Deoband : 21 माह पूर्व हुई हत्या में तीनों दोस्तों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा
दो दिन बाद उसके भाई नवाबुर्रहमान ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच में जुटी पुलिस को सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में अफजाल आखिरी बार मोहल्ला दुद्धा निवासी
11 जनवरी 2024 को हुई थी अफजाल की हत्या, 10 हजार रुपये की खातिर दोस्तों ने किया था कत्ल
देवबंद। दस हजार रुपये की खातिर कत्ल करने वाले तीन दोस्तों को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनीत कुमार वासवानी की अदालत ने दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड भी लगाया गया है। मोहल्ला सराय पीरजादगान निवासी अफजाल उर्फ मोनू 11 जनवरी 2024 को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था।
दो दिन बाद उसके भाई नवाबुर्रहमान ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच में जुटी पुलिस को सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में अफजाल आखिरी बार मोहल्ला दुद्धा निवासी दोस्त उस्मान के साथ हाईवे स्थित पेट्रोल पंप के पास जाते हुए दिखाई दिया था। जबकि मोहल्ला सराय पीरजादगान निवासी महताब और मोहल्ला दुद्धा निवासी नरेंद्र सैनी को फावड़ा लेकर जाते हुए देखा गया था। पुलिस ने मृतक की पत्नी आसिया की तहरीर पर तीनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी।
जिसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की। आरोपियों की निशानदेही पर दस दिन बाद अफजाल का शव हाईवे किनारे एक गड्ढ़े से बरामद किया गया था। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनीत कुमार वासवानी ने दलीलें सुनने के बाद तीनों को दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास और 70-70 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर दो वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
- 10 हजार रुपये निकालने के शव ने बना दिया हत्यारा
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवी दयाल शर्मा ने बताया कि शराब पीने के दौरान हत्यारोपी उस्मान की जेब से दस हजार रुपये गुम हो गए थे, उसे अफजाल पर पैसे निकालने का शक था। इसको लेकर उनके बीच कहासुनी भी हुई थी। इसी रंजिश में उस्मान ने अपने साथियों के साथ मिलकर अफजाल की हत्या की योजना बनाई और हत्या करने के बाद उसके शव को गड्ढा खोदकर दबा दिया था।
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