Lucknow News: 'जनमनरेगा एप' दिखाएगा गांवों के विकास कार्यों का स्वरूप, मोबाइल एप पर मनरेगा की परिसम्पत्तियों को भी देखने की सुविधा

मनरेगा मेट के लिए भी यह एप बहुत ही महत्वपूर्ण है। जनहित में एप को जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) से लिंक कर दिया गया है। जीपीएस खोलकर मनरेगा की सभी परिसंपत्तियों की जानकारी ली जा स...

Apr 8, 2025 - 22:35
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Lucknow News: 'जनमनरेगा एप' दिखाएगा गांवों के विकास कार्यों का स्वरूप, मोबाइल एप पर मनरेगा की परिसम्पत्तियों को भी देखने की सुविधा

By INA News Lucknow.

लखनऊ: ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने जनमनरेगा एप विकसित किया है। इस एप को डाउनलोड करने के बाद कोई भी मनरेगा की परिसंपतियों को देख सकेगा। हो रहे विकास कार्यों में फीडबैक भी दे सकेगा। इसके अलावा श्रमिक, रोजगार सेवक और मनरेगा कर्मचारी एप से मानदेय के भुगतान की स्थिति को देख पाएंगे। इसे गुगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इसमें खास बात यह है कि कोई भी श्रमिक एप डाउनलोड कर मजदूर सेवाओं पर जाकर जाबकार्ड नंबर डालकर पंजीकरण करा सकेगा।

उपस्थिति के अलावा श्रमिक ने महीने में कितने दिन काम किया, भुगतान की क्या स्थिति है। मनरेगा मेट के लिए भी यह एप बहुत ही महत्वपूर्ण है। जनहित में एप को जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) से लिंक कर दिया गया है। जीपीएस खोलकर मनरेगा की सभी परिसंपत्तियों की जानकारी ली जा सकेगी। कहां पर मनरेगा कार्य किया गया, कितने मजदूर लगे थे, कितना खर्च हुआ, इसकी पूरी डिटेल ली जा सकेगी। मनरेगा से होने वाले विकास कार्यों को लोग जान सकेंगे और अपना फीडबैक भी दे सकेंगे। गुणवत्ता पर सुझाव और शिकायतें भी दर्ज करा पाएंगे।

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यह एप हिंदी, अंग्रेजी सहित 12 भाषाओं में तैयार किया गया है। मनरेगा योजना में पारदर्शिता के लिए यह ऐप विकसित किया गया है। मनरेगा योजना के अंतर्गत चकमार्ग, मेड़बंदी, समतलीकरण, पौधारोपण, गोशाला निर्माण, नाली, खड़ंजा, स्कूलों की बाउंड्री, तालाब की खोदाई, मनरेगा पार्क, ओपन जिम समेत कई कार्य शामिल हैं। ये कार्य अभी मेट और रोजगार सेवकों की देखरेख में चल रहे हैं। मनरेगा कार्यों में मिलने वाली शिकायतों पर विराम लगाने के साथ-साथ लोगों की भी एप के माध्यम से फीडबैक लिया जा सकेगा।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उत्तर इस व्यवस्था से मनरेगा के कार्यों में पारदर्शिता आयेगी और विवरण भी सर्व सुलभ हो सकेंगे व जवाबदेही भी आसानी से निर्धारित हो सकेगी। उन्होने इस ऐप का उपयोग बढ़ाये जाने की आवश्यकता पर बल दिया। आयुक्त, ग्राम्य विकास जी0एस0 प्रियदर्शी द्वारा अवगत कराया गया कि इस मोबाइल एप्लीकेशन से घर बैठे मनरेगा परिसम्पत्ति को देख सकेंगे ,साथ ही नागरिक परिसम्पत्ति के जियोटैग किये गये स्थान के 20 मीटर के दायरे में परिसम्पत्तियों पर प्रतिक्रिया भी प्रदान कर सकेंगे।

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