Lucknow News: राष्ट्रीय लोक अदालत 10 मई को सफल बनाने हेतु प्री-ट्रायल बैठक सम्पन्न। 

राष्ट्रीय लोक अदालत को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ...

May 6, 2025 - 18:22
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Lucknow News: राष्ट्रीय लोक अदालत 10 मई को सफल बनाने हेतु प्री-ट्रायल बैठक सम्पन्न। 

लखनऊ: राष्ट्रीय लोक अदालत को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ प्री-ट्रायल बैठक का आयोजन पुराना उच्च न्यायालय स्थित मीडिएशन सेंटर, लखनऊ में किया गया। बैठक का उद्देश्य आगामी 10 मई 2025 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों के निस्तारण की प्रभावी रणनीति तैयार करना रहा।

यह बैठक विशेष न्यायाधीश सीबीआई सेंट्रल / नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ बबीता रानी के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया गया।

इस अवसर पर अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ मीनाक्षी सोनकर के साथ मुख्य विकास अधिकारी अजय जैन, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) हनुमान प्रसाद मौर्य, अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव, उप मुख्य चिकित्साधिकारी के.डी. मिश्रा सहित कुल 30 विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जिला प्रोबेशन विभाग, ऊर्जा विभाग (नेडा), श्रम, पंचायती राज, ग्रामीण विकास प्राधिकरण, दिव्यांगजन कल्याण, महिला कल्याण, खाद्य, राजस्व, सिंचाई, कृषि, पशुपालन, शिक्षा, स्वास्थ्य, अल्पसंख्यक कल्याण, नगर निगम, आयुष, जल निगम, उद्यान, बचत, लोक निर्माण, विद्युत, समाज कल्याण, सेवा योजना, युवा कल्याण, बेसिक शिक्षा, लखनऊ विकास प्राधिकरण, क्रीड़ा और सूचना विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

बैठक के दौरान विभिन्न विभागों में लंबित वादों की समीक्षा की गई एवं आगामी लोक अदालत के लिए अधिक से अधिक वादों को चिन्हित करने पर बल दिया गया। साथ ही, राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

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नोडल अधिकारी ने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य विवादों के आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से त्वरित निस्तारण हेतु एक वैकल्पिक मंच उपलब्ध कराना है। लोक अदालत द्वारा पारित निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होता है, जिसके विरुद्ध कोई अपील नहीं होती। लोक अदालत की प्रक्रिया सरल, सुलभ और पक्षकारों के आपसी सहमति पर आधारित होती है।

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