Lucknow : CM ने प्रगतिशील किसानों, एफ0पी0ओ0 व कृषि वैज्ञानिकों को किया सम्मानित, कृषक उपहार योजना के तहत किसानों को ट्रैक्टर वितरित कर झण्डी दिखाकर रवाना किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने कहा था कि ‘जागरूक जनशक्ति ही सफल लोकतन्त्र का आधार है।’ उन्होंने प्रदेश में भूमि सुधार कार्यक्रम लागू किये। जमींदारी उन्मूल

Dec 23, 2025 - 22:23
Dec 23, 2025 - 22:39
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Lucknow : CM ने प्रगतिशील किसानों, एफ0पी0ओ0 व कृषि वैज्ञानिकों को किया सम्मानित, कृषक उपहार योजना के तहत किसानों को ट्रैक्टर वितरित कर झण्डी दिखाकर रवाना किया
Lucknow : CM ने प्रगतिशील किसानों, एफ0पी0ओ0 व कृषि वैज्ञानिकों को किया सम्मानित, कृषक उपहार योजना के तहत किसानों को ट्रैक्टर वितरित कर झण्डी दिखाकर रवाना किया
  • मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयन्ती पर उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की
  • मुख्यमंत्री ने भारत रत्न चौधरी चरण सिंह सीड पार्क के प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया का शुभारम्भ किया
  • जनपद बाराबंकी में टिश्यू कल्चर की एक अत्याधुनिक लैब के लिए 31 एकड़ से अधिक भूमि चिन्हित की गयी
  • अन्नदाता किसान की खुशहाली के लिए सहकारिता के माध्यम से संचालित भूमि विकास बैंक द्वारा दिये गये ऋण पर ब्याज दर 11 प्रतिशत से घटाकर 06 प्रतिशत की गयी
  • किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह का सम्पूर्ण जीवन अन्नदाता किसानों के लिए समर्पित, वह देश, गांव और किसान के हित में बेहिचक बोलते थे : मुख्यमंत्री
  • प्रधानमंत्री ने देश और किसानों के प्रति उत्कृष्ट सेवाओं के लिए चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित कर देश के किसानों के मान, गरिमा और गौरव को बढ़ाया
  • चौधरी चरण सिंह ने प्रदेश में भूमि सुधार कार्यक्रम लागू किये तथा जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम के माध्यम से किसानों के हित के निर्णय लिए
  • किसानों को प्रत्येक योजना का लाभ प्राथमिकता पर उपलब्ध कराया जा रहा, परिणामस्वरूप, फसलों का उत्पादन कई गुना बढ़ा तथा लागत कम हुई
  • अब अन्नदाता किसान की फसल का दाम कोई बिचौलिया तय नहीं करता, बल्कि किसान स्वयं तय करता
  • तकनीक का उपयोग खेती को सरल बनाने के साथ-साथ उत्पादन को भी बढ़ाता
  • प्रदेश के किसान नई तकनीक अपनाकर अच्छी क्वालिटी के बीज से कम लागत में अच्छा उत्पादन प्राप्त करते हुए प्रदेश का नाम रोशन कर रहे
  • प्राकृतिक खेती में प्रधानमंत्री की विशेष रुचि, गम्भीर बीमारियों से बचने का प्राकृतिक खेती ही एकमात्र साधन
  • राज्य सरकार ने 16 लाख निजी नलकूप से जुड़े अन्नदाता किसानों के बिल को पूरी तरह माफ कर दिया

\लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत माता के महान सपूत, स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी व पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह का सम्पूर्ण जीवन अन्नदाता किसानों के लिए समर्पित था। किसानों के मसीहा के रूप में उनकी ख्याति पूरे भारत में थी। चौधरी चरण सिंह देश, गांव और किसान के हित में बेहिचक बोलते थे। उनका कहना था कि ‘जब तक किसान गरीब रहेगा, तब तक भारत अमीर नहीं हो सकता। ग्रामीण भारत ही असली भारत है। भारतवर्ष की समृद्धि का मार्ग देश के खेत एवं खलिहान से होकर गुजरता है।’मुख्यमंत्री आज यहां पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयन्ती के अवसर पर आयोजित किसान सम्मान दिवस समारोह में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री ने चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों, एफ0पी0ओ0 व उन्नत कृषि में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कृषि वैज्ञानिकों को सम्मानित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के अन्तर्गत 25 किसानों को ट्रैक्टर वितरित कर उन्हें झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने भारत रत्न चौधरी चरण सिंह सीड पार्क के प्लॉट आवण्टन की प्रक्रिया का शुभारम्भ किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश और किसानों के प्रति उत्कृष्ट सेवाओं के लिए चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित कर देश के किसानों के मान, गरिमा और गौरव को बढ़ाने का काम किया। राज्य सरकार उनकी सोच को जमीनी धरातल पर उतारने का कार्य कर रही है। आज चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयन्ती के अवसर पर जब अन्नदाता किसानों को मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के अन्तर्गत ट्रैक्टर वितरण किया गया, तब उनके चेहरे की चमक देखने लायक थी। जब किसान सर्दी और गर्मी की परवाह के बगैर पसीना बहाता है, तो हमारी खेती अन्न के रूप में सोना उगलने का काम करती है। प्रदेश के अन्नदाता किसानों ने अपनी मेहनत से प्रगति की है।मुख्यमंत्री ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने कहा था कि ‘जागरूक जनशक्ति ही सफल लोकतन्त्र का आधार है।’ उन्होंने प्रदेश में भूमि सुधार कार्यक्रम लागू किये। जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम के माध्यम से किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बिचौलियों द्वारा किसानों के शोषण को बन्द करवाने के लिए मण्डी अधिनियम पारित कराया। प्रदेश में होल्डिंग अधिनियम में प्रमुख भूमिका का निर्वहन किया तथा पटवारी व्यवस्था का उन्मूलन किया। लघु एवं सीमान्त श्रेणी के किसानों को 03 एकड़ तक के भूखण्ड के लिए भू-राजस्व के भुगतान में छूट दिलाई। उर्वरकों को बिक्री कर से मुक्त कराया। काम के बदले अनाज कार्यक्रम की शुरुआत की। कृषि और ग्रामीण विकास योजना के लिए ऋण उपलब्ध कराने हेतु राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व व मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने प्रदेश के अन्दर योजनाओं का लाभ दिया, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया। वर्ष 2017 में सरकार के आने के बाद लघु और सीमान्त किसानों के लिए कृषि ऋण मोचन का कार्यक्रम चलाया। आज किसानों को शासन की प्रत्येक योजना का लाभ प्राथमिकता पर उपलब्ध कराया जा रहा है। परिणामस्वरूप, प्रदेश में धान, गेहूं, चना, सरसों, बाजरा, मक्का का उत्पादन कई गुना बढ़ा है तथा लागत कम हुई है। यही किसान की समृद्धि और मुनाफे का आधार है। अब अन्नदाता किसान की फसल का दाम कोई बिचौलिया तय नहीं करता, बल्कि किसान स्वयं तय करता है। यदि मार्केट में किसान को फसल का अच्छा दाम मिलेगा तो वह मार्केट में बेचेगा, अन्यथा सरकार उसकी फसल को खरीदने का कार्य करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैदिक कालखण्ड से हम धरती माता के प्रति आग्रही रहे हैं। हमारा वैदिक उद्घोष रहा है, ‘माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः’ अर्थात् धरती हमारी माता है, हम सब इसके पुत्र हैं। यदि मां के ऊपर कोई संकट आता है, तो संकट से उबारना पुत्र का दायित्व होता है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 में स्वॉयल हेल्थ कार्ड के माध्यम से धरती माता की सेहत के बारे में प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक किया। इसके पूर्व कुछ किसान ही स्वॉयल हेल्थ कार्ड का उपयोग करते थे। अन्नदाता किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना आदि से जोड़ा गया। एम0एस0पी0 की गारण्टी तथा बीज से लेकर बाजार तक किसान के लिए सुविधाओं की एक लम्बी कड़ी को आगे बढ़ाने का कार्य निरन्तर चलता रहा।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में कृषि उत्पादन की विकास दर मात्र 07 प्रतिशत थी। विगत 08 वर्षों में ईमानदारी से किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप आज प्रदेश में हमारा अन्नदाता किसान अपनी मेहनत से 18 फीसदी कृषि विकास दर प्राप्त कर रहा है। तकनीक का उपयोग खेती को सरल बनाने के साथ-साथ उत्पादन को भी बढ़ाता है। वर्ष 1996 से वर्ष 2017 तक के कालखण्ड में अन्नदाता किसानों को जितना गन्ना मूल्य का भुगतान हुआ था, प्रदेश सरकार ने विगत 08 वर्षों में उससे भी अधिक धनराशि अन्नदाता किसानों के खातों में डाली है। अभी हाल ही सरकार ने गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 400 रुपये प्रति कुन्तल कर दिया है। आज प्रदेश का किसान समृद्धि की ओर अग्रसर हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के किसान नई तकनीक अपनाकर अच्छी क्वालिटी के बीज से कम लागत में अच्छा उत्पादन प्राप्त करते हुए प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। हमारे वैज्ञानिकों को भी इस दिशा में कार्य करना होगा। विगत 08 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने केन्द्र के सहयोग से प्रदेश में 20 नए कृषि विज्ञान केन्द्र स्थापित किए हैं। अब प्रदेश में 89 कृषि विज्ञान केंद्र कार्य कर रहे हैं। 09 क्लाइमेटिक जोन में इतने कृषि विज्ञान केंद्र किसी राज्य में नहीं हैं। प्रदेश में सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स विकसित किए जा रहे हैं। कृषि विभाग इस दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि चौधरी चरण सिंह की स्मृति को जीवन्त रखने के लिए लखनऊ में एक सीड पार्क की स्थापना की जा रही है, ताकि किसानों को आधुनिक तकनीक पर आधारित उत्तम क्वालिटी का बीज प्राप्त हो सके। यदि अन्न्दाता किसानों को उत्तम बीज समय पर मिले और खेती करें तो फसल उत्पादन 30 प्रतिशत तक बढाया जा़ सकता है। जनपद बाराबंकी में टिश्यू कल्चर की एक अत्याधुनिक लैब के लिए 31 एकड़ से अधिक भूमि चिन्हित की गयी है। यह लैब किसानों के हित में गन्ना, केला, आलू व अन्य फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने विगत दिनों जनपद बाराबंकी में प्रगतिशील किसान पद्मराम सरन वर्मा के खेतों के भ्रमण की चर्चा करते हुए कहा कि वह जमीन के नीचे आलू और ऊपर टमाटर का उत्पादन कर मुनाफा कमा रहे हैं। शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच के कुछ गन्ना किसानों ने 1,000 कुन्तल प्रति हेक्टेयर उत्पादन करके नया रिकॉर्ड बनाया है। कृषि व गन्ना विभाग के अधिकारियों को उनकी इस तकनीक को प्रत्येक अन्नदाता किसान तक पहुंचाने की आवश्यकता है। अच्छी तकनीक व समय पर अच्छे बीज व खाद से किसान समृद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती में प्रधानमंत्री की विशेष रुचि है। अगर कैंसर, किडनी व लिवर खराब होने जैसी अन्य गम्भीर बीमारियों से बचना है, तो प्राकृतिक खेती ही एकमात्र साधन है। हमें इस दिशा में प्रयास करने होंगे। अन्नदाता किसान अपने खेत में नवाचार को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं। केन्द्र और राज्य सरकार सहयोग करने के लिए तैयार है। पहले निजी नलकूप से जुडे़ किसानों को बिजली के महंगे बिल देने पड़ते थे। राज्य सरकार ने 16 लाख निजी नलकूप से जुड़े अन्नदाता किसानों के बिल को पूरी तरह माफ कर दिया है। राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष लगभग तीन हजार करोड़ रुपये के किसानों के निजी नलकूपों के बिजली बिल का भुगतान पावर कॉरपोरेशन को करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसान की खुशहाली के लिए सहकारिता के माध्यम से संचालित भूमि विकास बैंक द्वारा दिये गये ऋण पर ब्याज दर 11 प्रतिशत से घटाकर 06 प्रतिशत की गयी है। शेष धनराशि का भुगतान सरकार करेगी। किसानों को इसका लाभ लेना चाहिए। अन्नदाता किसानों के हित के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। किसानों के सामने सुरक्षा की कोई चिन्ता नहीं है। डबल इंजन की सरकार किसानों के हितों के संवर्धन करने के लिए सदैव तत्पर होकर कार्य करेगी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उच्चतम उत्पादकता प्राप्त करने वाले किसानों में धान के लिए कमलनाथ, गेहूं के लिए बीजेन्द्र कुमार सिंह, चना के लिए आशीष तिवारी, मटर के लिए राम किशुन, सरसो के लिए हीरालाल, अरहर के लिए रणधीर सिंह, ज्वार के लिए अमरेश कुमार तथा विशिष्ट महिला किसान के रूप में संध्या सिंह को सम्मानित किया।एफ0पी0ओ0 श्रेणी में कुलदीप मिश्रा, विकास कुमार सिंह तथा कृषि वैज्ञानिक डॉ0 धीरज तिवारी को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही व कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, मत्स्य मंत्री संजय निषाद, व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार, उद्यान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मुख्यांश-

मुख्यमंत्री ने किसानों, एफपीओ, कृषि वैज्ञानिकों को किया सम्मानित 

चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर आयोजित ‘किसान सम्मान दिवस’ में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सीएम ने पांच किसानों को दी ट्रैक्टर की चाबी, झंडी दिखाकर 25 ट्रैक्टरों को किया रवाना 

लखनऊ, 22 दिसंबरः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर आयोजित ‘किसान सम्मान दिवस’ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच किसानों को ट्रैक्टर की चाबी भी दी। साथ ही 25 ट्रैक्टरों को झंडी दिखाकर रवाना किया। 

सीएम योगी के हाथों इन किसानों को मिली ट्रैक्टर की चाबी 
सीएम योगी आदित्यनाथ ने जालौन की प्रवेशिका, शाहजहांपुर से उधम सिंह, फतेहपुर से मुकेश, मुजफ्फरनगर से श्रीपाल, लखीमपुर खीरी से जमाइफ खान को ट्रैक्टर की चाबी प्रदान की। 

सीएम ने इन्हें भी किया सम्मानित 
???? कमलनाथ- धान उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र)
???? बिजेंद्र कुमार सिंह- गेहूं उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र)
???? आशीष तिवारी- चना उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र)
???? रामकिशुन- मटर उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र)
???? हीरालाल- सरसो उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र)
???? रणधीर सिंह- अरहर उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र)
???? अमरेश कुमार- ज्वार उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र)

????विशिष्ट महिला किसान का पुरस्कार- संध्या सिंह (75 हजार रुपये, अंगवस्त्र व प्रशस्ति पत्र) 
???? एफपीओ- विकास कुमार सिंह- जया सीड्स कंपनी लिमिटेड वाराणसी (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र) 
???? कुलदीप मिश्र (गोंडा)- बीज विकास निगम में सर्वाधिक बीज सप्लाई करने वाले एफपीओ 
???? औद्यानिक खेती- विकास कुमार सिंह (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र) 
???? कृषि वैज्ञानिक- डॉ. धीरज कुमार तिवारी (कृषि विज्ञान केंद्र, उन्नाव)

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