Hardoi : मिशन शक्ति अभियान 5.0- अरवल में महिलाओं और किशोरियों को सुरक्षा के लिए जागरूक कर रही पुलिस
कार्यक्रम में पुलिस ने महिलाओं को असामाजिक तत्वों से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी। दीक्षा कटियार ने बताया कि अकेले रात में बाहर निकलने से बच
रिपोर्ट : अभिषेक त्रिवेदी
अरवल। मिशन शक्ति अभियान के पांचवें चरण के तहत जिले में पुलिस ने महिलाओं और किशोरियों को सुरक्षा और जागरूकता के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किए हैं। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा के निर्देश पर पूरे जिले में पुलिस टीमें गांवों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों के बारे में बता रही हैं। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और अराजक तत्वों से बचाव के लिए तैयार करना है।
इसी कड़ी में कार्यवाहक थानाध्यक्ष अमित सिंह ने अपनी टीम के साथ ग्राम दहेलिया में दुर्गा पंडाल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में महिला उपनिरीक्षक दीक्षा कटियार, महिला आरक्षी मधुबाला और साक्षी शर्मा शामिल थीं। उन्होंने वहां मौजूद महिलाओं और किशोरियों को आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों 1090 (महिला हेल्पलाइन), 108 (एम्बुलेंस सेवा) और 112 (पुलिस आपातकालीन सेवा) के बारे में विस्तार से बताया। पुलिस ने इन नंबरों का उपयोग कैसे करना है और कब करना है, इसकी जानकारी दी ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद ली जा सके।
कार्यक्रम में पुलिस ने महिलाओं को असामाजिक तत्वों से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी। दीक्षा कटियार ने बताया कि अकेले रात में बाहर निकलने से बचना चाहिए और अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि मिशन शक्ति अभियान का लक्ष्य महिलाओं को न केवल अपनी सुरक्षा के लिए जागरूक करना है, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना भी है। किशोरियों को विशेष रूप से गुड टच और बैड टच के बारे में समझाया गया, ताकि वे किसी भी अनुचित व्यवहार को पहचान सकें और उसका विरोध कर सकें।
महिला आरक्षी मधुबाला ने महिलाओं को आत्मरक्षा के कुछ आसान तरीके भी सिखाए। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास और सतर्कता किसी भी खतरे से बचने का सबसे बड़ा हथियार है। साक्षी शर्मा ने किशोरियों से बातचीत में सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि अनजान लोगों से ऑनलाइन बातचीत में सावधानी बरतनी चाहिए और व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
ग्राम दहेलिया की महिलाओं ने इस पहल की सराहना की। एक स्थानीय महिला ने कहा कि पहले उन्हें हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी नहीं थी, लेकिन अब वे जरूरत पड़ने पर इनका उपयोग कर सकती हैं। एक किशोरी ने बताया कि स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ ऐसी जागरूकता जरूरी है, क्योंकि इससे उन्हें अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने का आत्मविश्वास मिला।
पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान के तहत जिले के सभी थाना क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और बाजारों में पुलिस टीमें जाकर जागरूकता फैला रही हैं। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने इस अभियान को गंभीरता से लिया है और इसका उद्देश्य महिलाओं को हर स्तर पर सुरक्षित और सशक्त बनाना है। मीणा ने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में हेल्पलाइन नंबरों के जरिए कई महिलाओं को तुरंत मदद मिली है, जिससे आपराधिक घटनाओं में कमी आई है।
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