Sambhal: गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए - मौलाना अरशद मदनी के बयान का जमीयत नेता ने किया समर्थन बोले गाय पालना बंद कर सकते है लोग।
सम्भल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जिला संरक्षक मौलाना इमरान जाकिर कासमी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि उन्हें मौलाना अरशद मदनी
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जिला संरक्षक मौलाना इमरान जाकिर कासमी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि उन्हें मौलाना अरशद मदनी की उस राय से सौ फीसदी इत्तेफाक है, जिसमें गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि मौलाना अरशद मदनी बहुत सोच-समझकर बयान देते हैं और देश के मौजूदा हालात में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।
मौलाना इमरान जाकिर ने कहा कि इससे समाज में पैदा होने वाले कई विवाद और गलतफहमियां खत्म हो सकती हैं। हालांकि उन्होंने यह आशंका भी जताई कि अगर ऐसा हुआ तो लोग गाय पालना कम कर सकते हैं। उनके मुताबिक ग्रामीण और आम परिवार गाय मुख्य रूप से दूध के लिए पालते हैं और जब वह दूध देना बंद कर देती है तो उसे बेच दिया जाता है। लेकिन यदि बेचने की व्यवस्था या विकल्प खत्म हो जाएगा तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवार गाय पालने से पीछे हट सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोगों के लिए अपने परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है, ऐसे में दूध न देने वाली गाय को लंबे समय तक पालना हर किसी के बस की बात नहीं होगी। इससे धीरे-धीरे गायों की संख्या कम होने का खतरा पैदा हो सकता है। इसके बावजूद मौलाना इमरान जाकिर ने साफ कहा कि हिंदुस्तान के हालात को देखते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का फैसला जरूरी माना जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि जहां तक उन्हें जानकारी है, अब कई जगहों पर गाय की कुर्बानी या वध नहीं किया जा रहा है और राष्ट्रीय पशु घोषित होने के बाद लोग इससे और ज्यादा परहेज करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके बाद पशु बाजारों को लेकर भी गलत धारणाएं खत्म होंगी और लोग सिर्फ पालन-पोषण के उद्देश्य से ही गाय खरीदेंगे। बयान के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
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