मध्यप्रदेश वन निगम में विवाद: रेंजर मधुसूदन पंवार की वापसी, डीएम की कार्यप्रणाली पर सवाल।
Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश वन राज्य निगम के जंगलों का कोई माई बाप ही नही है इसका उदाहरण तेजी से साफ हो रहे जंगलों की जांच में देखा जा सकता है जिसको लेकर....
- मध्यप्रदेश वन राज्य निगम का एक और मामला आया सामने विवादित मधुसूदन ( डेविड) पंवार रेंजर को फिर उसी रेंज में दे दी ज्वाइनिंग, ग्रामीणों की शिकायत के बाद बैतूल से ट्रान्सफर कर भेजा गया था सीहोर, वापस अपनी पोस्टिंग पर लौटे रेंजर को दे दी मलाईदार रेंज, पूर्व में भी की गई थी शिकायत निगम के डीएम की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
रिपोर्ट- शशांक सोनकपुरिया, बैतूल मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश वन राज्य निगम के जंगलों का कोई माई बाप ही नही है इसका उदाहरण तेजी से साफ हो रहे जंगलों की जांच में देखा जा सकता है जिसको लेकर हमारे द्वारा लगातार मामले उठाये गए थे पर रेन्जरो पर संभागीय प्रबंधक की मेहरबानी के चलते रेंजरो को मलाईदार क्षेत्रों में पदस्थ करके कमीशन का खेल खेला जा रहा है जिसको लेकर शिकायत के बावजूद भी विवादित छवि वाले रेंजर को वापस वहीं पदस्थापित करना कई सवाल खड़े कर रहा है।
आपको बता दें कि रेंजर मधुसूदन पंवार उर्फ डेविड को चुनाहजुरी रेंज के ग्राम निमिया से किसान गुरुदयाल यादव के पुराने घर से निकली लकड़ियों को द्वेषपूर्ण भाव से जब्त किया गया था और उस पर कार्यवाही की गई थी जिसको लेकर लगातार ग्रामीणों द्वारा की जा रही शिकायत के बाद हटाया गया था और सीहोर भेज दिया गया था पर अपने संपर्क लगाकर वापस बैतूल आ गया और अपनी पुरानी जगह पर वापस जम गया और मलाई लपेटने में लग गया सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी आ रही है कि रेंजर मधुसूदन पंवार की चुनाहजुरी में जबसे पदस्थापना हुई एक ही रेंज में पदस्थ है और उसके माफियाओं से संपर्क है और इसी कारण वह अपनी जेब भरने का काम बेरोकटोक कर रहा है।
यह भी जानकारी है कि संभागीय प्रबंधक का चहेता होने के कारण डेविड पंवार को उसी जगह पदस्थ किया गया है और दोंनो की सांठगांठ के चलते तेजी से जंगलों के सफाया हो रहा है इस पूरे मामले में संभागीय प्रबंधक से लेकर एमडी तक सभी अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है अब देखने वाली बात होगी कि खबर प्रकाशित होने के बाद क्या डेविड पंवार को हटाया जाता है या जंगलों के इसी तरह सफाया होता रहेगा ।
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