Lucknow : समर्थ उत्तर प्रदेश- विकसित उत्तर प्रदेश @2047 महाभियान के अंतर्गत अब तक 40 लाख से अधिक फीडबैक प्राप्त, 75 जनपदों में हुआ व्यापक जनसंवाद

फतेहपुर की अंकिता सिंह ने सुझाव दिया कि आकांक्षी जिलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने हेतु अभ्युदय कोचिंग कार्यक्रम के अंतर्गत अधिकारियों द्वारा नियमित कक्षाएँ ली

By INA News Desk
Oct 15, 2025 - 23:17
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Lucknow : समर्थ उत्तर प्रदेश- विकसित उत्तर प्रदेश @2047 महाभियान के अंतर्गत अब तक 40 लाख से अधिक फीडबैक प्राप्त, 75 जनपदों में हुआ व्यापक जनसंवाद
Lucknow : समर्थ उत्तर प्रदेश- विकसित उत्तर प्रदेश @2047 महाभियान के अंतर्गत अब तक 40 लाख से अधिक फीडबैक प्राप्त, 75 जनपदों में हुआ व्यापक जनसंवाद

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित एवं समर्थ राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ संचालित ‘समर्थ उत्तर प्रदेश - विकसित उत्तर प्रदेश @2047: समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान’ जनसहभागिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। इस महाभियान के तहत 15 अक्टूबर, 2025 तक प्रदेश के 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों द्वारा भ्रमण कर विभिन्न लक्षित समूहों - छात्र, शिक्षक, व्यवसायी, उद्यमी, कृषक, स्वयंसेवी संगठन, श्रमिक संघटन, मीडिया प्रतिनिधि एवं आम नागरिकों से संवाद स्थापित कर राज्य की विकास यात्रा और भविष्य की दिशा पर विचार-विमर्श किया गया।

महाभियान के अंतर्गत samarthuttarpradesh.up.gov.in पोर्टल पर अब तक 40,76,946 से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए हैं, जिनमें 31,75,337 सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 9,01,609 सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। आयु वर्ग के अनुसार 19,72,730 सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग, 19,04,390 सुझाव 31 से 60 वर्ष आयु वर्ग तथा 1,99,826 सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नागरिकों से प्राप्त हुए हैं।

क्षेत्रवार प्राप्त सुझावों में कृषि क्षेत्र से 9,71,910, ग्रामीण विकास से 8,19,813, शिक्षा क्षेत्र से 10,23,062, समाज कल्याण से 3,00,119, नगरीय व स्वास्थ्य से 2,90,570, पशुधन व डेरी से 1,53,358, इंडस्ट्री से 1,38,563, आईटी एवं टेक से 1,16,486, पर्यटन से 91,579, सुरक्षा से 75,312, संतुलित विकास से 61,118 एवं इन्फ्रा से 35,056 सुझाव प्राप्त हुए हैं।

फीडबैक प्राप्त करने में टॉप पाँच जनपद कृ संभल (1,79,507), जौनपुर (1,70,960), प्रतापगढ़ (1,48,834), बिजनौर (1,45,348) और गोरखपुर (1,43,437) रहे, जबकि महोबा (7,670), फिरोजाबाद (15,776), फतेहपुर (16,143), इटावा (17,855) और पीलीभीत (18,945) जनपदों से अपेक्षाकृत कम फीडबैक प्राप्त हुए हैं।

फतेहपुर की अंकिता सिंह ने सुझाव दिया कि आकांक्षी जिलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने हेतु अभ्युदय कोचिंग कार्यक्रम के अंतर्गत अधिकारियों द्वारा नियमित कक्षाएँ ली जाएँ और विद्यालयों में महिला अधिकारियों के मासिक संवाद से छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ाया जाए। बलरामपुर के डॉ. अमित कुमार गौतम ने सुझाव दिया कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एआई एवं मशीन लर्निंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाए तथा ब्लॉक स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष और आईटी विशेषज्ञ नियुक्त कर डिजिटल प्रशासन को गति दी जाए।

बाँदा के धीरज कुमार ने सुझाव दिया कि पशुधन विकास को प्रोत्साहन देने के लिए मोबाइल वेटरनरी यूनिट, उच्च नस्लीय चारा, स्वास्थ्य परीक्षण, सहकारी समितियों द्वारा विपणन व्यवस्था और गोबर आधारित जैविक खाद उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए। महाभियान के प्रचार-प्रसार एवं जन-जागरूकता हेतु प्रदेशभर में नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं ग्राम पंचायत स्तर पर बैठकों और गोष्ठियों का आयोजन किया गया। अब तक 203 नगर पालिकाओं में बैठकें, 202 नगर पालिकाओं में सम्मेलन, 15 नगर निगमों में बैठकें व सम्मेलन, 54 जिला पंचायतों में सम्मेलन और 50 में बैठकें, 499 नगर पंचायतों में बैठकें व 502 सम्मेलन, 661 क्षेत्र पंचायतों में सम्मेलन व 632 बैठकें, तथा 40,064 ग्राम पंचायतों में संवादात्मक बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इन आयोजनों से प्रदेश में विकास संवाद की नई परंपरा स्थापित हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “जनभागीदारी से विकास” की अवधारणा को साकार करने हेतु सरकार द्वारा प्राप्त सभी फीडबैक का समग्र विश्लेषण कर विजन डॉक्यूमेंट-2047 तैयार किया जा रहा है।

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