Dhadak 2 की रिलीज में देरी: करण जौहर ने सेंसर बोर्ड की संवेदनशीलता की तारीफ की, 1 अगस्त को होगी रिलीज।
Entertainment News: करण जौहर की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'Dhadak 2' की रिलीज में हुई देरी को लेकर निर्माता ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी है। यह फिल्म, जो तमिल फिल्म...
करण जौहर की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'Dhadak 2' की रिलीज में हुई देरी को लेकर निर्माता ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी है। यह फिल्म, जो तमिल फिल्म 'परियेरम पेरुमल' की आधिकारिक रीमेक है, 1 अगस्त 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। सिद्धांत चतुर्वेदी और तृप्ति डिमरी अभिनीत यह रोमांटिक ड्रामा फिल्म जातिवाद जैसे संवेदनशील सामाजिक मुद्दे को उठाती है। हालांकि, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के साथ लंबी प्रक्रिया और 16 बड़े बदलावों के कारण फिल्म की रिलीज पहले तय समय, नवंबर 2024 से टल गई। ट्रेलर लॉन्च इवेंट में करण जौहर ने सीबीएफसी की संवेदनशीलता और समझदारी की तारीफ की, जिसने फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट देने से पहले कई संशोधन किए।
- Dhadak 2 की कहानी और थीम
'Dhadak 2' एक इंटेंस प्रेम कहानी है, जो दो अलग-अलग जातियों के प्रेमियों, नीलेश (सिद्धांत चतुर्वेदी) और विदिशा (तृप्ति डिमरी) के इर्द-गिर्द घूमती है। यह फिल्म तमिल फिल्म 'परियेरम पेरुमल' पर आधारित है, जो तमिलनाडु के एक गांव में निचली जाति के एक युवक की कहानी दिखाती है। फिल्म जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानताओं को उजागर करती है, जो इसे एक सामाजिक-राजनीतिक ड्रामा बनाती है। करण जौहर ने ट्रेलर लॉन्च के दौरान कहा कि कला के माध्यम से ऐसी कहानियां कहना ज़रूरी है, क्योंकि यह समाज को संदेश देने का सबसे प्रभावी तरीका है।
फिल्म का ट्रेलर, जो 11 जुलाई 2025 को रिलीज हुआ, 3 मिनट 4 सेकंड लंबा है और दर्शकों को इसकी भावनात्मक गहराई की झलक देता है। ट्रेलर में नीलेश का डायलॉग, "जो सपना तुम देख रही हो विदिशा, उसमें मेरे लिए कोई जगह नहीं है," और विदिशा का जवाब, "तो फिर ये भी बता दो नीलेश कि इन फीलिंग्स का क्या करूं मैं," फिल्म की भावनात्मक और सामाजिक टकराव को दर्शाता है। ट्रेलर में कॉलेज लाइफ और जातिगत अत्याचारों के दृश्य भी दिखाए गए हैं, जो दर्शकों का ध्यान खींच रहे हैं।
- सीबीएफसी के साथ चुनौतियां और बदलाव
'Dhadak 2' को सीबीएफसी से यू/ए 16+ सर्टिफिकेट मिला है, जिसका मतलब है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चे इसे माता-पिता की निगरानी में देख सकते हैं। हालांकि, सर्टिफिकेट मिलने से पहले फिल्म को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सीबीएफसी ने फिल्म में 16 बड़े बदलाव करने की मांग की, क्योंकि इसमें जातिगत भेदभाव और राजनीतिक संदर्भ जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं। ये बदलाव निम्नलिखित हैं:
पॉलिटिकल डायलॉग में बदलाव: डायलॉग "3,000 साल का बैकलॉग सिर्फ 70 साल में पूरा नहीं होगा" को "इतने सालों का बैकलॉग सिर्फ 70 सालों में पूरा नहीं हो सकता" से बदल दिया गया। यह बदलाव पहले प्रतीक गांधी की फिल्म 'फुले' में भी किया गया था।
जातिसूचक शब्दों को हटाना: 'चमार' और 'भंगी' जैसे आपत्तिजनक शब्दों को म्यूट कर दिया गया।
धार्मिक संदर्भों में संशोधन: डायलॉग "धर्म का काम है" को "पुण्य का काम है" से बदला गया।
हिंसा के दृश्यों में कटौती: एक सीन, जिसमें नीलेश पर पेशाब करने का दृश्य था, को 5 सेकंड छोटा कर दिया गया। नीलेश के पिता को अपमानित करने वाले सीन को भी छोटा किया गया।
कविता और गीत में बदलाव: 'ठाकुर का कुआं' कविता के हिस्से को सेंसर कर दिया गया। संत तुलसीदास के दोहे पर आधारित एक गाने को भी संशोधित किया गया।
डिस्क्लेमर में बदलाव: फिल्म की शुरुआत में 20 सेकंड का डिस्क्लेमर बढ़ाकर 1 मिनट 51 सेकंड का कर दिया गया, और इसे तेज़ आवाज़ में पढ़ने का निर्देश दिया गया।
अन्य दृश्यों में बदलाव: एक महिला के खिलाफ हिंसा का सीन ब्लैक स्क्रीन से बदल दिया गया। तीन अन्य विज़ुअल्स को भी काटा गया।
करण जौहर ने सीबीएफसी की इस प्रक्रिया को "संवेदनशील" और "दयालु" बताया। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने फिल्म के उद्देश्य को समझा और संवेदनशीलता की रक्षा के लिए मेकर्स के साथ मिलकर काम किया। हालांकि, इन बदलावों के लिए समय चाहिए था, जिसके कारण फिल्म की रिलीज नवंबर 2024 से टलकर 2025 तक पहुंची। करण ने यह भी कहा कि वे कभी भी नतीजों के डर से अपनी बात कहने से नहीं हिचकिचाए, और सिनेमा एक प्रभावी माध्यम है, जिसके ज़रिए ऐसी कहानियां सामने लानी चाहिए।
- रिलीज में देरी के कारण
'Dhadak 2' की रिलीज में देरी के कई कारण रहे। शुरुआत में फिल्म 22 नवंबर 2024 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन कुछ प्रमुख कारणों ने इस समयसीमा को प्रभावित किया:
सीबीएफसी की मंजूरी में देरी: फिल्म को सेंसर बोर्ड की मंजूरी के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ा। संवेदनशील कंटेंट, जैसे जातिगत भेदभाव और राजनीतिक डायलॉग्स, की वजह से बोर्ड ने कई बदलावों की मांग की, जिसके लिए समय चाहिए था।
शूटिंग और पोस्ट-प्रोडक्शन: कुछ गाने और पैचवर्क शूटिंग बाकी थी। इसके अलावा, पोस्ट-प्रोडक्शन टीम में बदलाव भी देरी का एक कारण रहा।
सिद्धांत चतुर्वेदी की पिछली फिल्म की असफलता: कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, सिद्धांत की फिल्म 'युद्रा' की बॉक्स ऑफिस पर असफलता ने मेकर्स को 'Dhadak 2' की रिलीज को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। वे दोनों फिल्मों के बीच पर्याप्त समय चाहते थे।
मई 2025 में सीबीएफसी से यू/ए सर्टिफिकेट मिलने के बाद, मेकर्स ने 1 अगस्त 2025 को रिलीज डेट की पुष्टि की। कुछ शुरुआती रिपोर्ट्स में 14 मार्च 2025 की रिलीज डेट का ज़िक्र था, लेकिन अंतिम तारीख 1 अगस्त तय हुई।
'Dhadak 2' की रिलीज को लेकर दर्शकों में उत्साह है, खासकर सिद्धांत चतुर्वेदी और तृप्ति डिमरी की नई जोड़ी के कारण। पहली 'Dhadak' (2018) ने 41 करोड़ रुपये के बजट में 110.11 करोड़ रुपये का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था, जिसमें से भारत में नेट कलेक्शन 73.93 करोड़ रुपये था। इस सफलता ने 'Dhadak 2' के लिए उम्मीदें बढ़ा दी हैं, लेकिन कई चुनौतियां भी हैं:
प्रतिस्पर्धा: 1 अगस्त 2025 को रिलीज होने वाली अन्य फिल्में, जैसे हॉलीवुड रिलीज या बॉलीवुड की बड़ी फिल्में, 'Dhadak 2' के लिए चुनौती पेश कर सकती हैं। उदाहरण के लिए, 'आंखों की गुस्ताखियां' और 'मालिक' ने हाल ही में बॉक्स ऑफिस पर अलग-अलग प्रदर्शन किया, जिसमें 'मालिक' ने 3.35 करोड़ रुपये की ओपनिंग की थी।
वर्ड-ऑफ-माउथ: फिल्म की सफलता काफी हद तक इसके रिव्यूज और दर्शकों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी। ट्रेलर को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, लेकिन सीबीएफसी के बदलावों का कहानी पर कितना असर पड़ा, यह रिलीज के बाद ही पता चलेगा।
सामाजिक संदेश: जातिवाद जैसे गंभीर मुद्दे को उठाने वाली यह फिल्म दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ सकती है, लेकिन संवेदनशील कंटेंट के कारण कुछ दर्शक इससे दूरी भी बना सकते हैं।
ट्रेलर लॉन्च इवेंट में करण जौहर ने कहा कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म के कंटेंट को समझा और संवेदनशीलता के साथ काम किया। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के नजरिए का सम्मान किया, जिससे फिल्म को सिनेमाघरों तक लाने में मदद मिली। करण ने यह भी ज़ोर दिया कि सिनेमा एक शक्तिशाली माध्यम है, और अगर कहानीकार ऐसी कहानियां नहीं बताएंगे, तो समाज में बदलाव कैसे आएगा।
उन्होंने प्रेस स्क्रीनिंग्स को रोकने के अपने फैसले पर भी बात की। करण ने कहा कि वे आलोचना से नहीं डरते, लेकिन कुछ प्रेस स्क्रीनिंग्स में एम्बार्गो तोड़ा गया था, जिससे वे नाराज़ थे।
निर्देशन और प्रोडक्शन: फिल्म का निर्देशन शाजिया इकबाल ने किया है, जबकि करण जौहर, हीरु यश जौहर, और अपूर्व मेहता ने धर्मा प्रोडक्शंस, ज़ी स्टूडियोज, और क्लाउड 9 पिक्चर्स के बैनर तले इसका निर्माण किया है।
- रनटाइम: फिल्म की अवधि 2 घंटे 26 मिनट है।
सहायक कलाकार: आशिष चौधरी, विपिन शर्मा, और दीक्षा जोशी सपोर्टिंग रोल में हैं।
पहली फिल्म से तुलना: पहली 'Dhadak' मराठी फिल्म 'सैराट' की रीमेक थी और जाह्नवी कपूर-ईशान खट्टर की डेब्यू फिल्म थी। 'Dhadak 2' एक अलग कहानी है, जो तमिल फिल्म 'परियेरम पेरुमल' से प्रेरित है।
'Dhadak 2' की रिलीज में देरी और सीबीएफसी के 16 बदलावों ने इसे सुर्खियों में ला दिया है। करण जौहर ने सेंसर बोर्ड की संवेदनशीलता और सहानुभूति की तारीफ की, जिसने फिल्म के सामाजिक संदेश को समझा। सिद्धांत चतुर्वेदी और तृप्ति डिमरी की नई जोड़ी, इंटेंस प्रेम कहानी, और जातिवाद जैसे गंभीर मुद्दे को उठाने वाली यह फिल्म दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए तैयार है।
What's Your Reaction?











