Lucknow : फूड प्रोसेसिंग राज्य स्तरीय इम्पार्ड कमेटी बैठक, खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 से निवेश  व रोजगार को नई गति

योजनान्तर्गत टी.पी.आई.ए. रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय के प्रोफसर उपेन्द्र कुमार एवं डॉ एम्.एस. करुना को उत्कृष्ट स्थलीय सत्यापन हेतु प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत स्टेट प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनि

Apr 27, 2026 - 23:39
 0  4
Lucknow : फूड प्रोसेसिंग राज्य स्तरीय इम्पार्ड कमेटी बैठक, खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 से निवेश  व रोजगार को नई गति
Lucknow : फूड प्रोसेसिंग राज्य स्तरीय इम्पार्ड कमेटी बैठक, खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 से निवेश  व रोजगार को नई गति

किसानों की आय वृद्धि और स्टार्ट-अप को मिलेगा सशक्त समर्थन

लखनऊ : उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कुशल मार्गदर्शन मे उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग तेजी से एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहा है। यूपी की खाद्य प्रसंस्करण नीति से निवेश, रोजगार और निर्यात को नई रफ्तार मिल रही है।प्रदेश सरकार द्वारा लागू उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति–2023 का उद्देश्य राज्य में निवेश, रोजगार और निर्यात को प्रोत्साहित करते हुए किसानों की आय में वृद्धि करना है। उप मुख्यमंत्री के नेतृत्व व निर्देशन मे खाद्य प्रसंस्करण विभाग, खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र मे सुदृढ़ नीति एवं पारदर्शी व्यवस्था के साथ आगे बढ़ रहा है।कृषि उत्पादन आयुक्त, उ०प्र० शासन दीपक कुमार की अध्यक्षता में  सोमवार को उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अन्तर्गत गठित राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति (एस.एल.ई.सी.) की  बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त कार्यालय सभागार मे संपन्न हुई। बैठक में समिति के समक्ष 18 नए निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, इन प्रस्तावों में स्टार्च निर्माण, डेयरी उत्पाद, पास्ता एवं मुरमुरा उत्पादन, पोल्ट्री एवं कैटल फीड, ऑर्गेनिक उत्पाद प्रसंस्करण तथा विभिन्न खाद्य उत्पादों के विनिर्माण से संबंधित इकाइयां सम्मिलित हैं। समिति द्वारा इन प्रस्तावों पर विस्तार से विचार करते हुए आवश्यक अनुमोदन  प्रदान किया गया

बैठक मे  अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी एल मीणा  द्वारा बताया गया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में पूंजी निवेश में प्रदेश अग्रणी राज्यो मे है। स्वीकृत परियोजनाओ मे रु. 350.00 करोड़ की अनुदान राशि वितरित की जा  चुकी है।बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि परियोजनाएं प्रस्तुत करने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लिया गया कि इकाई स्थल विनियमित क्षेत्र में नहीं है।बैठक में अम्ब्रोसिया प्रोडक्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जनपद बागपत में स्थापित फ्रोजेन फ्रूट्स & वेजिटेबल के निवेशक जयदेव सिंह को समयान्तर्गत इकाई स्थापना एवं प्रदेश में निवेश करने हेतु प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।मेसर्स एफिकनो फिनटेक कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड जनपद अमेठी से स्टार्च उत्पादन से सम्बंधित प्रोडक्ट्स जिसका उपयोग बिस्कुट, टॉफी में किया जायेगा, निवेशक इंजिनियर एस. के. तिवारी, बी.टेक. केमिकल, एम्.टेक. प्रोसेस डिजाइनिंग तथा प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में डिप्लोमा धारक हैं। ई. तिवारी द्वारा अवगत कराया गया कि वे ग्रीन फील्ड केमिकल प्रोजेक्ट्स प्लांट ऑपरेशंस, डीबॉटलनेकिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, गुणवत्ता आश्वासन/अनुपालन, लागत प्रबंधन, अपशिष्ट जल उपचार की सेटिंग के प्रबंधन में 42 वर्ष से अधिक के समृद्ध अनुभव वाले पेशेवर इंजिनियर हैं के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया, बताया गया कि जनपद बुलंदशहर से मेसर्स शाकुंभरी ऑर्गेनिक एक्जिम एलएलपी की ओर से मुकुल गुप्ता द्वारा उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत तिल, मूंगफली, गेहूं और दालों के प्रारंभी तथा द्वितीय प्रसंस्करण, ग्रेडिंग करते हुए पैकिंग से सम्बंधित परियोजना में सब्सिडी हेतु आवेदन किया गया है। मुकुल भूषण गुप्ता कॉमर्स ग्रेजुएट हैं और एम्.बी.ए. धारक हैं। वह एक युवा और दक्ष उद्यमी हैं और इन्हें मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग बिज़नेस, एक्सपोर्ट में 20 साल से ज़्यादा का अनुभव है।

योजनान्तर्गत टी.पी.आई.ए. रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय के प्रोफसर उपेन्द्र कुमार एवं डॉ एम्.एस. करुना को उत्कृष्ट स्थलीय सत्यापन हेतु प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत स्टेट प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट में सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी की सेवाएं नियमानुसार लिए जाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया तथा इसे अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया गया। बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत राज्य की प्रगति की समीक्षा भी की गई। समीक्षा में पाया गया कि कुल लक्ष्य के सापेक्ष 31.67 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है। साथ ही, राज्य सरकार द्वारा तैयार कार्ययोजना भारत सरकार को प्रेषित की जा चुकी है, समिति द्वारा संज्ञान में लिया गया।

कृषि उत्पादन आयुक्त/ अध्यक्ष,राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति दीपक कुमार ने सभी संबंधित विभागों एवं प्राधिकरणों को निर्देशित किया कि निवेशकों की समस्याओं का नियमानुसार त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। बताया गया कि प्रधान मंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना (पी.एम्.एफ.एम्. ई.) अंतर्गत उत्तर प्रदेश 26000 परियोजना स्वीकृति के साथ देश में प्रथम स्थान पर,वही जनपद प्रयागराज प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति में कृषि विभाग से सम्बंधित 22%, उद्यान विभाग से सम्बंधित 30%, मत्स्य से सम्बंधित 20%, दुग्ध विकास से सम्बंधित 22%, गन्ना विभाग से सम्बंधित 3% तथा आयुष, आबकारी एवं पशुपालन से सम्बंधित 1-1% परियोजनाओं के सापेक्ष लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किये गये हैं। बैठक मे फूड प्रोसेसिंग डिपार्टमेंट  सहित अन्य विभागो के अधिकारी व उद्यमी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

Also Click : Deoband : हिफ्ज और बुखारी की शिक्षा पूर्ण करने वाली 350 छात्राएं पुरस्कृत

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow