Hardoi : CRS पोर्टल हैक कर फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाला गिरोह पकड़ा गया, तीन गिरफ्तार
टड़ियावां विकास खंड की ग्राम पंचायत रावल और अलीशाबाद के ग्राम विकास अधिकारी राजीव श्रीवास्तव ने टड़ियावां थाने में शिकायत दर्ज की। उन्होंने बताया कि अ
Hardoi : टड़ियावां और बेनीगंज थानों की संयुक्त पुलिस टीम ने सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) पोर्टल को हैक कर फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, चार फर्जी प्रमाण पत्र और CRS पोर्टल की यूजर आईडी व पासवर्ड की छायाप्रतियां बरामद की गईं। यह कार्रवाई 4 जुलाई 2025 को दर्ज एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें ग्राम विकास अधिकारी ने पोर्टल हैकिंग की सूचना दी थी।
टड़ियावां विकास खंड की ग्राम पंचायत रावल और अलीशाबाद के ग्राम विकास अधिकारी राजीव श्रीवास्तव ने टड़ियावां थाने में शिकायत दर्ज की। उन्होंने बताया कि अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी CRS पोर्टल की यूजर आईडी हैक कर फर्जी ईमेल और मोबाइल नंबर का उपयोग करके कई फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए। इस शिकायत के आधार पर टड़ियावां थाने में मुकदमा संख्या 275/25 दर्ज किया गया, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 336(3) (जालसाजी), 336(4) (जालसाजी के लिए दस्तावेज तैयार करना) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 65 के तहत मामला दर्ज हुआ।
पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद टड़ियावां और बेनीगंज थानों की संयुक्त पुलिस टीम ने जांच शुरू की और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम और पते निम्नलिखित हैं:
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अभिषेक गुप्ता पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र कुमार गुप्ता, निवासी 342/145 नौबस्ता, थाना सहादतगंज, लखनऊ
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धर्मेंद्र मद्धेशिया पुत्र जगदीश मद्धेशिया, निवासी ग्राम धुरिया इमीलिया, थाना सेवरही, कुशीनगर
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रूपेश कुमार पुत्र किशन दास, निवासी मोहल्ला डीबी रोड, वार्ड नंबर 14, थाना सहरसा, सहरसा (बिहार)
बरामद सामग्री
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामग्री बरामद की:
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एक एचपी लैपटॉप (अपराध में प्रयुक्त)
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चार मोबाइल फोन (अपराध में प्रयुक्त)
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चार फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र
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CRS पोर्टल की यूजर आईडी और पासवर्ड की छायाप्रतियां
पूछताछ के दौरान आरोपी धर्मेंद्र मद्धेशिया ने बताया कि वह कई वर्षों से जन सुविधा केंद्र चला रहा था। उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से अभिषेक गुप्ता ने फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का प्रस्ताव दिया। अभिषेक और रूपेश ने उसे 10,000 रुपये में CRS पोर्टल की हैक की गई लॉगिन आईडी प्रदान की। इसके बाद धर्मेंद्र ने इस आईडी का उपयोग कर 200-250 रुपये प्रति प्रमाण पत्र के हिसाब से फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए और बेचे।
अभिषेक ने बताया कि उसने CRS पोर्टल को हैक कर फर्जी ईमेल आईडी और पासवर्ड बनाए, जिनका उपयोग फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने के लिए किया गया। यह गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था और विभिन्न राज्यों में अपनी पहुंच बना चुका था।
आरोपियों ने CRS पोर्टल को हैक कर फर्जी ईमेल आईडी और पासवर्ड बनाए। इनका उपयोग करके वे पोर्टल पर लॉगिन करते थे और फर्जी जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर बेचते थे। यह एक संगठित साइबर अपराध था, जिसमें तकनीकी विशेषज्ञता का दुरुपयोग किया गया।
आरोपी अभिषेक गुप्ता का पहले से आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ उन्नाव के साइबर क्राइम थाने में मुकदमा संख्या 3/25 दर्ज है, जिसमें बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत मामला दर्ज हुआ था।
इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम के सदस्य निम्नलिखित हैं:
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प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह, थाना बेनीगंज, हरदोई
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थानाध्यक्ष शिवनारायण सिंह, थाना टड़ियावां, हरदोई
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उपनिरीक्षक व्यास यादव, थाना टड़ियावां, हरदोई
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कांस्टेबल दिलीप कुमार, थाना टड़ियावां, हरदोई
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कांस्टेबल पारस यादव, थाना टड़ियावां, हरदोई
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कांस्टेबल मोहित, थाना टड़ियावां, हरदोई
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कांस्टेबल गौतम प्रकाश, थाना बेनीगंज, हरदोई
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कांस्टेबल सदाकांत मिश्रा, थाना बेनीगंज, हरदोई
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