Trending: PM नरेंद्र मोदी आज से 9 जुलाई तक पांच देशों की महत्वपूर्ण यात्रा पर, ब्राजील में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 से 9 जुलाई 2025 तक एक महत्वपूर्ण आठ दिवसीय पांच देशों की यात्रा पर हैं, जिसमें घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना...

Jul 2, 2025 - 13:33
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Trending: PM नरेंद्र मोदी आज से 9 जुलाई तक पांच देशों की महत्वपूर्ण यात्रा पर, ब्राजील में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 से 9 जुलाई 2025 तक एक महत्वपूर्ण आठ दिवसीय पांच देशों की यात्रा पर हैं, जिसमें घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया शामिल हैं। यह यात्रा भारत के ग्लोबल साउथ के साथ संबंधों को मजबूत करने, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने, और जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस दौरान PM मोदी ब्राजील में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं करेंगे। यह यात्रा, जिसमें कई देशों में दशकों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का दौरा हो रहा है, भारत की वैश्विक कूटनीति और ग्लोबल साउथ में नेतृत्व की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।

  • पहला पड़ाव: घाना (2-3 जुलाई)

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा की शुरुआत 2 जुलाई को घाना से हो रही है, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री का इस पश्चिम अफ्रीकी देश में 30 साल बाद पहला दौरा है। न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, PM मोदी घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामनी महामा के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें आर्थिक, ऊर्जा, रक्षा और विकास सहयोग पर चर्चा होगी। भारत घाना में एक वैक्सीन हब स्थापित करने की योजना बना रहा है, जो घाना की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करेगा। घाना, जो पश्चिम अफ्रीका की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, भारत के लिए महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच 24,000 करोड़ रुपये का व्यापार होता है, जिसमें सोना भारत के आयात का 70% हिस्सा है।

इस यात्रा में PM मोदी घाना की संसद को संबोधित करेंगे और वहां के 15,000 से अधिक भारतीय समुदाय के साथ बातचीत करेंगे। यह दौरा भारत और इकोनॉमिक कम्युनिटी ऑफ वेस्ट अफ्रीकन स्टेट्स (ECOWAS) के साथ-साथ अफ्रीकी संघ के साथ संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। विदेश मंत्रालय के सचिव (आर्थिक संबंध) दम्मू रवि ने बताया कि इस यात्रा में स्वास्थ्य, डिजिटल बुनियादी ढांचे और महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग पर जोर दिया जाएगा।

  • दूसरा पड़ाव: त्रिनिदाद और टोबैगो (3-4 जुलाई)

3 जुलाई को PM मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो पहुंचेंगे, जो 1999 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा होगा। इस कैरिबियाई देश में भारतीय मूल के लोग आबादी का लगभग 40-45% हिस्सा हैं, और राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कांगालू और प्रधानमंत्री कमला पर्साद-बिस्सेसर दोनों भारतीय मूल की हैं। PM मोदी इन नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। 

इस यात्रा का उद्देश्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है, जो 1845 में भारतीय मजदूरों के जहाज ‘फतेल रजाक’ के साथ शुरू हुए थे। भारत और त्रिनिदाद और टोबैगो ने हाल ही में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को अपनाने में सहयोग किया है, और इस दौरे में नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और डिजिटल सेवाओं में सहयोग पर चर्चा होगी। यह यात्रा कैरिबियाई क्षेत्र, विशेष रूप से छोटे द्वीपीय विकासशील देशों (SIDS) के साथ भारत के विकास सहयोग को बढ़ावा देगी।

  • तीसरा पड़ाव: अर्जेंटीना (4-5 जुलाई)

4 जुलाई को PM मोदी अर्जेंटीना पहुंचेंगे, जो 57 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा होगा। वहां वे राष्ट्रपति हाविएर मिलेई के साथ वार्ता करेंगे, जिसमें रक्षा, कृषि, खनन, तेल और गैस, नवीकरणीय ऊर्जा, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर ध्यान केंद्रित होगा। भारत और अर्जेंटीना के बीच 2019 में रणनीतिक साझेदारी स्थापित हुई थी, और यह दौरा इसे और गहरा करेगा। 

अर्जेंटीना में आर्थिक सुधारों के दौर से गुजर रहे इस समय भारत लिथियम, तांबा, शेल तेल और गैस जैसे क्षेत्रों में सहयोग के अवसर तलाश रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार में भारत हाल के वर्षों में शीर्ष पांच व्यापारिक साझेदारों में उभरा है। यह दौरा भारत को दक्षिण अमेरिका में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर देगा।

  • चौथा पड़ाव: ब्राजील (5-8 जुलाई)

5 से 8 जुलाई तक PM मोदी ब्राजील में होंगे, जहां वे रियो डी जनेरियो में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह उनका चौथा ब्राजील दौरा है। ब्रिक्स सम्मेलन में वैश्विक शासन सुधार, शांति और सुरक्षा, बहुपक्षीयता को मजबूत करना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जिम्मेदार उपयोग, जलवायु कार्रवाई, वैश्विक स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों पर चर्चा होगी। PM मोदी कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।  इसके बाद, वे ब्रासीलिया में राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लुला दा सिल्वा के साथ रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। भारत और ब्राजील के बीच 12.2 बिलियन डॉलर का व्यापार है, जो भारत को दक्षिण अमेरिका में सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बनाता है। इस दौरे में रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी, कृषि और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर जोर होगा। 

  • अंतिम पड़ाव: नामीबिया (9 जुलाई)

9 जुलाई को PM मोदी नामीबिया पहुंचेंगे, जो उनका पहला और किसी भारतीय प्रधानमंत्री का 27 साल बाद तीसरा दौरा होगा। वे राष्ट्रपति नेतुम्बो नांदी-न्डैटवाह के साथ वार्ता करेंगे और नामीबिया की संसद को संबोधित करेंगे। इस दौरे में भारत के UPI को नामीबिया में लागू करने और एक IT उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने पर समझौते होंगे। भारत और नामीबिया के बीच व्यापार 2000 में 3 मिलियन डॉलर से बढ़कर अब लगभग 600 मिलियन डॉलर हो गया है। नामीबिया के खनिज संसाधनों, विशेष रूप से महत्वपूर्ण खनिजों, पर सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। 2022 में PM मोदी ने नामीबिया से लाए गए चीतों को मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में छोड़ा था, जो दोनों देशों के बीच सहयोग का प्रतीक है।

यह यात्रा PM मोदी की पिछले दस वर्षों में सबसे लंबी विदेश यात्रा है और भारत के ग्लोबल साउथ में प्रभाव को बढ़ाने की रणनीति को दर्शाती है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा भारत की वैश्विक शासन सुधार, जलवायु कार्रवाई और डिजिटल बुनियादी ढांचे में नेतृत्व की भूमिका को मजबूत करेगा। कांग्रेस ने इस दौरे को लेकर “मणिपुर अशांति और ऑपरेशन सिंदूर की विफलताओं से ध्यान भटकाने” का आरोप लगाया, लेकिन BJP ने इसे भारत की वैश्विक कूटनीति की जीत बताया। एक्स पर कई पोस्ट्स में इस यात्रा को “ग्लोबल साउथ में भारत की धमक” के रूप में देखा गया। यह दौरा भारत को अफ्रीका, कैरिबियाई क्षेत्र और दक्षिण अमेरिका में एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में स्थापित करेगा। 2026 में भारत के ब्रिक्स की अध्यक्षता करने से पहले यह यात्रा वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को और मजबूत करेगी। PM मोदी की यह पांच देशों की यात्रा भारत की कूटनीतिक रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो ग्लोबल साउथ के साथ संबंधों को गहरा करने और ब्रिक्स जैसे मंचों पर नेतृत्व को मजबूत करने पर केंद्रित है। घाना में वैक्सीन हब, नामीबिया में UPI विस्तार, और ब्राजील, अर्जेंटीना व त्रिनिदाद और टोबैगो के साथ रणनीतिक साझेदारी इस दौरे के प्रमुख परिणाम होंगे।

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