रदेश पुलिस की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो अपराध नियंत्रण के लिए तकनीक और सक्रिय पुलिसिंग का उपयोग करती है। इसके तहत:

  • सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल।
  • संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सर्विलांस सेल की सक्रियता।
  • अपराधियों की धरपकड़ के लिए स्वाट और स्थानीय पुलिस का समन्वय।

इस ऑपरेशन ने न केवल पिकअप चोरी जैसे अपराधों को सुलझाने में मदद की है, बल्कि अन्य जघन्य अपराधों पर भी अंकुश लगाने में प्रभावी साबित हुआ है।

इस घटना ने नशीले पदार्थों का उपयोग कर चोरी जैसे अपराधों की गंभीरता को उजागर किया है। अयोध्या जैसे धार्मिक और पर्यटन महत्व के शहर में इस तरह की वारदातें स्थानीय लोगों और व्यापारियों में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल पीड़ित जमील को न्याय दिलाने की दिशा में कदम बढ़ाया, बल्कि अपराधियों में खौफ भी पैदा किया है।

गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उनके आपराधिक नेटवर्क की जांच कर रही है।

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