Deoband : मोहम्मद साहब से मोहब्बत पर एफआईआर लोकतंत्र के उसूलों की तौहीन- गोरा
कहा कि अगर मुसलमान अपने पैगंबर साहब से मोहब्बत जताने पर सजा पाएं, तो फिर अभिव्यक्ति की आजादी का दावा करने वालों की हकीकत सामने आ जाती है, ऐसे अ
मोहब्बत-ए-रसूल इमान का हिस्सा है और इस मोहब्बत का इजहार करना मुसलमानों का बुनियादी हक है
देवबंद : जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि मोहम्मद साहब से मोहब्बत का इजहार करने पर एफआईआर दर्ज किया जाना न सिर्फ इंसाफ के खिलाफ बल्कि लोकतंत्र के उसूलों की भी खुली तौहीन है। मौलाना कारी इस्कार ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि मोहब्बत-ए-रसूल इमान का हिस्सा है और इस मोहब्बत का इजहार करना मुसलमानों का बुनियादी हक है। लेकिन अफसोस कि बात है कि इसको लेकर लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
कहा कि अगर मुसलमान अपने पैगंबर साहब से मोहब्बत जताने पर सजा पाएं, तो फिर अभिव्यक्ति की आजादी का दावा करने वालों की हकीकत सामने आ जाती है, ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए जो नाइंसाफी और पक्षपात पर उतरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब की मोहब्बत को कोई ताकत हमारे दिलों से नहीं निकाल सकती। लेकिन मुसलमानों को यह भी याद रखना चाहिए कि मोहम्मद साहब ने ऐसे मौकों पर सब्र, हिकमत और अमन बरकरार रखने की तालीम दी है, इसलिए पूरा ध्यान रखना होगा कि कहीं हमारी जल्दबाजी या नासमझी से दुश्मनों को फसाद फैलाने का मौका न मिले।
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