हरदोई: फार्मर रजिस्ट्री एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो किसानों का एकीकृत डेटाबेस (Agristack) तैयार करता है, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए मुख्य सचिव उ०प्र० एवं जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सभी ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर का आयोजन किया गया है। यह शिविर प्रत्येक ग्राम पंचायत के पंचायत भवनों में किया जा रहा है।
उप कृषि निदेशक सतीश कुमार पाण्डेय ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से आच्छादित सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य 15.04.2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाना है। इसके लिए जिले की सभी ग्राम पंचायतों में बने पंचायत भवनों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इसके लिए लेखपालों को निर्देशित किया गया है कि वे आवश्यकतानुसार गांवों में रात्रि निवास कर खतौनी संबंधी समस्याओं का निस्तारण करें और रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान बनाएं। इस कार्य के लिए राजस्व विभाग के लेखपाल, कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक, बीटीएम और एटीएम को ऑपरेटर के रूप में तैनात किया गया है। साथ ही पंचायत राज, ग्राम्य विकास, गन्ना और उद्यान विभाग के कर्मचारियों सहित पंचायत सहायक, रोजगार सेवक, कोटेदार एवं ग्राम प्रधान को भी सहयोग के लिए लगाया गया है। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वि०रा०) को इस पूरे अभियान का संयुक्त नोडल अधिकारी नामित किया है।
तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी और ब्लाक स्तर पर खण्ड विकास अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे इन शिविरों में उपस्थित होकर अपनी खतौनी सहीं कराने, नाम मिसमैच और अंश निर्धारण जैसी प्रक्रियाओं को पूरा कराएं। ऐसा होने से उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहेगा। व्यापक प्रचार प्रसार के लिए गांवों में मुनादी और सोशल मीडिया का सहारा भी लिया जाएगा। उक्त कार्य की समीक्षा मुख्य सचिव एवं जिलाधिकारी के स्तर से प्रतिदिन की जा रही है। उक्त कार्य में लापरवाही/शिथिलता बरतने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही करने के भी निर्देश दिये गये है।