बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026: टॉपर्स पर होगी धनवर्षा, नकद राशि के साथ मिलेंगे लैपटॉप और किंडल ई-रीडर।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा 2026 के परिणामों की घोषणा राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार द्वारा की गई। इस

Mar 30, 2026 - 16:49
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बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026: टॉपर्स पर होगी धनवर्षा, नकद राशि के साथ मिलेंगे लैपटॉप और किंडल ई-रीडर।
बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026: टॉपर्स पर होगी धनवर्षा, नकद राशि के साथ मिलेंगे लैपटॉप और किंडल ई-रीडर।
  • मेधावी छात्रों के लिए बिहार सरकार का बड़ा ऐलान, प्रथम स्थान प्राप्त करने वालों को मिलेंगे 2 लाख रुपये और स्कॉलरशिप
  • बिहार 10वीं बोर्ड के नतीजे घोषित: 139 छात्र टॉप 10 की सूची में शामिल, बेटियों ने संयुक्त रूप से हासिल किया पहला स्थान

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा 2026 के परिणामों की घोषणा राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार द्वारा की गई। इस वर्ष कुल 15,10,928 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से 12,35,743 छात्रों ने सफलता प्राप्त की है। इस प्रकार कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 81.79% रहा है। परिणामों की घोषणा के साथ ही बोर्ड ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस बार टॉपर्स को मिलने वाली सुविधाओं और पुरस्कारों में व्यापक बढ़ोतरी की गई है। राज्य के मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार ने नकद पुरस्कार की राशि को पिछले वर्षों की तुलना में काफी बढ़ा दिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभावान छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

टॉपर्स के लिए घोषित पुरस्कारों की सूची में प्रथम स्थान पाने वाले परीक्षार्थियों के लिए सबसे आकर्षक प्रस्ताव रखा गया है। बोर्ड के अनुसार, पूरे राज्य में प्रथम रैंक प्राप्त करने वाले प्रत्येक छात्र को 2 लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, उन्हें एक आधुनिक लैपटॉप और एक किंडल ई-बुक रीडर भी दिया जाएगा, ताकि वे डिजिटल माध्यम से अपनी आगे की पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रख सकें। दूसरे स्थान पर रहने वाले मेधावी छात्रों को 1.5 लाख रुपये, एक लैपटॉप और किंडल ई-बुक रीडर से सम्मानित किया जाएगा। वहीं, तीसरे स्थान पर आने वाले छात्रों के लिए 1 लाख रुपये की नकद राशि, लैपटॉप और ई-बुक रीडर का प्रावधान किया गया है। यह पुरस्कार वितरण समारोह 'मेधा दिवस' के अवसर पर आयोजित किया जाएगा।

इस वर्ष की मेरिट लिस्ट में चौथे से दसवें स्थान तक आने वाले छात्रों को भी खाली हाथ नहीं रहना पड़ेगा। बोर्ड ने निर्णय लिया है कि इन रैंकों के बीच आने वाले सभी 139 छात्रों को 20,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि और एक नया लैपटॉप प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही इन सभी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों को पुरस्कृत करने का निर्णय यह दर्शाता है कि राज्य में प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊंचा हो गया है। कई छात्र एक ही रैंक पर संयुक्त रूप से काबिज हैं, जिसके कारण इस बार पुरस्कारों की कुल संख्या में भी वृद्धि हुई है। बिहार सरकार ने टॉपर्स के लिए केवल एकमुश्त पुरस्कार ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक सहायता का भी प्रावधान किया है। देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेधा छात्रवृत्ति के अंतर्गत, टॉप 10 में स्थान बनाने वाले छात्रों को कक्षा 11 और 12 की पढ़ाई के दौरान प्रतिमाह 2,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। यदि छात्र तकनीकी शिक्षा की ओर जाते हैं, तो उन्हें उनके कोर्स की पूरी अवधि तक यह आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।

शैक्षणिक उपलब्धियों की बात करें तो इस बार सिमुलतला आवासीय विद्यालय की छात्रा पुष्पांजलि कुमारी और वैशाली की सबरीन परवीन ने संयुक्त रूप से 492 अंक (98.4%) प्राप्त कर पूरे राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया है। लड़कियों के शानदार प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि वे शिक्षा के क्षेत्र में किसी से पीछे नहीं हैं। टॉप 10 की सूची में शामिल कुल 139 परीक्षार्थियों में से एक बड़ी संख्या छात्राओं की है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि समय पर परीक्षा का आयोजन और रिकॉर्ड समय में मूल्यांकन कार्य पूरा होने से छात्रों को आगे के सत्र की योजना बनाने में काफी मदद मिलती है। मूल्यांकन की प्रक्रिया 2 मार्च से 13 मार्च के बीच पूरी कर ली गई थी, जो बोर्ड की कार्यक्षमता का प्रमाण है।

परीक्षा परिणाम जारी करने से पहले बोर्ड ने अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए टॉपर्स का भौतिक सत्यापन और साक्षात्कार भी आयोजित किया था। इस प्रक्रिया के तहत संभावित टॉपर्स को बोर्ड कार्यालय बुलाकर उनकी लिखावट का मिलान किया गया और संबंधित विषयों से जुड़े सवाल पूछे गए। इस गहन जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि केवल सबसे योग्य छात्र ही मेरिट लिस्ट में जगह पाएं। इस पूरी प्रक्रिया के बाद ही आधिकारिक टॉपर सूची सार्वजनिक की गई। शिक्षा मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और मेधावी बच्चों को मंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, और ये पुरस्कार उसी कड़ी का हिस्सा हैं।

जो छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, उनके लिए बोर्ड ने 'स्क्रूटनी' यानी उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की सुविधा भी प्रदान की है। स्क्रूटनी के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 अप्रैल से 7 अप्रैल 2026 तक खुली रहेगी। इसके लिए छात्रों को प्रति विषय निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। इसके अलावा, जो छात्र एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण हुए हैं, उनके लिए जल्द ही कंपार्टमेंटल परीक्षा का आयोजन किया जाएगा, ताकि उनका पूरा साल बर्बाद न हो और वे इसी सत्र में अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी कर सकें। कंपार्टमेंटल परीक्षा की तारीखों की घोषणा भी जल्द ही आधिकारिक पोर्टल पर की जाएगी।

परिणामों के बाद अब छात्रों की निगाहें उच्च माध्यमिक शिक्षा (कक्षा 11) में नामांकन पर टिकी हैं। बिहार बोर्ड के ऑनलाइन फैसिलिटेशन सिस्टम फॉर स्टूडेंट्स (OFSS) के माध्यम से अप्रैल के पहले सप्ताह से आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। टॉपर्स को मिलने वाली 2 लाख रुपये की राशि और लैपटॉप न केवल उनकी पिछली मेहनत का फल है, बल्कि यह उन्हें भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे कि नीट (NEET) और जेईई (JEE) की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में भी मदद करेगी। सरकार का यह प्रोत्साहन मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल पेश कर रहा है, जहाँ शिक्षा और योग्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

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