Lucknow : यूपी विधानसभा का मानसून सत्र- 24 घंटे चलेगी ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ पर चर्चा
इस सत्र का मुख्य आकर्षण ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ विजन डॉक्यूमेंट पर होने वाली चर्चा है। यह विजन डॉक्यूमेंट उत्तर प्रदेश को 2047 तक एक विक
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आगामी सोमवार से शुरू होने जा रहा है। यह सत्र चार दिनों तक चलेगा, लेकिन इस बार इसकी सबसे खास बात होगी तीसरे दिन यानी बुधवार को होने वाली 24 घंटे की विशेष चर्चा। यह चर्चा सुबह 11 बजे शुरू होगी और अगले दिन दोपहर 2 बजे तक, यानी लगातार 24 घंटे से अधिक समय तक चलेगी। इस दौरान ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ विजन डॉक्यूमेंट पर विस्तृत विमर्श होगा। इस सत्र में प्रदेश सरकार के सभी मंत्री और विपक्षी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों के लिए विकास योजनाओं का खाका पेश करेंगे। सत्र को सुचारु और शांतिपूर्ण ढंग से संचालित करने के लिए विधानसभा में सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जो नेता सदन भी हैं, के साथ-साथ विभिन्न दलों के प्रमुख नेता शामिल हुए।
इस सत्र का मुख्य आकर्षण ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ विजन डॉक्यूमेंट पर होने वाली चर्चा है। यह विजन डॉक्यूमेंट उत्तर प्रदेश को 2047 तक एक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य को रेखांकित करता है। इसके तहत सरकार ने विकास के लिए दीर्घकालिक योजनाओं को तैयार किया है, जिसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, और औद्योगिक विकास जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस चर्चा में सभी मंत्रियों को अपने विभागों की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। प्रत्येक मंत्री को अपने विभाग का विजन डॉक्यूमेंट पेश करने के लिए 15 मिनट का समय दिया जाएगा, जबकि विधायकों को 5 मिनट का समय मिलेगा ताकि वे अपने क्षेत्रों के विकास से संबंधित सुझाव और योजनाएं साझा कर सकें। इस प्रक्रिया में जनता की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक क्यूआर कोड भी जारी किया है, जिसके माध्यम से नागरिक अपने सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचा सकते हैं। यह क्यूआर कोड सरकारी कार्यालयों, पंचायत भवनों, अस्पतालों, और बस स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर उपलब्ध होगा।
सर्वदलीय बैठक में सत्र के सुचारु संचालन पर जोर दिया गया। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’, बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह, और प्रदेश सरकार के गठबंधन सहयोगी दलों के नेताओं जैसे कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर और संजय निषाद शामिल थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी दलों से सत्र को शांतिपूर्ण और सार्थक बनाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार विपक्ष के सभी जायज सवालों और मुद्दों का जवाब देने के लिए तैयार है। साथ ही, उन्होंने विपक्ष से अनुरोध किया कि वे बिना कारण हंगामा न करें और सत्र को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करें। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी सत्र के संचालन के लिए सभी दलों से सहयोग की अपेक्षा जताई।
इस सत्र में विपक्ष कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने की तैयारी में है। इनमें कानून व्यवस्था, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य, महिला सुरक्षा, बेरोजगारी, और किसानों से संबंधित समस्याएं शामिल हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे प्राथमिक विद्यालयों के विलय, बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की स्थिति, और महंगाई जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे। समाजवादी पार्टी के उप-सचेतक डॉ. संग्राम सिंह ने सत्र की अवधि को कम बताते हुए मांग की है कि इसे बढ़ाया जाए ताकि जनता से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हो सके। वहीं, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने विजन डॉक्यूमेंट को स्वागत योग्य बताते हुए इसके कार्यान्वयन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रस्तुत योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में पारदर्शिता और प्रभावशीलता की आवश्यकता है।
दूसरी ओर, सरकार ने सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को पूरा करने की योजना बनाई है। इसमें बांके बिहारी न्यास विधेयक को पेश करना शामिल है, हालांकि इस पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के कारण इसका अंतिम कार्यान्वयन कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगा। इस विधेयक में बांके बिहारी मंदिर के चढ़ावे और संपत्तियों पर न्यास के अधिकार, पुजारियों की नियुक्ति, और वेतन निर्धारण जैसे प्रावधान शामिल हैं। इसके अलावा, सरकार सीएजी की रिपोर्ट, शहरी क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, केंद्रीय सड़क निधि के उपयोग, सरयू नहर परियोजना, और भवन निर्माण कर्मकारों के कल्याण से संबंधित प्रतिवेदनों को सदन के पटल पर रखेगी। कुछ निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित विधेयक भी इस सत्र में पेश किए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मंत्रियों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने विभागों की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करें और विजन डॉक्यूमेंट में विकास के स्पष्ट लक्ष्य शामिल करें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में कोई कमी न रहे। इसके लिए विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, और पर्याप्त नावों व राहत सामग्री की व्यवस्था की गई है। साथ ही, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को इस साल भी ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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