Hathras : बढ़े मानदेय से अनुदेशकों में उत्साह, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिले स्मार्टफोन
कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि सरकार ने अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये कर दिया है। यह फैसला सरकार की संवेदनशीलता और शिक्षकों के प्रति आदर को दिखाता है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके
उत्तर प्रदेश के हाथरस में सेंट फ्रांसिस इंटर कॉलेज ऑडिटोरियम में अंशकालिक अनुदेशक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय के डेमो चेक सौंपे गए। इसके साथ ही नई नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन बांटे गए। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य, सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर, सादाबाद विधायक प्रदीप कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह, जिलाधिकारी अतुल वत्स, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा और मुख्य विकास अधिकारी पी.एन. दीक्षित उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत, दीप जलाकर और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय सादाबाद की छात्राओं के स्वागत गीत के साथ हुई। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण का सीधा प्रसारण दिखाया गया। इसके अलावा शिक्षा पर बनी एक छोटी फिल्म दिखाई गई और छात्र उन्नयन कैलेंडर जारी किया गया। कार्यक्रम में जनसुनवाई (आईजीआरएस) की शिकायतों को दूर करने में अच्छा काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि सरकार ने अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये कर दिया है। यह फैसला सरकार की संवेदनशीलता और शिक्षकों के प्रति आदर को दिखाता है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके अच्छे संस्कारों, प्रतिभा और व्यक्तित्व को निखारने पर भी ध्यान दें। बच्चों को मोबाइल की लत से बचाकर खेलकूद, संगीत, ड्राइंग, वाद-विवाद और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना आज की बड़ी जरूरत है।
सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, विधायक अंजुला सिंह माहौर और विधायक प्रदीप कुमार ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और शिक्षकों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भलाई के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने स्कूलों की सूरत बदलने के अभियान (ऑपरेशन कायाकल्प), स्मार्ट क्लास और विद्यालयों में मिलने वाली अच्छी सुविधाओं के लिए सरकार के प्रयासों की तारीफ की।
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कहा कि जिले की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में शिक्षकों और अनुदेशकों की बड़ी भूमिका है। बच्चों में भरोसा और बातचीत की क्षमता बढ़ाना शिक्षकों की मुख्य जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को यादगारी चिन्ह और लेखक मुंशी प्रेमचंद की मशहूर किताब ‘गोदान’ भेंट की गई। इस समारोह में अलग-अलग विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और शिक्षक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
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