अजब- गजब: 6 बच्चों के बाप 'ससुर' ने नाबालिग बेटे की मंगेतर से रचाया निकाह, सोशल मीडिया पर मचा तहलका।
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के बांसनगली गांव में 20 जून 2025 को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने न केवल रिश्तों की पवित्रता को कलंकित ...
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के बांसनगली गांव में 20 जून 2025 को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने न केवल रिश्तों की पवित्रता को कलंकित किया, बल्कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों को भी झकझोर कर रख दिया। एक 55 वर्षीय व्यक्ति, शकील, जिसके छह बच्चे और तीन पोते-पोतियां हैं, ने अपने नाबालिग बेटे की 18 वर्षीय मंगेतर को भगाकर उससे निकाह कर लिया। इस घटना ने शकील के परिवार को टूटने की कगार पर ला दिया, और उसकी पत्नी शबाना और बेटा अयान अब इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
रामपुर जिले के बांसनगली गांव में रहने वाला शकील, जो छह बच्चों का पिता है, ने अपने नाबालिग बेटे अयान का रिश्ता पास के खेमपुर गांव की 18 वर्षीय युवती जबीना से तय किया था। परिवार वालों के अनुसार, यह रिश्ता शकील ने जबरदस्ती तय करवाया था। शबाना और उनके बच्चों ने इस रिश्ते का विरोध किया, क्योंकि अयान अभी केवल 15 साल का है और कानूनी रूप से शादी के लिए नाबालिग है। शकील ने विरोध करने पर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट की और उन्हें रिश्ता स्वीकार करने के लिए मजबूर किया।
रिश्ता तय होने के बाद, शकील का व्यवहार संदिग्ध होने लगा। वह जबीना से घंटों फोन पर बात करता था, और धीरे-धीरे उनकी बातचीत वीडियो कॉल तक पहुंच गई। अयान ने अपने पिता और मंगेतर के बीच इन संदिग्ध बातचीत की रिकॉर्डिंग अपने मोबाइल में सहेज ली थी। उसने कई बार शकील को टोका और इस रिश्ते से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि वह नाबालिग है और अपने पिता की हरकतों से शर्मिंदगी महसूस करता है।
हालांकि, शकील ने अपनी हरकतें नहीं छोड़ीं। एक दिन वह घर से 2 लाख रुपये नकद और डेढ़ तोला सोना लेकर जबीना के साथ फरार हो गया। आठ दिन बाद, जब वह वापस लौटा, तो उसने खुलेआम घोषणा की कि उसने जबीना से निकाह कर लिया है और अब वह उसकी पत्नी है। इस खुलासे ने न केवल उसके परिवार, बल्कि पूरे गांव को हतप्रभ कर दिया। शकील और जबीना अब पड़ोस के शहजादनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में पति-पत्नी के रूप में रह रहे हैं।
परिवार का दर्द और सामाजिक ताने
शकील की पत्नी शबाना ने इस घटना को अपने जीवन का सबसे बड़ा धोखा बताया। उन्होंने कहा, “जिस लड़की को मेरे बेटे की दुल्हन बनना था, वह अब मेरी सौतन बन गई। मेरे पास न मायका है, न कोई सहारा। मैं कहां जाऊं, किससे इंसाफ मांगूं?” शबाना के अनुसार, शकील ने लंबे समय से उनके और उनके बच्चों के साथ मारपीट की और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उनके तीन बेटे, जो रंग-पेंट का काम करते हैं, अपनी मां के साथ हैं और इस घटना से गहरे सदमे में हैं।
अयान ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “मेरे अब्बू ने रिश्तों का खून किया है। मैंने उनकी करतूतों के सबूत इकट्ठा किए, लेकिन मेरे दादा-दादी ने भी उनका साथ दिया। अब समाज के ताने सुनने पड़ रहे हैं।” अयान ने बताया कि उसने साफ कह दिया था कि वह शादी के लिए तैयार नहीं है, लेकिन शकील ने उसकी एक न सुनी।
इस घटना के बाद, गांव में पंचायत बुलाई गई, जिसमें शकील और जबीना को गांव से निकालने का फैसला लिया गया। शबाना और उनके बच्चों को अब समाज के तानों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मजाक और टिप्पणियों, जैसे “बेटे की दुल्हन मां बन गई,” ने उनके परिवार की इज्जत को मिट्टी में मिला दिया है।
- कानूनी स्थिति
शबाना ने स्थानीय पुलिस से इंसाफ की गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं हुई है। भोट और अजीमनगर थाना प्रभारियों ने बताया कि शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला कई गंभीर अपराधों को दर्शाता है, जिनमें शामिल हैं:
जबरन शादी: शकील ने अपने नाबालिग बेटे का रिश्ता जबरदस्ती तय करवाया, जो बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 का उल्लंघन है।
घरेलू हिंसा: शबाना और उनके बच्चों के साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न की शिकायतें घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के तहत जांच का विषय हो सकती हैं।
धोखाधड़ी और चोरी: शकील का घर से पैसे और सोना लेकर भागना चोरी और धोखाधड़ी के दायरे में आ सकता है।
नैतिकता का उल्लंघन: हालांकि प्रेम संबंध और निकाह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला हो सकता है, लेकिन शकील का अपनी होने वाली बहू के साथ संबंध और निकाह सामाजिक और कानूनी मर्यादाओं का उल्लंघन है।
कानूनी विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि जबीना के परिवार की चुप्पी और शकील के माता-पिता की सहमति इस मामले को और जटिल बनाती है। जबीना की सहमति और उसकी उम्र (18 वर्ष) को देखते हुए, यह जांच का विषय है कि क्या उस पर कोई दबाव था या उसने अपनी मर्जी से शकील के साथ निकाह किया।
इस घटना का वीडियो और खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। X पर कई यूजर्स ने इसे “घोर कलयुग” करार दिया, जबकि कुछ ने इसे मजाक का विषय बनाया। एक यूजर ने लिखा, “रामपुर में ससुर ने सारी हदें पार कर दीं। यह रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना है।” एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “शकील ने अपने बेटे की जिंदगी बर्बाद कर दी। अब उसकी पत्नी और बच्चे समाज के तानों का शिकार हो रहे हैं।”
कई लोगों ने शबाना और अयान के प्रति सहानुभूति जताई और पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की। वहीं, कुछ यूजर्स ने जबीना के परिवार की चुप्पी पर सवाल उठाए, यह पूछते हुए कि उन्होंने इस निकाह का विरोध क्यों नहीं किया।
यह घटना कई गंभीर सामाजिक और नैतिक सवाल उठाती है। पहला, क्या शकील का अपनी होने वाली बहू के साथ संबंध और निकाह सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं है? दूसरा, ग्रामीण पंचायतों की ऐसी घटनाओं में भूमिका क्या होनी चाहिए? तीसरा, शबाना और उनके बच्चों को सामाजिक तानों से बचाने के लिए समाज और प्रशासन क्या कर सकता है?
भारत में, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, रिश्तों की पवित्रता को बहुत महत्व दिया जाता है। ससुर और बहू का रिश्ता पिता और बेटी के समान माना जाता है। शकील की इस हरकत ने न केवल उसके परिवार, बल्कि पूरे समाज के सामने एक गलत उदाहरण पेश किया है।
रामपुर के बांसनगली गांव की यह घटना रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करने का एक दुखद उदाहरण है। शकील ने अपने नाबालिग बेटे की मंगेतर को भगाकर और उससे निकाह करके न केवल अपने परिवार को तोड़ा, बल्कि सामाजिक मूल्यों को भी ठेस पहुंचाई।
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