Lucknow : बाल्मीकि आश्रम के विकास पर 70 लाख रुपये खर्च कर पर्यटन स्थल बनाया जाएगा

मंत्री ने बताया कि प्रदेश में रामायण से जुड़े स्थलों का विकास सरकार की मुख्य प्राथमिकता है। महर्षि बाल्मीकि हमारे आदर्श और पहले कवि हैं। उनके नाम से जुड़ी इस पुरानी

Nov 28, 2025 - 22:10
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Lucknow : बाल्मीकि आश्रम के विकास पर 70 लाख रुपये खर्च कर पर्यटन स्थल बनाया जाएगा
Lucknow : बाल्मीकि आश्रम के विकास पर 70 लाख रुपये खर्च कर पर्यटन स्थल बनाया जाएगा

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इटावा जिले के बडपुरा क्षेत्र में स्थित प्राचीन महर्षि बाल्मीकि मंदिर का विकास करेगा। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास योजना के तहत इस परियोजना के लिए 70 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों की आस्था का सम्मान करती है। महर्षि बाल्मीकि से जुड़े इस पवित्र स्थान का पूरा विकास प्राथमिकता है। सरकार सामाजिक न्याय, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक जागरण पर सक्रिय रूप से काम कर रही है।

मंत्री ने बताया कि प्रदेश में रामायण से जुड़े स्थलों का विकास सरकार की मुख्य प्राथमिकता है। महर्षि बाल्मीकि हमारे आदर्श और पहले कवि हैं। उनके नाम से जुड़ी इस पुरानी धरोहर का संरक्षण संस्कृति और आस्था दोनों के लिए जरूरी है। सरकार का लक्ष्य है कि यह स्थान जल्द पर्यटन और सांस्कृतिक रूप से बड़ा आकर्षण बने। श्रद्धालु और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।

विभाग का उद्देश्य इटावा के धार्मिक पर्यटन को अन्य स्थलों के साथ अलग पहचान देना है। इसी दिशा में बाल्मीकि मंदिर के समग्र विकास की योजना बनी है। परियोजना में मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, आधुनिक बिजली व्यवस्था, साफ शौचालय, सूचना केंद्र और पीने का पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं बनेंगी। इनसे स्थानीय पर्यटन बढ़ेगा और जिले की पुरानी सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिलेगी।

मान्यता है कि इटावा से महर्षि बाल्मीकि का गहरा संबंध था। जिले में यमुना नदी के किनारे बडपुरा क्षेत्र के बेला गांव में उन्होंने लंबा समय बिताया था। इस गांव को उनकी तप स्थली के रूप में जाना जाता है। बाल्मीकि समाधि स्थल पर उनकी मूर्ति और चरण पादुका हैं। इनके दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। रामायण के रचयिता की समाधि यमुना तट पर है।

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इटावा में कई अन्य पर्यटन स्थल हैं जो प्रदेश और बाहर से लोगों को खींचते हैं। इनमें इटावा सफारी पार्क, राजा सुमेर सिंह का किला, राष्ट्रीय चंबल वन्यजीव अभयारण्य, कंपनी गार्डन, यमुना-चंबल संगम स्थल और सरसई नावर वेटलैंड प्रमुख हैं। वर्ष 2024 में इटावा में 12,22,055 पर्यटक आए थे। वर्ष 2025 में जनवरी से मार्च तक ही संख्या बढ़कर 10,39,243 हो गई। विभाग का अनुमान है कि इस वर्ष पर्यटकों की संख्या नया रिकॉर्ड बनाएगी।

यह योजना उत्तर प्रदेश सरकार की धार्मिक स्थलों के विकास की व्यापक पहल का हिस्सा है। जुलाई में घोषित योजना के तहत राज्य भर में कई मंदिरों और आश्रमों का कायाकल्प किया जा रहा है ताकि पर्यटन बढ़े।

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