Sitapur : शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब
हर दिन माता का दिव्य श्रृंगार किया जाता है और सुबह-शाम वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजा सम्पन्न कराई जाती है। श्रद्धालु इस दौरान मां की झांकी के दर्शन कर स्व
नैमिषारण्य सीतापुर अठ्ठासी हजार ऋषियों की तपोभूमि नैमिषारण्य में स्थित जगत मां जननी ललिता देवी मंदिर में नवरात्रि की महानवमी पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा है। देश के कोने-कोने से आए भक्त सुबह से ही मां के दर्शन-पूजन के लिए कतारों में खड़े नजर आए।श्रद्धालुओं ने माता की आराधना कर कन्या पूजन और दान-पुण्य का आयोजन किया तथा आशीर्वाद प्राप्त किया। भीड़ को देखते हुए पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है, ताकि दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
- यह है मंदिर की मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जहां-जहां सती के अंग, वस्त्र या आभूषण गिरे, वहां शक्तिपीठ की स्थापना हुई। देवी पुराण में ऐसे 51 शक्तिपीठों का वर्णन मिलता है। कहा जाता है कि नैमिषारण्य स्थित इस पावन धाम पर सती का हृदय भाग गिरा था। मां ललिता देवी को त्रिपुर सुंदरी और राजराजेश्वरी के नाम से भी जाना जाता है। यहां दर्शन-पूजन से विशेष लाभ प्राप्त होता है, यही कारण है कि पूरे वर्ष भक्तों का तांता लगा रहता है। नवरात्रि के पावन अवसर पर मंदिर का महत्व और बढ़ जाता है। नौ दिनों तक मां की विशेष साधना और पूजन-अर्चना होती है।
हर दिन माता का दिव्य श्रृंगार किया जाता है और सुबह-शाम वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजा सम्पन्न कराई जाती है। श्रद्धालु इस दौरान मां की झांकी के दर्शन कर स्वयं को धन्य मानते हैं। बुधवार को महानवमी के पावन अवसर पर हजारों भक्त सुबह से ही नैमिषारण्य पहुंचकर मां का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। कन्या भोज का भी बड़े धूमधाम से आयोजन हो रहा है। पूरा परिसर जय माता दी के जयकारों से गूंज रहा है और भक्तिमय माहौल में लोग मां ललिता देवी की आराधना में लीन हैं।
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