Hardoi: मौसम की मार झेलते किसान, ऊपर से टोल की तानाशाही—वल्लीपुर टोल प्लाजा पर ‘खाई’ ने छीना जीवन का रास्ता।
जनपद के वल्लीपुर टोल प्लाजा से एक बेहद चिंताजनक और किसानों की पीड़ा को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है
हरदोई। जनपद के वल्लीपुर टोल प्लाजा से एक बेहद चिंताजनक और किसानों की पीड़ा को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि टोल प्रशासन ने किसानों की आवाजाही रोकने के लिए न केवल सड़क पर गहरी खाई खुदवा दी, बल्कि वहां लोहे के पिलर गाड़कर रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया।
एक तरफ किसान पहले ही मौसम की मार झेल रहे हैं—कभी बारिश, कभी सूखा और कभी फसल खराब होने का डर—ऐसे में अब टोल प्रशासन की इस कार्रवाई ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। जिन रास्तों से होकर वे अपने खेतों तक पहुंचते थे, वही रास्ते अब बंद कर दिए गए हैं।
यह सिर्फ रास्ता बंद करने का मामला नहीं, बल्कि किसानों की रोज़ी-रोटी पर सीधा हमला है। खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है, जिससे फसल की देखभाल प्रभावित हो रही है और उनकी मेहनत पर संकट मंडरा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह मनमानी और निरंकुश है। बिना किसी वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था किए रास्ता बंद कर देना किसानों के साथ अन्याय ही नहीं, बल्कि उनके अधिकारों का खुला हनन है।
गांव के किसानों की आवाज़ में दर्द और गुस्सा साफ झलक रहा है। उनका कहना है, “एक तरफ मौसम हमें बर्बाद कर रहा है, और दूसरी तरफ टोल वाले हमारी राह ही बंद कर रहे हैं। आखिर हम जाएं तो जाएं कहां?”
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने गंभीर मुद्दे पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि—सांसद और विधायक—अब तक खामोश क्यों हैं? क्या किसानों की आवाज अब किसी तक नहीं पहुंच रही?
किसानों ने इसे “टोल की तानाशाही” और “खुला गुंडाराज” बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही रास्ता बहाल नहीं किया गया, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
यह मामला सिर्फ एक रास्ते का नहीं, बल्कि उन किसानों के संघर्ष का है, जो हर परिस्थिति में देश का पेट भरने के लिए खड़े रहते हैं—लेकिन आज वही किसान अपने ही रास्तों पर बेबस खड़े हैं।
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