UP News: 'भारत माता की जय से दुश्मन थर-थर कांपते हैं'- PM मोदी का आदमपुर एयरबेस से जोशीला संबोधन।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के आदमपुर वायुसेना अड्डे से राष्ट्र को संबोधित करते हुए भारतीय सैनिकों की वीरता और देशभक्ति की जमकर प्रशंसा...
आदमपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के आदमपुर वायुसेना अड्डे से राष्ट्र को संबोधित करते हुए भारतीय सैनिकों की वीरता और देशभक्ति की जमकर प्रशंसा की। अपने जोशीले भाषण में उन्होंने कहा, "जब हमारे सैनिक 'भारत माता की जय' का नारा लगाते हैं, तो दुश्मन का कलेजा कांप जाता है।" यह संबोधन भारतीय वायुसेना के एक विशेष कार्यक्रम के दौरान हुआ, जहां PM ने सैनिकों के साथ बातचीत की, नए रक्षा उपकरणों का अनावरण किया और देश की सैन्य ताकत को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों के बलिदान को नमन करते हुए भारत की रक्षा नीति और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।आदमपुर एयरबेस का महत्वआदमपुर वायुसेना अड्डा, जिसे पंजाब का "हवाई रक्षक" कहा जाता है, भारत-पाकिस्तान सीमा के करीब स्थित है और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। यह अड्डा मिग-29 और सुखोई-30 जैसे उन्नत लड़ाकू विमानों का गढ़ है और पश्चिमी सीमा पर भारत की हवाई ताकत का प्रतीक है। PM मोदी का इस संवेदनशील क्षेत्र से संबोधन न केवल सैनिकों का मनोबल बढ़ाने वाला था, बल्कि पड़ोसी देशों के लिए एक कड़ा संदेश भी था।
PM का संबोधन: सैनिकों की वीरता और आत्मनिर्भर भारतप्रधानमंत्री ने अपने भाषण में सैनिकों की बहादुरी को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा, "हमारे जवान न केवल सीमा पर दुश्मन का मुकाबला करते हैं, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं और संकटों में भी देशवासियों के लिए ढाल बनते हैं। उनकी एक हुंकार से दुश्मन के हौसले पस्त हो जाते हैं।" उन्होंने 1965 और 1971 के युद्धों में आदमपुर एयरबेस की भूमिका को याद करते हुए कहा कि इस अड्डे ने हमेशा भारत की रक्षा में अहम योगदान दिया है।
PM ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा, "हमारा लक्ष्य है कि भारत न केवल हथियारों का आयातक रहे, बल्कि दुनिया को हथियार और तकनीक निर्यात करे।" उन्होंने हाल ही में लॉन्च किए गए स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान और अर्जुन टैंक की सफलता का जिक्र किया। इसके साथ ही, उन्होंने DRDO और निजी क्षेत्र की साझेदारी से विकसित हो रहे नए मिसाइल सिस्टम और ड्रोन प्रौद्योगिकी की सराहना की।
- नए रक्षा उपकरणों का अनावरण
इस अवसर पर PM मोदी ने आदमपुर एयरबेस पर स्वदेशी तकनीक से निर्मित कई रक्षा उपकरणों का अनावरण किया। इनमें एक उन्नत रडार सिस्टम और ड्रोन-रोधी तकनीक शामिल हैं, जो सीमा पर निगरानी और सुरक्षा को और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा, "ये उपकरण हमारे सैनिकों को और सशक्त बनाएंगे और भारत को आधुनिक युद्ध की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे।"सैनिकों के साथ संवाद और मनोबलPM ने सैनिकों और उनके परिवारों के साथ समय बिताया, उनकी समस्याएं सुनीं और उनके सुझावों पर चर्चा की। उन्होंने सैनिकों के बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया। एक जवान ने PM से कहा, "आपके आने से हमारा हौसला दोगुना हो गया है।" जवाब में PM ने कहा, "आपका हौसला ही मेरी ताकत है। जब तक आप सीमा पर डटे हैं, कोई दुश्मन भारत की ओर आंख उठाकर नहीं देख सकता।"
- विपक्ष की प्रतिक्रिया और राजनीतिक माहौल
PM के इस दौरे और संबोधन को सत्तारूढ़ दल ने "ऐतिहासिक" करार दिया, जबकि विपक्ष ने इसे "चुनावी स्टंट" बताया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, "सैनिकों का सम्मान करना अच्छी बात है, लेकिन सरकार को जवानों के लिए बेहतर वेतन, पेंशन, और सुविधाएं सुनिश्चित करनी चाहिए।" जवाब में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन (OROP) लागू किया और सैनिकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं। विपक्ष को केवल आलोचना नहीं, बल्कि रचनात्मक सुझाव देने चाहिए।"
PM का यह संबोधन सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से चर्चा में रहा, जहां #BharatMataKiJai और #IndianAirForce ट्रेंड करने लगे। रक्षा विशेषज्ञों ने इसे भारत की रणनीतिक नीति का हिस्सा बताया, जो पड़ोसी देशों, विशेष रूप से पाकिस्तान और चीन, को यह संदेश देता है कि भारत अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। विशेषज्ञ अजय मिश्रा ने कहा, "आदमपुर से PM का यह संबोधन केवल सैनिकों के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए भी था।"
PM ने अपने भाषण में अगले पांच वर्षों में भारत को रक्षा उत्पादन में विश्व के शीर्ष देशों में शामिल करने का लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि 2030 तक भारत का रक्षा निर्यात 50,000 करोड़ रुपये को पार करेगा। इसके लिए सरकार स्टार्टअप्स और निजी कंपनियों को रक्षा क्षेत्र में और प्रोत्साहन देगी। साथ ही, सैनिकों के प्रशिक्षण और कल्याण के लिए नए कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आदमपुर एयरबेस से संबोधन न केवल सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने वाला था, बल्कि भारत की सैन्य ताकत और आत्मनिर्भरता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता था। "भारत माता की जय" के नारे के साथ गूंजा उनका यह संदेश देशवासियों में जोश और गर्व का संचार करता है। यह दौरा और संबोधन भारत के रक्षा इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा, जो सैनिकों की वीरता और देश की एकता को सेलिब्रेट करता है।
What's Your Reaction?