Lucknow : उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन, 84 लाख से ज्यादा बढ़े वोटर और जेंडर रेशियो में हुआ सुधार
ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 13,39,84,792 हो गई है। जनवरी में जारी सूची की तुलना में इसमें 84.28 लाख से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसमें पुरुषों की संख्या
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने लखनऊ में प्रेस वार्ता कर विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के सफल समापन और अंतिम मतदाता सूची जारी होने की जानकारी दी। पिछले साल 27 अक्टूबर से शुरू हुआ यह अभियान 166 दिनों तक चला, जिसमें प्रदेश के सभी 75 जिलों की चुनाव टीमों और बूथ लेवल अधिकारियों ने कड़ी मेहनत की। इस दौरान राजनीतिक दलों के एजेंटों और आम जनता का भी भरपूर सहयोग मिला। अभियान के प्रचार-प्रसार में मीडिया की भूमिका भी अहम रही।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 13,39,84,792 हो गई है। जनवरी में जारी सूची की तुलना में इसमें 84.28 लाख से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसमें पुरुषों की संख्या 7.30 करोड़ और महिलाओं की संख्या 6.09 करोड़ से अधिक है। खास बात यह है कि युवाओं की भागीदारी बढ़ी है और 18-19 आयु वर्ग के 14.29 लाख नए मतदाता जुड़े हैं। जेंडर रेशियो में भी 10 अंकों का सुधार हुआ है, जो अब 834 पर पहुँच गया है। प्रयागराज, लखनऊ और बरेली जैसे जिलों में मतदाताओं की संख्या में सबसे ज्यादा वृद्धि देखी गई है।
अभियान के दौरान मतदाता सूची को शुद्ध बनाने के लिए संदिग्ध नामों की जाँच की गई और नोटिस जारी कर उनकी सुनवाई हुई। निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना उचित प्रक्रिया और ठोस कारण के किसी भी व्यक्ति का नाम सूची से नहीं हटाया गया है। शिकायतों के निपटारे के मामले में उत्तर प्रदेश को देश में पहला स्थान मिला है। यदि कोई व्यक्ति मतदाता सूची से जुड़े फैसलों से संतुष्ट नहीं है, तो वह तय समय के भीतर जिला मजिस्ट्रेट या मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास अपील कर सकता है।
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