Hardoi: हरदोई में कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक, 2026 की कार्ययोजना पर हुई चर्चा।
कृषि विज्ञान केंद्र हरदोई प्रथम में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) विवेक
हरदोई। कृषि विज्ञान केंद्र हरदोई प्रथम में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) विवेक कुमार त्रिपाठी, निदेशक प्रसार, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर ने की। बैठक में जनपद के विभिन्न कृषि विभागों के अधिकारी, कृषक एवं कृषक महिलाओं ने भाग लेकर कृषि विकास से जुड़े अनेक सुझाव प्रस्तुत किए। इन सुझावों को वर्ष 2026 की केंद्र की कार्ययोजना में शामिल किए जाने की बात कही गई।
बैठक में मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. ए. के. सिंह ने पशुपालन को कृषि के साथ जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से जमुनापरी नस्ल की बकरी पालन को बढ़ावा देने की सलाह दी। वहीं जिला गन्ना अधिकारी ने गन्ने के साथ सहफसली खेती को अपनाने और गन्ने की नवीनतम प्रजातियों के प्रदर्शन का सुझाव दिया।
जिला उद्यान अधिकारी सुभाष चंद्र ने किसानों को कृषि संबंधी नियमित जानकारी देने के लिए माहवार और दैनिक कार्यों के लिए समूह बनाने की आवश्यकता बताई, जिससे किसान समय-समय पर नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर सकें। इफको के प्रतिनिधि आकाश चोबे ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने तथा जैविक खेती को अपनाने पर बल दिया।
उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी विनीत शुक्ला ने सहफसली खेती और जैविक खेती को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं उप कृषि निदेशक सतीश कुमार पांडे ने जायद सीजन में दलहन, मूंगफली और मक्का के प्रदर्शन लगाने, ऊसर सुधार, पराली प्रबंधन और हाईटेक नर्सरी को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने एफपीओ सदस्यों को प्रशिक्षण देने और प्राकृतिक खेती के प्रदर्शन व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया।
मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) विवेक कुमार त्रिपाठी ने केंद्र की गतिविधियों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए फूलों की खेती और गन्ने में सहफसली खेती के प्रदर्शन को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने केंद्र के प्रक्षेत्र में जायद सीजन में ढैंचा और सनई की खेती, उन्नत बागवानों के बागों में हल्दी, कद्दूवर्गीय सब्जियों और ड्रैगन फल के साथ त्रिस्तरीय खेती को प्रोत्साहित करने की सलाह दी। साथ ही किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करने पर बल दिया।
उन्होंने आगामी बैठक में कम से कम 15 किसानों, कृषक महिलाओं और एफपीओ सदस्यों को आमंत्रित करने का सुझाव दिया तथा केंद्र के सभी कार्यक्रमों की जियो-टैग फोटो लेने के निर्देश भी दिए।
कार्यक्रम की शुरुआत में केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. ए. के. तिवारी ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर स्वागत किया और विगत वर्ष की गतिविधियों तथा वर्ष 2026 की प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी समिति के सदस्यों को दी। बैठक में केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. ए. एच. वारसी, डॉ. प्रिया वशिष्ठ और डॉ. डी. बी. सिंह ने भी अपने-अपने कार्यों की जानकारी साझा की।
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