Prayagraj : मगहर में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने छोड़ा माघ मेला, दुखी मन से काशी रवाना
पत्रकारों के सवालों पर उन्होंने बताया कि कल माघ मेला प्रशासन की ओर से एक पत्र और प्रस्ताव मिला था। इसमें कहा गया था कि पूरे सम्मान के साथ पालकी से संग
प्रयागराज में करीब 11 दिन की उठापटक और तनाव के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेला छोड़ दिया। वे प्रयागराज से काशी के लिए रवाना हो गए। सुबह मेला क्षेत्र में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि दुखी मन से माघ मेला छोड़कर जा रहे हैं।
पत्रकारों के सवालों पर उन्होंने बताया कि कल माघ मेला प्रशासन की ओर से एक पत्र और प्रस्ताव मिला था। इसमें कहा गया था कि पूरे सम्मान के साथ पालकी से संगम ले जाकर स्नान कराया जाएगा और फूल बरसाए जाएंगे। उन्होंने प्रस्ताव ठुकरा दिया। तर्क दिया कि दिल में दुख और गुस्सा हो तो पवित्र पानी भी शांति नहीं दे पाता।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। वकील गौरव द्विवेदी ने चीफ जस्टिस को लेटर पिटीशन भेजकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। माघ मेला 15 फरवरी तक चलेगा। अभी माघी पूर्णिमा 1 फरवरी और महाशिवरात्रि 15 फरवरी को बाकी हैं। माना जा रहा है कि विवाद के कारण शंकराचार्य ने मेला 18 दिन पहले छोड़ दिया।
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